Alone Shayari in Hindi | अकेलापन शायरी

Hello friends in this post we are going to share alone shayari in hindi which you will definitely like. You can also share these shayari with your girlfriend or boyfriend to express your loneliness.

Sometime in our life we feel very alone and lonely so for this we are writing this post and while reading these shayari you will be able to feel the pain. So friends without wasting anytime let’s start this post.

Alone Shayari in Hindi

अकेलापन शायरी

Alone Shayari in Hindi

1
अकेला हूं जिंदगी में अब किसी की फिक्र नहीं
मुझे अब किसी पर भरोसा नहीं
लोग करते हैं हमेशा धोखेबाजी
मुझे अब किसी पर ऐतबार नहीं।।

2
जो करना है अकेले करना है
अब किसी का साथ नहीं लूंगा
मदद के नाम पर
लोगो का अब अहसान नहीं लूंगा।।

3
जिंदगी मेरी मुझसे रूठ गई है
मुझसे कब का नाता तोड गई है
कोई नहीं है अब मेरा
वो मेरा साथ कब का छोड़ गई है।।

4
अकेला पड़ गया हूं जिंदगी मै
जब से वो चली गई गई है
मेरा साथ छोड़कर
किसी ओर के पास चली गई है।।

5
मेरे हिस्से मै कभी खुशी नहीं आती
मै तो हमेशा ग़म मै रहा करता हूं
लोग कहते है मुझे बेदर्द पागल
उन्हे क्या पता मै तन्हा रहा करता हूं।।

6
ये अकेलापन मुझे खाए जा रहा है
मेरी जान लिए जा रहा है
अब कोई नहीं है मेरा इस दुनिया मै
ये मुझे पागल बनाए जा रहा है।।

7
कुछ रास्तों पर अकेले ही चलना पड़ता है
हर मुश्किल का सामना करना पड़ता है
कोई रहे या ना रहे आपके पास
आपको उसके बिना जीना ही पड़ता है।।

8
लोग कहते है मै बदल चुका हूं
उन्हे कैसे बताऊं मै अब अकेला हो चुका हूं
किसी से नहीं करता मै अब बात
जिंदगी से कबका नाता तोड चुका हूं।।

9
जिंदगी मै बहुत ग़म मिले है
मुझे तो हर रहा पर कांटे मिले है
जिसने भी समझा मुझे पत्थर ही समझा
मुझे दिल लगाने वाले बहुत कम मिले है।।

10
मेरी जिंदगी मै एक सवाल आता है
ये किस्सा बार बार आता है
कोई नहीं है मेरा अब दुनिया मै
मुझे किसी पर प्यार नहीं आता है।।

11
वो मुझे छोड़कर चली गई
मै उससे कुछ कह नहीं पाया
मेरी जिंदगी के वो प्यारे पल
मै उसके साथ कभी जी नहीं पाया।।

12
अब ये रात मुझे कहा अपनी लगती है
हर पल उसका ही ख्याल आता है
वो अब कोई नहीं लगती मेरी
मुझे उसका है ग़म सतात्ता है।।

13
यादें बड़ी तकलीफ देती है
तनहाई का दर्द देती है
जाने वाले चले जाते है हमे छोड़कर
वो हमे अकेलेपन का अहसास देती है।।

14
आज मैं बड़ा परेशान है
कुछ समझ नहीं आ रहा
मेरी जिंदगी का एक हिस्सा उसके साथ चला गया
मुझे अब उसके बिना रहा नहीं जा रहा।।

15
किसी दिन मेरी तनहाई मेरी जान ले लेगी
मै इस दुनिया से चला जाऊंगा
कोई नहीं है मेरे पास तो मेरा
पर मै सबसे दूर चला जाऊंगा।।

16
खुद से बातें करता हूं अब
मेरे पास मेरा महबूब ना रहा
अकेला पड़ चुका हूं मै
इस दुनिया की भीड़ मै
मेरा अब कोई अपना नहीं रहा।।

17
ये शाम की उदासी मुझे बड़ा रुलाती है
हर पल तकलीफ दे जाती है
मै रहता हूं उसकी यादों मै हमेशा
पर वो कभी ना मेरे पास आती है।।

18
मै उसे अपनी जान कहता था
पर अब मै उसे अपना भी कह नहीं सकता
वो जिंदगी थी मेरी यारों
मै अब उसके बिना रह नहीं सकता।।

19
अकेलेपन का दर्द वहीं जानता है
जिसने सब कुछ सहा हो
किसी को खुद से ज्यादा प्यार किया है
किसी का जिंदगी भर इंतज़ार किया हो।।

20
मेरे पास अब केवल तनहाई बची है
खुशी का कोई रास्ता नहीं है
हर मंजिल जाती है अंधेरी की तरफ
सूरज का कोई उजाला नहीं है।।

21
वो भी बड़ा गजब कर गए
हमारे साथ दगा कर गए
हम बैठे रहे उनके इंतज़ार मै
वो किसी ओर से वफ़ा कर गए।।

22
अकेला हूं आज किसी का साथ नहीं है
दर्द मै किसी का भी हाथ नहीं है
लोग क्या कहते है मुझे अब फर्क नहीं पड़ता
मुझे अब किसी की फिक्र नहीं है।।

23
अपने ग़म खुद सह लूंगा
मै सबसे किनारा कर लूंगा
जिन्होने नहीं दिया साथ मेरा
मै अब उनसे दूर रह लूंगा।।

24
अकेलेपन ने मुझे इतना सिखाया है
कोई अपना खास नहीं होता
लोग खेलते है आपके दिल से
जब उनका टाइम पास नहीं होता।।

25
ये अकेलापन अब मुझे रास आ रहा है
मेरी दुनिया मै कोई खास ना रहा है
अब ऐसे ही अच्छा हूं मै सनम
मुझे दुनिया मै किसी पर भरोसा नहीं रहा है।।

26
हर तरफ से मेरे पास दर्द चला आता है
मुझे कुछ ना कुछ सीखा जाता है
लोग क्या कहते है फिक्र नहीं अब
मुझे मेरी तनहाई मै ही मजा आता है।।

27
खुदा मेरे हिस्से मै दर्द देता है
मुझे अकेलेपन से भर देता है
मेरी हिस्से मै नहीं आती खुशियां कभी
वो तो मुझे बस दर्द देता है।।

28
अब तो दर्द की इंतहा हो चुकी है
अब सहा नहीं जाता
मुझे उसके बिना अब रहा नहीं जाता
कोई तो ले आओ उसे वापस
मुझसे तो अब मरा भी नहीं जाता।।

29
मैने सोचा था सब सह जाऊंगा
मै उसके बिना अकेला भी रह जाऊंगा
पर मै उसके बिना रह नहीं सकता
उससे जुदाई का दर्द सह नहीं सकता।।

30
अब ये दुनिया मुझे रास आने लगी है
मुझे ये तनहाई अब खाने लगी है
किसी रोज मर जाऊंगा मै एक दिन
मेरे पास अब मौत आने लगी है।।

31
अकेलेपन मै इन्सान अंदर से मर जाता है
मुझे कुछ दिखाई नहीं देता
लोग कहा रहते है उसे पता नहीं
उसे तो दिन मै नहीं उजाला दिखाई नहीं देता।।

32
मेरे हिस्से की हर खुशी उसे से दूंगा
मै उसके बिना अकेला भी रह लूंगा
उसे ख़ुश रखना ए खुदा
मै ये तन्हाई का दर्द भी सह लूंगा।।

33
मेरी जिंदगी मै कुछ लोग अहमियत रखते थे
वो मुझसे मोहब्बत रखते थे
सब जा चुके हैं मुझे छोड़कर
मुझसे अब वह कोई रिश्ता नहीं रखते हैं।।

34
हर दिन ऐसे ही गुजर जाता है
हर रात गम मै कट जाती है
कोई नहीं है मेरे पास अब
मेरे हिस्से मै कहा जिन्दगी आती है।।

35
हमारे पास तो अब ग़म बचा है
मोहब्बत तो कब की खतम हो गई
जब से गई है वो मुझसे दूर
मेरी तो जिन्दगी बर्बाद हो गई।।

36
तनहाई का दर्द अब हद से ज्यादा बढ़ चुका है
अब मेरी रातें मुझे दर्द दिया करती है
कोई नहीं है अब मेरे पास
वो मुझसे हिसाब किया करती है।।

37
उनका जाना हमे तकलीफ दे गया
हमे जिन्दगी भर का दर्द दे गया
अब अकेला है मै मेरी जां
डाकिया मुझे तेरा पुराना खत दे गया।।

38
अब नहीं रखता किसी से रिश्ता
मेरा अब यकीन उठ चुका है
मोहब्बत नहीं करता मै उससे अब
मेरा मोहब्बत पर से विश्वास उठ चुका है।।

39
दिल की को सुनता है
वो तो आज भी मायूस बैठा रहता है
मै पड़ा रहता हूं एक कोने मै
वो अपने आशियाने मै रोता रहता है।।

40
दुनिया अब मुझे अपनी नहीं लगती
मुझे अब वो सच्ची नहीं लगती
उसके जाने के बाद हुआ हूं मै ऐसा
मुझे अब ये दुनिया अच्छी नहीं लगती।।

41
अकेला रह चुका हूं मै
हर दर्द सह चुका हूं मै
अब जिन्दगी को मै भी बता दूंगा
उसे उसकी ओकात दिखा दूंगा।।

42
अकेले मै दीवारों से सर फोड़ लिया करता हूं
मैं उसकी बाते भी खुद से कर लिया करता हूं
अब कोई नहीं है मेरा दुनिया वालो
मै अकेले मै छुपकर रो लिया करता हूं।।

43
अकेलापन मुझे खाए जा रहा है
अंदर से रुलाए जा रहा है
कोई नहीं है अब मेरा मुर्शीद
वो मुझे अब पागल बनाए जा रहा है।।

44
अकेला ही चल पड़ा हूं अब रास्तों पर
मुझे मंजिल की फिक्र नहीं
आज से अकेला हूं मै
मेरी जिंदगी मै अब मोहब्बत का जिक्र नहीं।।

45
लोग कहते है मै बदल चुका हूं
अपने आप का बर्बाद कर चुका हूं
वो नहीं जानते मै मोहब्बत करता था
इसलिए हर दर्द सह चुका हूं।।

46
ओर कितना सताएगी जिन्दगी तू मुझे
मेरी जान ही ले लेगी ना
मुझे अब उसकी भी फिक्र नहीं
तू मेरी जिन्दगी छीन लेगी ना।।

47
हर तरफ से मुझे मारा जाएगा
हर घर से मुझे भगाया जाएगा
अब पागल कहकर मुझे
पत्थर भी मारा जाएगा।।

47
अकेलापन बहुत दर्द देता है आज पता चला
किसी का जाना बहुत दर्द देता है आज पाया चला
जिसको कहते है जिन्दगी हम मुर्शीद
उसकी तन्हाई का आज पता चला।।

48
रात दिन रोता हूं मै पर वो कभी नहीं आती
मेरे खबर लेने अब उसकी कोई चिट्ठी नहीं आती
कोई तो बता तो उसको मर रहा हूं मै
मेरे पास अब कोई खुशी नहीं आती।।

49
अकेला रह चुका हूं मै दर्द भी सह चुका हूं मै
अब मुझे ओर बर्दास्त नहीं किया जाता
मुझे तो मौत भी नहीं आती ए खुदा
मुझे अब ये जीवन जिया नहीं जाता।।

50
कुछ आदतें बुरी होती है उनको कभी लगाना नहीं चाहिए
किसी से मोहब्बत कभी करनी नहीं चाहिए
वो चली जाती है एक दिन छोड़कर हमें
किसी को अपनी जिंदगी बनाना नहीं चाहिए।।

51
बहुत तकलीफ होती है मुझे उसके जाने से
पर मै अब कुछ कर नहीं सकता
अकेला रहना ही लिखा है मेरी किस्मत मै
मै इसे अब बदल नहीं सकता।।

52
तनहाई है मेरे हिस्से मै कुछ बचा नई है
दिल तो कब का मर चुका है
अब उसमे किए प्यार भी रहा नहीं है।।

53
हर शाम उसकी याद मै गुजर जाती है
हर रात तन्हा गुजर जाती है
सोता नहीं हूं मै रातो मै कभी
हर चांदनी रात दर्द मै गुजर जाती है।।

54
उसकी यादों का साया इस कदर बस चुका है
मुझे वो अब पागल कर चुका है
कोई नहीं है मेरा जिंदगी मै अब
वो मुझसे किनारा कर चुका है।।

55
मेरा महबूब जा चुका है पर दिल मानता नहीं है
उसकी यादों को ये छोड़ता नहीं है
मुझे होती है हर पल तकलीफ मुर्शीद
ये दर्द मुझे छोड़ता नहीं है।।

56
कभी तो मेरे हिस्से मै भी खुशी आएगी
कभी तो मेरे पास भी जिन्दगी आएगी
आज नहीं है कोई मेरे पास तो क्या हुआ
कभी तो खुदा की रहमत मेरे घर आएगी।।

57
अब तक अकेला रहना अच्छा लगता है
अब किसी की फिक्र नहीं रही
उसकी याद तो साथ है मेरे
पर अब वो मेरे दिल मै ना रही।।

58
दर्द जब हद से बढ़ जाता है
मै कही दूर चला जाता है
अकेला होता हूं मै इस कदर
मेरी मौत का मातम मनाता हूं।।

59
हर रात उस कमबख्त की याद आती है
मुझे फिर से रुला जाती है
अकेला हूं मै अब उसके बिना
ये मुझे याद दिला जाती है।।

60
जिन्दगी तो उससे थी मेरी अब जीने का सहारा नहीं रहा
लोग तो है मेरे पास पर उस जैसा कोई नहीं रहा
उससे दिल का रिश्ता था मेरा यारो
उसके बिना मेरे जिन्दगी मै सवेरा ना रहा।।

61
मेरी हर बात उसे याद रहती है
मेरी हर खुशी उसे याद रहती है
अब अकेला हूं मै दर्द मै
ये उसे क्यों याद नहीं रहती है।।

62
उदास शामे ओर दर्द भरी रातें
अब मेरी जिन्दगी का हिस्सा बन चुकी है
जो मोहब्बत की कहानियां थीं मेरी
अब वो सिर्फ एक किस्सा बन चुकी है।।

63
कोई नहीं है मेरा दुनिया मै
मै अब किसी से रिश्ता नहीं रखता
अकेला रहता हूं मै जहां वालो
मै अब उसको दिल मै नहीं रखता।।

64
दर्द इससे ज्यादा क्या बढ़ जाएगा
मेरी जान से ज्यादा क्या जाएगा
अब मौत की भी परवाह नहीं मुझे
मेरे हिस्से मै क्या ग़म आएगा।।

65
ख़ाली मकान मै अकेली रातों को जश्न मनाता हूं
मै अब खुद से दूर चला जाता है
जिन्दगी से मिले एक अरसा हो गया मुझे
मै अब खुद दर्द के पास चला जाता हूं।।

66
मेरी खुशियां किसी से देखी नहीं गई
मेरे हिस्से का प्यार देखा नहीं गया
इसलिए दे गया वो मुझे दर्द
उससे मेरी मोहब्बत का इजहार देखा नहीं गया।।

67
कोन आता है मेरे पास
सब दूर चले जाते है
टूटा हुआ कांच हूं अब मै
सब मुझसे अब दूरी बनाते है।।

68
मेरे पास अब कुछ बचा नहीं है
मै तो जिंदा लाश बन चुका हूं
कोई नहीं है अब मेरे पास
मै तो कब का मर चुका हूं।।

69
अब मुझे किसी से कुछ नहीं चाहिए
अब मुझे किसी का साथ नहीं चाहिए
सबकी ओकात देख चुका हूं मै
अब मुझे किसी का प्यार नहीं चाहिए।।

70
लोग मुझे छोड़कर जाते है अब
पर मुझे फर्क नहीं पड़ता
ये तनहाई मुझे क्या रुला देगी
मुझे अब इस दर्द से फर्क नहीं पड़ता।।

71
मै अब दर्द मै जी लिया करता हूं
हर ग़म सह लिया करता हूं
क्या करू मै अब मुर्शीद
मै उसके बिना भी रह लिया करता हूं।।

72
इस रात भी बहुत रोया मै
पर हर दिन की तरह सवेरा हो गया
वो तो आज भी नहीं आया यारो
मेरा फिर से रात जगेरा हो गया।।

73
असली दर्द तो वो बाते देती है
जो उसने कही थी
कभी मुझसे करके प्यार का इजहार
उसने मुझे अपनी जान कही थी।।

74
अब कैसे बता दू मै सबको
मेरे दर्द की वजह
मै इसे बेवफा नहीं कह सकता
ये दर्द तो मेरे हिस्से मै लिखा था
मै उसे इसका जिममेदार नहीं कह सकता।।

75
दिल तो टूट चुका है अब ओर क्या हो जाएगा
मै मर जाऊंगा इससे ज्यादा क्या हो जाएगा
कोई नहीं है मेरा मेरे पास अब
मेरे खुशी का अब अंत हो जाएगा।।

76
कभी किसी एक को जिन्दगी मत मानो
बहुत पछताना पड़ता है
अकेले गुजर जाती है जिन्दगी
हमे मौत को गले लगाना पड़ता है।।

78
तन्हा रातें है मेरी हर तरफ दर्द का आलम है
हाथ मै जाम है मेरे पर दिल मै ग़म का आलम है
उसकी यादे है मेरे दिल मै इस कदर
हर तरफ तन्हाई का आलम है।।

79
अब मै किसी से बात नहीं करता
चुप हो गया हूं
पहले बोला करता था बहुत
अब मै खामोश हो गया हूं।।

80
गुमसुम रहने लगा हूं मै अब
मै क्या करू मुझे समझ नहीं आता
इस दर्द का अंत कब होगा खुदा
मेरे पास मेरा सनम क्यों नहीं आता।।

81
एक दिन वो भी आएगा जब मै इस दुनिया से चला जाऊंगा
सारे रिश्ते नाते पीछे छोड़ जाऊंगा
ये तन्हाई मुझे कर गई है बर्बाद
मै ये सबको बता जाऊंगा।।

82
एक ही खुशी थी मेरी जिन्दगी मै
वो भ मुझे छोड़कर चली गई
मुझसे सारे रिश्ते नाते
तोड़कर चली गई।।

83
अब हर राह पर अकेले चलना है
मुझे सारे ग़म खुद सहना है
मंजिल मुझे भी मिल जाएगी एक दिन
तक तक मुझे भी अकेला रहना है।।

84
मेरे हिस्से मै एक ही भी खुशी नहीं आती
एक रात अच्छी नहीं आती
सवेरा तो होता है मगर
जिन्दगी की एक सुनहरी किरण नहीं आती।।

85
मै कुछ लोगो से जो दूर रहा करता हूं
मै उन्हे के जैसा अब बना करता हूं
जो मुझे छोड़ गए थे अकेला
मै अब उन्हे रिश्ता नहीं रखा करता हूं।।

86
एक दिन मै जब दर्द से भर जाऊंगा
कही दूर अकेले मै जाऊंगा
कुछ देर वहां रहूंगा
फिर सुकून से भगवान के पास जाऊंगा।।

87
भगवान हमे सहारा नहीं देता
हमारी कश्ती को किनारा नहीं देता
हर वक्त रहता हूं मै तो दर्द मै
वो मुझे खुशी का एक पल नहीं देता।।

88
तुम पास नहीं हो मेरे अब
मै ये जानता हूं
अपने हर गम को अब मै
अपनी किस्मत मानता हूं।।

89
अकेला हूं तन्हा हूं, मुझे पागल करार दिया गया
अब मै रहता हूं दर्द मै मुझे बेवफा करार दिया गया
वो तो जा चुकी है मुझे छोड़कर अब
पर दुनिया मै मुझे धोखेबाज करार दिया गया।।

90
मै क्या कर पाऊंगा उसकी खुशी के लिए
वो तो अब जा चुकी है
मुझे अकेला छोड़कर
किसी ओर को सनम बना चुकी है।।

91
अब मेरे दर्द का अंत कर दो
या जिन्दगी मेरे नाम कर दो
मुझे अब जीना नहीं है
इस दर्द से अच्छा मौत मेरे नाम कर दो।।

92
तुम्हारे बिना किसी काम मै मन नहीं लगता
मै तो कब का तुम्हारा हो चुका था
अपनी हर खुशी मै तो कब का
तुम्हारे नाम कर चुका था।।

93
अब मुझे कभी छोड़कर नहीं जाना
ये अब मै अकेला कह लिया करता हूं
मैने बहुत रोका था उसे जाने से
पर अब मै उसके बिना रह लिया करता हूं।।

94
जी तो रहा हूं मै मगर जिंदा नहीं हूं
मै उसकी किसी बात पर शर्मिंदा नहीं हूं
उसने तो कहा था मुझे, छोड़कर चली जाऊंगी
पर मै उसके बिना अब जिंदा नहीं हूं।।

95
वो तो जा चुकी है अब
मेरे पास सिर्फ तन्हाई रह गई है
कोई नहीं बचा अब मेरे पास
सिर्फ उसकी यादे रह गई है।।

96
कुछ लोग दिल के करीब हो जाया करते है
वो हमारे अपने हो जाया करते है
उनका जाना हमे तकलीफ देता है
वो हमारी जान हो जाया करते है।।

97
अब क्या फिक्र करू मै उसकी
मुझे तो खुद का होश नहीं रहा
मै कहा रहता हूं अब इस दुनिया मै
मुझे तो उसका अब पता भी नहीं रहा।।

98
जिन्दगी से बहुत दूर निकल आया हूं मै
सबसे रिश्ते तोड यहां आया हूं मै
अब नहीं रहना मुझे वहां
इसलिए मौत को गले लगाने आया हूं मै।।

99
तन्हाई दर्द देती है मुझे
मै अब उसका कुछ कर नहीं सकता
मै तो रह लेता हूं उसके बिना यारों
पर उसकी यादों को भुला नहीं सकता।।

100
मेरी जिन्दगी मै जो लोग मायने रखते थे
वो उन सब मै सबसे उपर थी
वो मेरे दिल के करीब मेरे दिल को धड़कन थी
उसके जाने से अकेला हो गया हूं मै
मेरी जान उसमे बसा करती थी।।

101
अब नहीं रहना इस दुनिया मै
मै यहां से जान चाहता हूं
ग़म बहुत है मेरे पास अब
मै कुछ देर अकेला रहना चाहता हूं।।

102
हर शाम साथ बिताया करता हूं
मै उसकी यादों को याद किया करता
तन्हा रातें है तो क्या हुआ
मै उससे अब भी प्यार किया करता हु।।

103
मैने उससे प्यार करना कभी बंद नहीं किया
मैने उसे कभी खुद से दूर नहीं किया
वो नहीं है अब मेरे पास जानता हूं
पर मैने उसके सिवा किसी से प्यार नहीं किया।।

104
अब हर रास्ते पर अकेला चलना है
मुझे दुनिया से दूरी बनाकर रखना है
लोग देते है हमेशा धोका
मुझे इनसे अब दूर रहना है।।

105
मै अकेला हूं अब मेरी ये ताकत है
किसी की जरुरत नहीं ये मेरी जिन्दगी है
मै इसे अपने हिसाब से जियुंगा
मुझे अब किसी की फिक्र नहीं है।।

106
मै रहता हूं अपनी मस्ती मै
किसी से बात नहीं करता
लोग कहते है मुझे बुरा
तो मै भी अब किसी से
मुलाकात नहीं करता।।

107
मेरे अकेलेपन ने मुझे सिखाया है
किसी पर बोझ नहीं बनना चाहिए
किसी से करो अगर प्यार
तो उसे जिन्दगी नहीं बनाना चाहिए।।

108
हर तरफ उसकी याद है अब
मै अकेला कहा रहता हु
उसके बिना जिंदा हु मै
पर खुश कहा रहता हूं।।

109
कभी कभी मुझसे जिन्दगी रूठ जाती है
वो मेरे पास नहीं आती है
मै कितना भी कह लू उसे अपना
वो मुझे छोड़कर चली जाती है।।

110
अब मुझसे भी रहा नहीं जाता
ये ग़म अब सहा नहीं जाता
मुझे मार दो दुनिया वालो
मुझसे अब दर्द मै रहा नहीं जाता।।

111
खोया खोया सा रहता हूं मै अब
मुझसे तो खाना भी नहीं खाया जाता
उसके बिना अकेला हो चुका हूं मै
मुझसे अब दर्द मै रहा भी नहीं जाता।।

112
कभी कभी अकेले रहना
आपको बहुत कुछ सीखा जाता है
आपको अपनी जिंदगी से मिलवा जाता है
किसी को फिक्र नहीं रहती उस समय
वो आपको जीवन का मतलब समझा जाता है।।

113
अब मै नहीं रहा करता उदास
अब मै खामोश रहा करता हूं
जो नहीं करते मुझसे बात
मै भी अब उनसे दूर रहा करता हूं।।

114
जिस रास्ते पर कोई नहीं जाता
मुझे वहां जाना है
अब हर सफर मुझे अकेले ही निभाना है
कोई नहीं है मेरा मुझे खुद मंजिल तक जाना है।।

115
अब कोई साथ नहीं है तो क्या हुआ
मै अकेला ही दम रखता हूं
अपनी मंजिल तक जाने का
हर हुनर अपने पास रखता हूं।।

116
अब तो बस दर्द बचा है मेरे पास
मै किसी के काम नहीं आ सकता
लोग क्या कहते है अब मुझे पागल
मै खुद अब इन्सान नहीं बन सकता।।

117
उसकी याद ने मुझे इस कदर तड़पाया है
मुझे रुलकार किसी ओर को गले लगाया है
अब मै रहता हूं अकेला हमदम
उसने किसी ओर को अपना हमसफर बनाया है।।

118
एक जिन्दगी मै गुजार आया हूं
हर रिश्ते को पीछे छोड़ आया हूं
अब नहीं करता मै दिल्लगी
दर्द से नाता तोड आया हूं।।

119
अब किसी के पास नहीं जाता
ये ग़म दूसरो के हिस्से मै नहीं आता
मै ही मिलता हूं इसे परेशान करने को
ये सिर्फ मुझे ही सताता।।

120
अब क्या लिखूं मै अपने दर्द को
लोग मजाक समझ लेते है
वो मेरे तनहाई को अब
उसकी मोहब्बत का नतीजा समझ लेते है।।

121
कुछ लोग है मेरे पास कुछ पीछे छूट गए
इस दुनिया मै बहुत रिश्ते नाता तोड़ गए
मेरा तो अब कोई नहीं रहा मेरी जां
अब तो किस्मत के सितारे भी मेरा साथ छोड़ गए।।

122
मेरे हिस्से मै जो खुशी आती है
वो अब नहीं आती
मै तो रहता है अकेला
जिन्दगी मुझसे मिलने नहीं आती।।

123
शाम कि ये हवा उसका एहसास करा जाती है
मुझे उसके करीब करा जाती है
जब उठता हूं मै ये सपना देखकर
तनहाई मुझे फिर गले से लगा जाती है।।

124
सुबह की खुशी शाम तक रह नहीं पाती
जिन्दगी मुझसे कभी मिल नहीं पाती
मै कोन होता हूं उसका
वो मुझे ख़ुशी दे नहीं पाती।।

125
हर रात दर्द मै गुजर जाती है
हर शाम मेरी बुझ जाती है
कब से नहीं देखा मैने सवेरा
मेरे हिस्से मै सिर्फ काली रात आती है।।

126
अब इन रातों से दोस्ती हो चुकी है मेरी
अब मुझे कुछ भाता ता नहीं है
मै कहा रह पाता हूं उसके बिना
मुझे जिन्दगी जीना अब आता नहीं है।।

127
जिन्दगी की राह पर परेशानी बहुत है
हर इन्सान के आंख मै पानी बहुत है
लोग तो अब रोते भी नही है
वरना तो यहां ग़म की आंधी बहुत है।।

128
मै तो अब सब सह चुका हूं
मेरा अब ये दर्द कुछ बिगाड़ नहीं सकता
लोग क्या कहते है मुझे फर्क नहीं पड़ता
मेरे किस्मत मै लिखा खुदा मिटा नहीं सकता।।

129
अपने ग़म को इस कदर बांट चुका हूं मै
कभी दिन मै कभी रात मै रख चुका हूं मै
अब रोता भी नहीं हु मै
क्युकी अब अंदर से मर चुका हूं मै।।

130
आंख का आंसू भी अब तो अपना नहीं रहा
किसी ओर से शिकायत करे
जो कभी लगता था हमारा ख्याल
वो अब हमारे पास ना रहा तो किसी
किसी ओर से क्या सवाल करे।।

131
जिन्दगी मै बहुत कुछ खो चुका हूं मै
अब मुझमें कुछ बाकी ना रहा
मै तो अब बेदर्द बन चुका हूं
मुझ मै अब प्यार बाकी ना रहा।।

132
मै रातों मै अब सोता नहीं हूं
अब मै जाम पीता नहीं हूं
उसकी यादों का ही नशा रहता है
मै तो अब उसके बिना मरता भी नहीं हु।।

133
जिन्दगी मुझसे दूर जा रही है मुझसे नाता तोड रही है
मै क्या लिखूं अब अपने दर्द को यारो
अब तो मेरी सांसे भी साथ छोड़ रही है।।

134
सब छोड़ चुके है मेरा साथ अब
अब मुझे भी किसी का हाथ नहीं चाहिए
अकेला ही अच्छा हूं मै
मुझे अब कोई हमसफर नहीं चाहिए।।

135
मै तो नहीं रहता अब उसकी याद मै
मुझे तो होश ही नही है
मै तो कब का बर्बाद हो चुका हूं
मेरा महबूब मेरे पास नहीं है।।

136
अब ये दर्द मुझे अच्छा लगता है
मुझे अकेले रहने की आदत हो गई है
अब कोई नहीं रहे मेरे पास गम नही
मुझे उसके बिना जीने की आदत हो गई है।।

137
मेरी जिन्दगी को उसके नाम कर चुका हूं
मै उसको दिल मै बसा चुका हूं
अब कोई नहीं रहता मेरे दिल मै
उसके जाने से मै अकेला हो चुका हूं।।

138
ये ग़म मुझे खाए जा रहा है
मुझे अन्दर से मारे जा रहा है
कोई नहीं है मेरा अब
मुझे दुनिया से दूर किए जा रहा है।।

139
इस तन्हाई ने मुझे अकेला कर दिया
उसकी याद ने मुझे पागल कर दिया
अब मै रहता हूं दर्द मै
उसने मुझे खुद से दूर कर दिया।।

140
कुछ लोगो को जिंदगी रास नहीं आती है
मेरे किस्मत मै कभी खुशी नहीं आती है
जिसको करता हूं जान से ज्यादा प्यार है
वो ही मुझे दर्द दे जाती है।।

Final Words:

So friends these are the best Alone shayari in hindi, We really hope that you loved all these shayari and if you really liked it then please give this post 1 like and do share with your loved ones.

Apart form this please check our other shayari as they are also very good. Thank you.

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