Badmashi Status in Hindi | बदमाशी स्टेटस

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Badmashi Status in Hindi

बदमाशी स्टेटस

badmashi status in hindi

1
बदमाश ज्यादा ना बना करो
हम तुमसे ज्यादा बदमाशी जानते हैं
तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे
हम तुमसे ज्यादा गुंडागर्दी करने जानते है

2
इतनी आसानी से मैं हार नहीं मानता
मैं कभी किसी का पीछा नहीं छोड़ता
जो एक बार छोड़ देता है मुझे
फिर मैं उसको ऐसे ही नहीं छोड़ता

3
बिना फालतू में किसी से मैं कुछ कहता नहीं हूं
मैं लोगों के मुंह लगता नहीं हूं
पर जो एक बार बुरा बोल देता है मुझे
फिर मैं तो अभी उसे जीवन में दोबारा देखता नहीं

4
अपने काम से काम रखता हूं
मैं किसी का बुरा नहीं सोचता
लोग बोलते हैं मेरे बारे में बुरा
पर मैं उनको बिल्कुल भी भाव नहीं देता

5
अपनी जिंदगी को मैं अपने अनुसार जीता हूं
मैं किसी की बात नहीं मानता इसीलिए
लोग बदमाश कहते हैं मुझे
क्योंकि मैं उनके तलवे नहीं चाहता

6
अगर तुम मेरे बारे में बुरा सोचते हो
तो बुरा सोचते रहो मुझे घंटा फर्क नहीं पड़ता
क्योंकि मैं किसी के बाप के दम पर नहीं बना हूं
खुद के दम पर बना हूं,,,,,,,,,,
इसलिए मुझे तुम्हारी बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता

7
तुम मेरा कितना भी बुरा कर लो पर कुछ उखाड़ नहीं पाओगे क्योंकि मैं किसी की बाप से डरता नहीं हूं
तुम मुझे कभी भी डरा नहीं पाओगे

8
मैं आज तक नहीं डरा किसी से तो अब क्या डर जाऊंगा
तुम मेरा क्या बिगाड़ लोगे
पर मैं तुम्हारा बहुत कुछ बिगाड़ जाऊंगा

9
आज तक मुझे बहुत से ऐसे लोग मिले हैं
जो शायद मुझे नहीं जानते,,,,,,,,,
पर फिर भी वह मुझे मेरे नाम से जानते हैं शक्ल से नहीं जानते
क्युकी पहचान है हमारी हर जगह
इसीलिए लोग हमे है पहचानते

10
हमारी पहचान का अंदाजा इसी बात से लगा लेना
कि जब जब हमारा नाम आता है
लोग खड़े होकर हमें सलाम ठोकते हैं

11
किसी से गुलामी करवाना हमारी आदत नहीं है
लोग हमारी इज्जत खुद से करते हैं
क्योंकि हम लोगों के दिल में बसते हैं
इसीलिए वह हमें इतना प्यार करते है

12
यह फालतू की गुंडागर्दी दिखाने से कोई बदमाश नहीं बन जाता उन्हें लोग कुछ और ही कह कर बुलाते हैं
जिंदगी हमेशा अपने दम पर जीना चाहिए थोड़ी खुशी मिलती है वरना लोग हमें कुत्ता कह कर बुलाते हैं

13
तुझसे ज्यादा एटीट्यूड है मुझ में पर मैं दिखाता नहीं हूं
क्योंकि मैं तुम्हारी तरह हर बात का गुणगान करता नहीं हूं
चुप रहता हूं शांत रहता हूं और जब कोई फालतू बोलता है
तो फिर मैं उसे छोड़ता नहीं

14
ज्यादा किसी से बात नहीं करता
ज्यादा किसी की बातों का जवाब नहीं देता
इसका मतलब यह नहीं है कि मुझे जवाब देना नहीं आता
जिस दिन मैं जवाब दूंगा तुम चुप हो जाओगे

15
तुम्हारी शराफत को तुमने हमारी कमजोरी समझ लिया है
शायद इसीलिए तुम आज इतना उछल रहे हो
पर तुम नहीं जानते कि हम क्या चीज हैं
इसीलिए तुम आज इतना बोल रहे

16
इतना ज्यादा ना बोला करो हमसे
इतनी जुबान ना चलाया करो
हम तुम्हारे बाप लगते हैं
हमारे सामने सर झुकाया करो

17
हम से डर कर रहोगे तो ही अच्छा है
क्योंकि अगर हम एक बार बिगड़ जाएंगे
तो फिर तुम हमारा कुछ कर नहीं पाओगे
और फिर माफी मांगते फिर तुम हमसे
पर तुम हम से बच नहीं पाओगे

18
शायद तुम हमसे बचना चाहते हो
इसीलिए दूर दूर भाग रहे हो
या फिर हम से डर रहे हो इसीलिए पास नहीं आ रहे हो
क्या कहा था तुमने कि हम तुम से डर जाएंगे
हम बाप है तुम्हारे तुम तो पास आओ फिर हम तुम्हें बताएंगे

19
तुम हमारी औकात की बात करते हो
हमारी औकात तो इतनी ऊपर है
कि तुम वहां तक कभी पहुंच नहीं पाओगे
और तुम क्या कहते थे हमारे बारे में हम सब जानते हैं
फिर भी तुम कभी हमारी बराबरी कर नहीं पाओगे

20
हमारी बराबरी करने के लिए तुम्हें हमारे बराबर होना होगा क्योंकि तुम अभी बहुत नीचे हो तो
मैं अभी बहुत मेहनत कर के ऊपर आना होगा

21
यूं ही नहीं पहुंचा हूं मैं इस मुकाम पर मैंने बहुत मेहनत की है
मैंने वक्त दिया है अपनों को उनसे मोहब्बत की है
लोग तो यूं ही करते हैं मुझे बदनाम
अरे मैंने इस मुकाम पर आने के लिए
हर समय कठिन परिश्रम किया है

22
मैं आप लोगों की बदनामी से नहीं डरता
क्योंकि अब मैं कभी चाहता हूं उनसे बात नहीं करता
लोग हैं कहते रहते हैं ,,,,,,,,,,,,,
मुझे उनकी बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता

23
कब तक में लोगों की सुनूंगा
अब में उन्हें अपनी सुनाऊंगा
मुझे उनसे अब जरा भी फर्क नहीं
मैं तो अब अपनी ही धुन में मस्त रहूंगा
और अपनी ही दुनिया में जीता जाऊंगा

24
हमें क्या मालूम कि किस से बात कर रहे हैं
उन्हें क्या मालूम कि अपने पैर पर ही कुल्हाड़ी मार रहे हैं
कि मुझे जानते नहीं है लोग अभी तक
इसीलिए इतनी बकवास कर रहे हैं

25
तुम्हारी बकवास सुनने के लिए नहीं बैठा हूं मैं यहां
अपना यह दो कौड़ी का एटीट्यूट मुझे मत दिखाओ
बहुत काम है मेरे पास भी तुम जैसे फालतू से बात नहीं करता इसीलिए पहली फुर्सत में निकल आओ यहां से जाओ

26
तुम खुद आगे से आकर मुझसे करते हो
फिर मुझसे बड़ी बड़ी बातें करते हो
अरे मैं शांत हो तो शांत ही रहने दो मुझे
क्यों तुम अपनी ऐसी तैसी करवा कर मेरे से लड़ते हो

27
अब हर किसी को जवाब देना तो मेरे बस की बात नहीं है
पर मैं अपने काम से अपने दुश्मनों को जवाब जरूर दूंगा
आज मैं नहीं हूं तरक्की की उस ऊंचाई पर
पर एक दिन मेरा नाम होगा
और मैं तुम सबको तुम्हारी औकात से
अपना परिचय जरूर दूंगा

28
मुझे किसी नाम और किसी पहचान की जरूरत नहीं है
क्योंकि आप मेरा नाम इतना हो चुका है
कि किसी को मुझे अपना नाम बताने की जरूरत नहीं है

29
एक दिन अपना नाम इतना बनाना है
कि जब आप कहीं से निकलो तो लोग बैठे ना रहे से
और आपकी इज्जत करें कोई भी आपको गाली ना दे पाए

30
इतना आसान नहीं था यहां तक पहुंच पाना मेरे लिए
मैंने बहुत से दुश्मनों को झेला है
हर किसी ने मुझे गिराने की कोशिश की है
मैंने मेरे अपनों में भी छलावा देखना है

31
लोग क्या कहते हैं और लोग क्या कहेंगे
मुझे अब उनकी इन बातों से कोई मतलब नहीं होता
मुझे नहीं पड़ता फर्क अब किसी से
मुझे किसी से प्यार मोहब्बत इश्क नहीं होता

32
अपनी जिंदगी में अगर खुश रहना है
तो आपको किसी से ज्यादा दिल लगाने की जरूरत नहीं है
आप हमेशा अपनी मस्ती में मस्त रहना
आपको किसी को भी अपना बुलाने की जरूरत नहीं है

33
इतनी आसानी से मैं वह सब भूल नहीं पाऊंगा
जिस जिस ने किया है बुरा मेरा
मैं उन सब को सबक जरूर सिखाऊंगा

34
आप लोगों की परवाह नहीं करता
मैं तुमसे अब किसी से दिल लगी नहीं करता
लोग तो हमेशा ही कहते हैं मेरे बारे में बुरा
पर अब उनकी बुरा बातों को दिल पर नहीं लेता मैं

35
किसी की बातों का क्या बुरा मानना
क्योंकि लोगों की जितनी औकात है वह उतना ही सोचेंगे
और तुम अपनी मस्त मस्ती में मस्त रहना इसी तरह
वह जलते रहेंगे और तुम इसी तरह अपना नाम करते रहना

36
एक दिन तुम्हें अपनी खुद को पहचान बनानी है
जहां पर कोई तुम्हारे बारे में बुरा ना कह सके
लोग तालियां बजाए तुम्हारे लिए
और जब तुम निकलो शहर में तो कोई भी बैठा ना रह सके

37
जब कहीं भी जाना होता है मुझे तो मैं उसे भी बता कर जाता हूं मैंने सुना है उसने कहा था कि मेरे गली में आना
मैं तुम्हें बता दूंगा असलियत तुम्हारी
इसीलिए मैं उसे अपनी पूरी खबर देकर जाता हूं

38
शेर कहां भी जाए पर शेर तो शेर ही होता है
जंगल का राजा है वह किसी गली का कुत्ता नहीं
डरता नहीं है किसी के बाप से अपने दम पर जीता है

39
मुझे जहां बुलाओगे मैं वहां आ जाऊंगा
तुम मुझसे जो कहोगे वह कर के दिखाऊंगा
तुमने क्या समझा है मुझे मैं तुम्हारी तरह गुलाम नहीं हूं
मैं तुम्हें एक दिन सबक जरूर सिखाऊंगा

40
मैं फालतू की हरकते नहीं करता किसी के साथ
किसी के टुकड़ों पर पलता नहीं हूं
यही बात खलती है लोगों को कि
मैं उनकी बात का भी सुनता नहीं

41
तुम चाहे मुझे जितना भी गिराने की कोशिश कर लो
मैं तो उठ कर एक दिन खड़ा हो ही जाऊंगा
पर एक बार अगर में अपने पर आया तो
फिर तुम अपना सोच लेना कि
मैं तुम्हारे साथ क्या-क्या कर जाऊंगा

42
मैं लोगों की बातों में अब नहीं आता
इसीलिए लोग मुझे बुरा कहने लगते हैं
क्योंकि मैं नहीं मानता हूं अब उनकी बातें
इसीलिए वह मुझे बदमाश कहने लगते हैं

43
हमने बदमाशी जैसा तो कोई काम नहीं किया
फिर भी हमारा नाम बदमाश पड़ गया
शायद हमने लोगों की नहीं सुनी बातें
इसीलिए उनको हमें यह नाम देना पड़ गया

44
अब मैं किसी से नहीं डरता किसी के पास नहीं जाता
खुद से कमाकर खाता हूं मैं
अब मैं किसी की गुलामी करके नहीं खाता

45
इतना आसान नहीं था मेरे लिए भी सब कुछ भूल पाना
फिर भी मैंने अब एक नई शुरुआत की है
पर लोग यह भूल ना जाय कि मैं आज भी वही हूं
जिसने सबकी औकात उसे याद दिला कर
मैंने उनकी कुटाई की

46
जो लोग भी समझते हैं कि वह मेरा कुछ भी उखाड़ पाएंगे
तो गलत समझते हैं क्योंकि जब मैं सामने आऊंगा
तो वह मेरा कुछ उखाड़ नहीं पाएंगे

47
मैं अपनी जिंदगी का बादशाह हूं
मुझे किसी रानी की जरूरत नहीं है
जो लोग कहते हैं कि मैं बदमाश हूं तो ठीक है
मुझे तुम्हारी प्यार मोहब्बत की जरूरत नहीं है

48
किसी भी जरूरत नहीं है मुझे अब अपनी जिंदगी में
क्योंकि हर एक रिश्ते को अब मैं अच्छे से समझ चुका हूं
और लोग क्या होते हैं यह मैं जानता हूं उन्हें
मैं सब की असलियत अब देख चुका हूं

49
हर किसी की असलियत जानता हूं मैं
और हर किसी को अच्छे से पहचानता हूं मैं
लोगों ने क्या-क्या सोचा था मेरे बारे में
यह भी बहुत अच्छे से जानता हूं मैं

50
लोगों का काम है कहना और लोग हमेशा कहते रहते हैं
मैं तो हमेशा उड़ता रहता हूं आसमान में
लोग मुझे जमीन पर ढूंढते रहते हैं है

51
लोगों की जितनी औकात है
वह उतना ही मेरे बारे में सोचते हैं
वह शायद समझते हैं कि मैं बुरा आदमी हूं
बहुत सही समझते हैं कि मैं बुरा आदमी हूं

52
अच्छे के लिए अच्छा और बुरो के लिए मैं बुरा होता हूं
लोग मुझे जैसा समझते हैं मैं उनके लिए वैसा ही होता हूं

53
लोग कहते हैं कि वह मुझे अच्छे से समझते हैं
अच्छे से जानते हैं पर वह शायद मुझे अब तक नहीं पहचानते हैं मेरे दिमाग को आज तक कोई पढ़ नहीं पाया
मुझसे ज्यादा कामिना और कौन होगा इस दुनिया में
शायद अब तक कोई समझ नहीं पाया

54
अपनी अकड़ अपनी औकात अपने पास रखो
तुम खुद आए थे चलकर मेरे पास
मैंने तुम्हें नहीं बुलाया था
और निकलो यहां से अब तुम्हें जहां निकलना है
मुझे तुमसे कोई मतलब नहीं है
क्योंकि मुझ पर तुम्हारा अब कोई हक नही है

55
तुम क्या समझते हो कि मैं तुम से डर जाऊंगा
अरे तुम गलत समझते हो बच्चे
मैं तुम्हारे आंखों से तुम्हारा काजल चुरा ले जाऊंगा

56
मैंने हमेशा ही मेहनत करके दिखाई है
मैंने कभी किसी को बदनाम नहीं किया
शायद लोगों ने ही मेरा साथ नहीं दिया
इसलिए आज मैं ऐसा हो गया
वरना मैं ऐसा नहीं था कभी जैसा मैं आज हो गया

57
अब क्या फर्क पड़ता है कि मैं कैसा हूं
जैसे लोग हैं मैं उनके लिए वैसा हूं
मैं अपने दम पर जीता हूं आज भी

58
लोग आएंगे लोग जाएंगे तुम्हारी तारीफ भी करेंगे
तो बुरा भी बताएंगे पर तुम अपने उसूलों पर कायम रहना
एक दिन ऐसा भी आएगा जब लोग तुम्हारे लिए तालियां बजाएंगे।।

59
हर किसी को मिल जाए वह अनमोल तोहफा नहीं हूं मैं
लोग जितना समझते हैं बुरा इतना बुरा भी नहीं हूं ना

60
मेरी तबीयत का अंदाजा
तुम इसी बात से लगा सकते हो
कि जिसे तुम सलाम ठोकते हो
वह आकर मुझे सलाम करता है

61
हमारी पहुंच तो बहुत ऊपर तक है
पर फिर भी हम तुम्हारी तरह किसी से उसका बखान नहीं करते टाइम आने पर हम करके दिखाते हैं काम
तुम्हारी तरह हर चीज का गुणगान नहीं करते

62
यह मत सोचना कि मैं सब कुछ भूल गया
मुझे आज भी सब कुछ याद है
और अगर तुमने फिर से चलाक कि बनने की कोशिश की तो तुम्हारा वही हाल बनाएंगे जो पहले बनाया था
और वही करके दिखाएंगे जो पहले दिखाया था

63
अब शायद तुम सुधर रहे हो
इसीलिए हम से ज्यादा बकवास नहीं करते
अब जान चुके हो तुम हमको कि हम किस तरह के आदमी हैं इसीलिए तुम अब हमसे दूर रहते हो ज्यादा बात नहीं करते

64
यह तुम्हारे लिए ही अच्छा है क्या तुम हमें पहचान चुके हो
तुम अपनी औकात और हमें भी जान चुकी हो
ठीक है हम तुम्हारे लिए बुरा ही सही
पर तुम अब हमें अच्छे से पहचान चुके हो

65
अपनी अकड़ में हम भी रहते हैं अपनी अकड़ में तुम भी रहते हो पर तुम शायद ही नहीं जानते कि हम कौन हैं
इसीलिए तुम इतनी बात करते हो जाओ अपने पापा से पूछ
तुम किस की औलाद हो जो इतना बखान करते हो

66
हम अगर हमारी पर आ जाएंगे
तो फिर कोई भी हमारे सामने टिक नहीं पाए
हम तुम्हारी ऐसी तैसी कर के फेंक देंगे
कोई भी बच नहीं पाए

67
इतना आसान नहीं है इतना आसान हो जाना
जितना तुम समझते हो हम क्या चीज है यह तुम नहीं जानते शायद तुम अपने आप को कोई महान इंसान समझते हो

68
अपनी जो यह इंसानियत है अपने पास ही रखना
हमें मत दिखाना हम तो पहले से ही बिगड़े हुए हैं
तुम हमें अब ज्यादा कुछ मत समझाना

68
अगर इतना ही आसान होता जिंदगी में किसी से मिलना
तो तुम हमसे दोबारा मिल चुके होते
पर तुम्हारी औकात नहीं हमसे मिलने और बात करने की इसीलिए तुम हमसे दूर रहते हो और हमसे बात नहीं करते

69
अगर तुम्हें हमारी जरूरत नहीं है
तो हमें भी तुम्हारी जरूरत नहीं है
जाओ अपने रास्ता पकड़ लो
हमें भी तुम्हारे एहसानों की कोई जरूरत नहीं है

70
तुम अपने आप को जो तीस मार खान समझते हो
वह समझते रहना हमें घंटा फर्क नहीं पड़ता
हम तो आज भी वही है जो कल थे
हमें तुम्हारे बुरा अच्छा कहने से कोई फर्क नहीं पड़ता

71
लोग तो मुझे बुरा और अच्छा कहते ही रहते हैं
मुझे अब किसी से कोई मतलब नहीं है
लोगों को जो समझ में आए समझे मेरे बारे में
मुझे अब किसी से मोहब्बत को दिल लगी नहीं है

72
हां मैं बदमाश हूं और बदमाशी वाले काम करता हूं
पर कम से कम किसी के पीठ पीछे बुराई नहीं करता
जो भी करता हूं सामने आकर करता हूं
मैं किसी को ऐसे ही बदनाम करने की कोशिश नहीं करता

73
आज तक मैंने कभी किसी का बुरा नहीं किया
पर हां जिसने मेरा पूरा किया है मैंने उसे छोड़ा भी नहीं है क्योंकि मैं नहीं डरता हूं किसी से इसीलिए
मैंने आज तक अपनी अकड़ को छोड़ा नहीं है

74
सबका एक अपना अपना व्यक्तित्व होता है
सबकी अपनी अपनी पहचान होती है
और मैं अपनी पहचान को साथ लेकर चलता हूं
मैं बुरा नहीं होने नही देता कभी किसी के साथ
इसलिए शायद मुझे लोग बदमाशी करते हैं
क्योंकि मैं उनकी बातों में हां में हां नहीं करता हूं

75
याद रख लेना मैं आज भी तुम्हारी बातों में हां में हां तो नहीं मिला लूंगा वही जो गलत है मैं उसे गलत ही बताऊंगा
गलत का साथ कभी नहीं दूंगा मैं
अगर तुम्हें समझना है मुझे बदमाश
कसम है तुम्हें अब बदमाशी करके दिखाऊंगा

76
मैं अब किसी की अकड को अपना गुलाम नहीं समझता हूं
तुम अपने पास रहना मैं तुम्हें हम अपना नहीं समझता हूं
मैं अपनी दुनिया में खुश हूं जैसा भी हूं
हम तुमसे प्यार नहीं करता हूं ना ही तुम्हें अपना समझता हूं

77
यह दुनिया ऐसी ही है यहां सीधे लोगों को जीने नहीं दिया जाता इसीलिए हम जैसे लोगों को बदमाश बनना पड़ता है
क्योंकि आजकल का जमाना ऐसा ही है
यहां पर सच्चे और अच्छे लोगों को परेशान किया जाता है
और बुरे लोगों को हमेशा अच्छा दिखाया जाता है

78
में कितना भी बुरा हूं चाहे पर
मैंने कभी किसी गरीब इंसान का बुरा नहीं किया
मैंने हमेशा चाहा है सभी लोगों का अच्छा
मैंने कभी किसी को परेशान नहीं किया

79
मैं फालतू में किसी को परेशान नहीं करता
मैं तो हर किसी की इज्जत करता हूं
और हां लोगों को ही पता नहीं मेरे बारे में क्या सोचते हैं इसीलिए फिर मैं लोगों की परवाह अब नहीं करता

80
अगर किसी की मदद करना भी गुनाह हो जाता है
तो वह खुद ही अपनी बर्बादी का जिमेदार होगा
क्युकी मैं दिखा दूंगा फिर की मैं कौन हूं
वो इंसान खुद अपनी अकड़ का गुलाम होगा

82
यह जिंदगी ऐसे ही है यहां पर लोग किसी की नहीं सुनते
हमेशा जब मर्जी में आता है भाई कहते हैं
वह किसी को अपना नहीं समझते और अपना नहीं मानते

83
अब तुम्हें यहां से जाना ही होगा
क्योंकि अब यहां पर हमारा राज चल रहा है
तुम शायद जो समझते थे अब वह कभी नहीं होगा
क्योंकि यहां पर हमारा सिक्का चल रहा है

84
हमारा ही सिक्का चलता है हर जगह हमारी ही बात होती है और तुम जैसे बहुत फिरते हैं हमारे आगे पीछे
तुम जैसों से हर दिन हमारी मुलाकात होती है

85
जाओ जाओ किसी और को जाकर अपनी अकड़ दिखाना हमारे सामने तुम्हारी एक भी नहीं चलने वाली
क्योंकि हम क्या है यह तुम नहीं जानते
तुम अभी तक हमारी गुंडागर्दी वाली शक्ल को नहीं पहचानते

86
अब शायद तुम्हें कुछ भी नहीं करना है
इसीलिए तुम हमें ज्यादा समझाने की कोशिश कर रहे हो
तुम नहीं जानते अब तक हमें
इसीलिए तुम हमें यह सब बताने की कोशिश कर रहे हो

87
देखो हम तुमसे ज्यादा बहस नहीं करना चाहते
हम तुमसे ज्यादा लड़ाई नहीं करना चाहते
हम चाहते हैं कि तुम खुश रहो अपनी जिंदगी मैं
तो चले जाओ यहां से हम तुम्हें अब और ज्यादा जलील नहीं करना चाहते।

88
मैं तुम्हें परेशान नहीं करूंगा तुम भी अब मेरे रास्ते में मत आना अगर तुमने फिर से की कोशिश ज्यादा होशियार बनने की तो फिर मैं तुम्हे तुम्हारी असलियत दिखा दूंगा,,,
फिर तुम कभी मेरे रास्ते में आ ही नहीं पाओगे।।

89
अब तुम मुझसे यह मत कहना कभी
कि मैंने तुम्हारी बात नहीं सुनी
क्योंकि मैंने तुम्हारी बात सुनी है और मानी भी है
पर तुमने शायद मुझे अभी तक अपनी औकात ही दिखाई है
पर मैं तुम्हें दिखाऊंगा तुम्हारी असलियत
और तुम्हें बताऊंगा कि मैं कौन हूं।

90
यह फालतू की छपरी गिरी करने से
और बाइक पर चलने से कोई मर्द नहीं बन जाता
उसके लिए जिगरा होना चाहिए अंदर
कोई ऐसा ही बदमाश नहीं बन जाता

91
बदमाशी वाले काम तो हम ज्यादा करते नहीं हैं
पर हम किसी की सुनते भी नहीं है
हम अपने हिसाब से जीना चाहते हैं
इसीलिए हम सब से अलग रहते हैं

92
मैं नहीं सुनता ज्यादा किसी की
मैं ना ही ज्यादा बकवास करता हूं
मैं अपने आप में मस्त रहता हूं
मैं किसी से ज्यादा बात नहीं करता हूं

93
हर किसी को अपनी अपनी जिंदगी जीने का हक है
मैं किसी से उसका हक छीना नहीं चाहता
और लोग बताते है मुझे बुरा तो ठीक है
मैं बुरा बन कर ही रहना चाहता हूं
अच्छा बनना नहीं चाहता

94
ना मुझे अब अच्छा बनने का शौक है
ना मैं अच्छा बनकर दिखाऊंगा
अगर लोगों ने समझा है मुझे बुरा
तो मैं अब उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब देकर बताऊंगा

96
मैं अब नहीं चाहता किसी को
मैं अब नहीं मोहब्बत करता किसी से
मैं अपनी मस्ती में मस्त रहता हूं
अब मैं नहीं परेशान करता किसी को

97
पहले बहुत कर ली है हमने चालाकियां
और पहले बहुत कर ली हमने बदमाशियां
पर अब हम वह सब नहीं करते
अब हम शराफत से जीना चाहते हैं
क्योंकि अब हम आपस से बहस नहीं करते

98
जिंदगी ऐसी है पर जीनी पड़ती है
यहां पर लोगों की सुननी पड़ती है
पर हम वह हैं जो सुनना नहीं चाहते सुनाना चाहते हैं
इसीलिए लोगों को हम उनकी औकात बताना चाहते हैं

99
अगर तुम्हें जिंदगी में कुछ करना है लोगों से आगे निकलना है तो अभी ही तुम्हें कुछ करना पड़ेगा
अगर बाद मैं तो कुछ कर नहीं पाओगे
तुम्हे अभी से शुरुआत करना पड़ेगा

100
तुम अभी से अपने जीवन की अच्छी शुरुआत करना
तुम अभी से अपने जीवन की राह पर चलना सीखना
तुम हमेशा हमेशा अपने जीवन को ऐसे ही संभाल कर रखना क्योंकि आसानी से नहीं मिलता है जीवन
तुम अपनी मनमर्जी के काम करना

101
अगर तुम्हें कोई ज्यादा बुरा कहे तो तुम चिंता मत करना
तुम उसकी बातों में आना मत लो
तुम्हें बुरा कहते जाएंगे तुम सुनना मत
और जो तुम्हें करके दिखाना है वह करते जाना
लोगों की औकात तुमको उनको बताते जाना

102
देख लेना एक दिन तुम्हारा भी नाम होगा
देख लेना एक दिन तुम्हारे भी पहचान होगी
तुम हमेशा जिंदगी में रहोगे खुश
एक दिन तुम्हारी भी जय-जयकार होगी

103
किसी से खुद को बुरा कहलवाने का शौक नहीं है मुझे
नहीं मैं किसी से खुद को अच्छा कहना चाहता हूं
मैं तो जैसा भी हूं भैया ठीक हूं
मैं जैसो को कभी भूलना भी नहीं चाहता हूं

104
ना ही हम बुरा बनना चाहते हैं
ना ही अब ज्यादा अच्छा बनना चाहते हैं
हम जैसे भी हैं ठीक हैं
हम किसी के टुकड़ों पर पलना नहीं चाहते हैं

105
अगर तुम यह सोचते हो कि तुम हमें नहीं जानते
तो फिर हम भी तुम्हें नहीं पहचानते
जाओ निकल लो हमारे घर से
अब हम भी तुम्हारे घर का रास्ता नहीं जानते

106
अगर तुम अपनी अकड़ में रहते हो
तो हम भी अपनी अकड़ में रहते हैं
क्योंकि हमें भी अपनी इज्जत प्यारी है
हम भी तुम्हारे जैसों से बहस नहीं करते हैं

107
हमें ज्यादा कुछ कहने वाला नहीं हूं
अब मैं ज्यादा किसी का कुछ सुनने वाला नहीं हूं
मैं अपनी मस्ती में ही मस्त रहता हूं अब
मैं अब तुम्हारे मुंह लगने वाला नहीं हूं

108
अगर तुमने मुझे फिर से बर्बाद करने की कोशिश की तो
फिर मैं तुम्हारा वह हाल कर दूंगा
तुम खुद को पहचान नहीं पाओगे
मैं तुम्हारी जिंदगी इस तरह से बर्बाद कर दूंगा

109
दूसरों की जिंदगी बर्बाद करके तुम खुश कैसे रह लेते हो
तुम अपनी औकात दिखा हमें कैसे धोखा देते हो
तुम नहीं जानते हम क्या चीज हैं
तुम हमें कैसे बुरा बता देते हो

108
लोगों की यही फितरत है
और लोगों का यही अंजाम होता है
जो हम से दुश्मनी मोल लेता है
उसका यही काम होता है

109
तुम जिस से भी बुराई करोगे हमारी
वह हमें ही आकर बताएगा
क्युकी सब जानते हैं हमारे बारे में हम कौन हैं
वह तुमको उसी जगह पटक कर सबक सिखाएगा

110
हम तुम्हें अच्छा सा सबक सीखा सकते हैं
हम तुम्हें अच्छे से समझा भी सकते हैं
पर शायद हम नहीं चाहते कि
तुम्हें तुम्हारी जिंदगी में कोई परेशानी आए
वरना हम तुम्हें तुम्हारी औकात दो पल में दिखा सकते हैं

111
अब तुम ज्यादा यह समझने की कोशिश मत करना
तुम ज्यादा हमसे उलझने की कोशिश मत करना
बच्चे तुम जैसे हो वैसे ही रहो
तुम हमसे पूछा जाने की कोशिश मत करना

112
तुम कल भी बच्चे थे तुम आज भी हमारे सामने बच्चे ही हो
तुम क्या समझते हो हमारे बारे में हमें फर्क नहीं पड़ता
तुम आज भी हमारे सामने बच्चे ही हो

113
हे लोगों की फितरत और लोगों की आदतों को
अब पहचान चुका हूं
मैं अब उनको अच्छे से जान चुका हु

114
अब क्या करना है हमें किसी से
अब क्या हमें किसी से बात करनी है
हम अपने जीवन में मस्त रहते हैं
आप अब हमें किसी से है नहीं कोई मुलाकात करनी है

115
हर सफर अगर इतना आसान होता
तो हर कोई इस पर चल पड़ता
पर यह मुश्किलों के दौर हैं किसी से भी देखे नहीं जाते
हमने देखे हैं सारे दौर
इसीलिए आज कोई भी हमारे सामने नहीं आते

116
सबको अपनी अपनी इज्जत प्यारी होती है
सब अपना अपना काम करते हैं
पर कुछ लोग ऐसे भी होते हैं
जो दूसरों के काम में उंगली करते हैं

117
हर उस ऊंगली को तोड़ दिया जाएगा
जो हमारी तरफ उठेगी
क्योंकि हम सब कुछ बर्दाश्त कर सकते हैं
पर कोई हमारी इज्जत पर हाथ उठाएं
हम वह बर्दाश्त नहीं कर सकते

118
जब कोई ज्यादा बहस करता है मुझसे
तो मैं चला जाता हूं वहां से
मुझे मुझे मतलब नहीं है अब किसी से
मैं तुझ जैसों से बहुत मिलता हूं हर रोज
इसीलिए निकल जाता हूं वहां से

119
अब नहीं रहा कोई शौक हमें ज्यादा बदमाशी का
अपना ही कोई आलम रहा है
हम छोड़ चुके हैं पुराने किस्से ना भूल भी जाओ
वरना हम आज भी वही हैं यह याद रखना

120
याद रखना तुम इतनी कि हमने तुम्हारा क्या हाल किया था
तुमने हमसे अपनी जान की भीख मांगी थी
हमने तुम्हें इतना बेहाल किया था

121
आज भी हम तुम्हें उतना ही बेहाल कर सकते हैं
आज भी हम तुम्हारा वही हाल कर सकते हैं
पर चलो अब बीती बातों को भूल जाते हैं
वरना आज भी हम तुम्हें तुम्हारी औकात दिखा सकते हैं

122
हर तरफ एक ही नाम हर तरफ एक ही शोर होता है
जिंदगी इतनी आसान नहीं होती
पर हर तरफ चारों ओर सफल होता है
हम चलते हैं अपनी ही धुन में और मस्त रहते हैं
हर तरफ आज भी हमारा नाम होता है

123
अब नहीं करना हमें ज्यादा किसी से दिल लगी
अब हमें ज्यादा किसी से मतलब नहीं रखना
हम अपनी दुनिया में खुश हैं हम अब
हमें किसी से मोहब्बत नहीं करना

124
तुमने क्या सोचा था कि मैं तुम्हारे लिए कुछ भी कर जाऊंगा
तो क्या अपनी इज्जत को भी गवा जाऊंगा
बहुत कर ली मैंने तुम्हारी इज्जत
अबे अब बात मेरी self-respect पर आई
तो मैं तुम्हें भूल जाऊंगा

125
तुम्हें तो कब की भूल चुके हैं हम
और कब का अपनी जिंदगी से निकाल कर फेंक चुके हैं हम अब हमारी जिंदगी में वापस आने की कोशिश मत करना
तुम्हे कब का पक्का बाहर कर चुके हैं

126
जब बाहर किया है हमने तुम्हें अपनी जिंदगी से
तो बाहर ही रहना तुम अपनी औकात मैं रहना
और अब नहीं करना हमसे ज्यादा बहस
तुम अपनी अकड़ में ही रहना

127
तुम्हारे अंदर अकड़ है तो हमारे अंदर भी अकड़ है
तुम्हें नहीं करनी बात तो हमें भी तुमसे बात नहीं करनी
बहुत हो गई मोहब्बत मोहब्बत अब
हमें भी तुमसे मुलाकात नहीं करनी

128
अगर इतना ही आसान होता अच्छा बनना
तो आज हमारा भी अच्छाइयों में नाम होता
लोग हमें बुरा नहीं करते
और हमारा भी सब जगह वही सम्मान होता

129
जितने बुरा तुम हमें समझते हो हम इतने बुरे भी नहीं हैं
और जितना तुम खुद को अच्छा समझते हो तुम
अगर हम हमारी बुराइयों पर आ जाए
तो तुम्हारी अच्छाइयों को मिटा देंगे
और तुम्हें समझा देंगे कि हम कौन हैं
और तुम्हें अपनी औकात दिखा देंगे

130
हर बात पर इतना घमंड मत दिखाया करो
तुम हमें ज्यादा समझा ना किया करो
हम क्या है यह हम जानते हैं
तुम हमें हमारी औकात ना बताया करो

131
हर तरफ हमारा ही राज है आज
हर तरफ लोग हमारे बारे में ही बात करते हैं
तुम अपनी जिंदगी में खुश रहना
लोग आज भी हमसे मुलाकात करने को तरसते हैं

132
शेर अपनी हर इलाके में शेर होता है
उसे कहीं भी जाने की जरूरत नहीं है
तुम ही गीदड़ भाभिकिया देते हो
हमे तुम्हे मुंह लगाने की जरूरत नहीं है।

133
खुद तो तुम मेरे सामने आ नही सकते
क्योंकि वह मेरे सामने आए तो
तुम मेरे सामने खड़े नहीं रह पाओगे
और बाहर जाओगे कैसे
क्योंकि तुम फिर बच नहीं पाओगे

133
अपनी अकड़ अपने पास रखो
और चलते बनो यहां से
क्योंकि आज हम यहां गुस्सा है
तो फिर तुम्हें भेज देंगे पता नहीं कहां-कहां से

134
मैं जब तक किसी का बुरा नहीं सोचता
जब तक सामने वाला मुझे कुछ करता नहीं है
निशांत रहता हूं जब तक मुझे कोई छेड़ता नहीं

135
कौन क्या कहता है मुझे कभी उससे फर्क नहीं पड़ा
क्योंकि मैंने कभी किसी की बातों पर ध्यान नहीं दिया
लोग उसी का नाम लेते हैं बार-बार
जिसने उनके मतलब का काम नहीं किया

136
जब तक मैं लोगों का अच्छा करता रहा
मैं अच्छा बनता रहा
जिस दिन मैंने लोगों को काम करने से मना कर दिया
उनके लिए पूरा बन गया
तो ठीक है मैं अब बुराई अच्छा हूं
तुम अच्छा ढूंढ लेना मेरे पास मत आना तुम अब
इतना अगर मैं बदमाश हू
तुम शरीफ इंसान ढूंढ लेना

137
अपनी शराफत अपने पास रखना
क्योंकि जब मैं अपनी शराफत दिखाऊंगा न
तो फिर तुम्हें अच्छा नहीं लगेगा
और फिर तुम मुझे कहते फिरोगे मैं बुरा हूं
पर मुझे कोई फर्क नहीं पड़ेगा

138
तुम जिस खेल में खेलना चाहते हो
हम उस खेल में भी माहिर हैं
हम तुम्हे तुम्हारी औकात दिखाने में माहिर हैं

139
याद रखना एक बात कि मेरे से दुश्मनी तो तुम ले सकते हो
पर ज्यादा देर तक टिक नहीं पाओगे
क्योंकि हम से लड़ने का जिगर तुम कहां से लाओगे

140
तुम अब निकल लो बेटा
हमारा दिमाग खराब है
वरना तुम्हारी किस्मत खराब कर देंगे

141
हम किसी की नही सुनते
सब लोग हमारी सुनते है

142
दूर रहो हमसे
वरना तुम्हे तुम्हारी किस्मत के साथ बदल देंगे
और कुछ कर नही पाओगे हमारा
हम तुम्हे पेल देंगे

143
हमने तो सब कुछ देखा है
तुम कुछ देखा नही पाओगे
हमसे लड़ने का जिगरा
कहा से लाओगे

144
जिंदगी हमारी है
किसी के बाप की नही है
तो हम अपने हिसाब से चलेंगे
तुम्हारे हिसाब से नही

145
अपनी अकड़ को जेब में डालो
और पहली फुर्सत में
अपने घर का रास्ता नापो

146
हमसे दुश्मनी बहुत महंगी पड़ेगी
रात दिन रोवोगे
और भीख मांगोगे
पर वो भी नसीब नही होगी

147
जिंदगी मैं ऐसे ही नाम नही बन जाता
उसके लिए खुद को बदनाम करना पड़ता है।

148
रास्ते कठिन है पता है मुझे
पर मैं तो बुरा हूं पहले से
उन पर आसानी से चल पाऊंगा।

149
अब बहुत हो गया लोगो को उनकी औकात दिखाऊंगा
और जो कहा करते थे मुझे गुंडा बदमाश
उन्हे वैसा बनकर दिखाऊंगा

150
सुधर जाओ वरना हुलिया बिगाड़ देंगे
तुम्हे तुम्हारी सात पुश्तों के साथ
सुधार देंगे

Final Words:

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