बेवफा शायरी | Bewafa Shayari in Hindi | लड़कियों और लड़कों के लिए बेवफा शायरी

Bewafa Shayari in Hindi – Hello friends welcome to our blog today we are going to share very sad and heartbreaking bewafa Shayari in Hindi which you can share with your boyfriend and girlfriend if it applies to you.

Bewafai is a very bad thing to have in every relationship no matter it is between boyfriend and girlfriend or with husband and wife. Nobody deserves bewafai in true love as it is very painful and heartbreaking.

We have got many request from our readers demanding to share the heartbreaking and very sad bewafa Shayari in Hindi. So today in this post we are sharing the best bewafa Shayari collection in Hindi for boyfriend and girlfriend.

Bewafa Shayari in Hindi

बेवफा शायरी | लड़कियों और लड़कों के लिए बेवफा शायरी | पति पत्नी बेवफा शायरी

बेवफा शायरी

1


बेवफा से अब मै दिल्लगी नहीं करता
मै अब किसी से मोहब्बत नहीं करता
जो चली गई मुझे छोड़कर बीच सफर मै
मै भी अब उसे याद नहीं करता।।

2


मैने उसे जान से ज्यादा चाहा था
उसे अपना खुदा माना था
क्या कमी रह गई मेरे प्यार मै
जो उसने किसी ओर का हाथ थामा था।।

3


मोहब्बत मै ऐसा भी मंज़र आएगा
मेरे यार मुझे ही रुलाएगा
मुझे कहकर बेवफा सनम
वो किसी ओर से मोहब्बत निभाएगा।।

4


कुछ रिश्ते अलग हुआ करते है
कुछ लोग अलग हुआ करता है
मै ही नहीं समझ पाया उसके धोके को
क्युकी वो शराफत का नकाब पहना करते है।।

5


किसी से शिकायत कर नहीं सकता
मै उसे भुला भी नहीं सकता
उसने झूठ कहा था वो करती है मुझसे मोहब्बत
मै तो उसे बेवफा भी कह नहीं सकता।।

6


उन्होंने कुछ इस तरह मोहब्बत निभाई है
हमसे किए थे जो वफ़ा के वादे
वो उन्होंने किसी ओर से निभाई है।।

7


अब मै उसे भूल चुका हूं
अब उस बेवफा को याद नहीं करता
जो कभी था ही नहीं मेरा
मै भी अं उसे अपना मही कहता।।

8


उसने तो मुझे अन्दर से तोड़ दिया था
मेरे हर लम्हा चुरा लिया था
मैने इश्क किया था उससे बहुत
पर उसने किसी ओर को सनम बना लिया था।।

9


उसकी बेवफाई अब पूरे शहर में मशहूर हो गई
वो अब मुझसे दूर हो गई
उसने तो नहीं कि थी मुझसे मोहब्बत
पर वो अब किसी ओर की हो गई।।

10


मै अब किसी से वफ़ा की उम्मीद नहीं रखता
मै अब किसी से मोहब्बत नहीं करता
जो नहीं रहा अब मेरा
मै अब उसे याद नहीं करता।।

11


कुछ मजबूरी तो उसकी भी रही होगी
मुझे छोड़ने की कुछ वजह रही होगी
मै कैसे कह दू उसे बेवफा
उसे भी मुझसे मोहब्बत रही होगी।।

12


मेरी तो सांसे भी उससे चलती थी
मेरे तो दिन रात भी उसमे ढलते थे
वो जब से गई है मुझे छोड़कर
किसी ओर के लिए सारे रिश्ते नाते तोड़कर
तब से मेरा जीना मुश्किल हो गया है
मुझे अब मरना भी दुश्वार हो गया है।।

13


मै भी किससे वफ़ा की उम्मीद लगा बैठा
किस बेवफा से मोहब्बत कर बैठा
जो कभी था ही नहीं मेरा
मै उसे कैसे दिल दे बैठा।।

14


जिंदगी के सफर मै सब कुछ देख लिया
मैने उसका धोका भी देख लिया
अब क्या किसी से मोहब्बत करू
मैने तो अब बेवफा भी देख लिया।।

15


इतनी आसानी से वो मुझे छोड़कर चली गई
सारे इश्क के बंधन एक पल मै तोड़कर चली गई
मै अब रहा नहीं उसका ये उसने कहा
वो खुद थी बेवफा ओर मुझे बेवफा कहकर चली गई।।

16


इतनी मासूम लगती थी वो कोई भोली परी लगती थी
पर मै उसको पहचान ना पाया
वो तो करती थी किसी ओर से मोहब्बत
मै तो उसे जान भी ना पाया।।

17


अब कोई गिलाह नहीं जिंदगी से
अब कोई शिकायत नहीं है
मैने तो देख लिया उसे किसी ओर की बाहों में
मेरे पास अब उसके लिए मोहब्बत नहीं है।।

18


कभी कभी सोचता हूं,,,
क्या वो भी मुझसे मोहब्बत करती होगी
मै करता हूं उसे बेपनाह इश्क क्या वो भी करती होगी
आज वो किसी ओर के साथ होगी
तो क्या वो आज भी मुझे याद करती होगी।।

19


अब कोई यार नहीं रहा
अब कोई दिलदार नहीं रहा
इस अकेली दुनिया मै
मेरा अब कोई प्यार नहीं रहा।।

20


मुझे करवाकर इंतज़ार वो किसी ओर से मिलने जाती थी
मुझसे किए वादे किसी ओर से निभाती थी
अगर मै उसे नहीं था पसंद तो कह देती
पर वो तो मेरे प्यार का मजाक बनाती थी।।

21


कुछ इस तरह हम अपनी बर्बादी को कह गए
जिनके लिए सब कुछ छोड़ रहा हमने
हम अब उनके बिना ही अकेले रह गए।।

22


जिंदगी कुछ इस तरह से चल रही है
मुझे हर रोज तंग कर रही है
कोई नहीं है अब मेरा सनम
वो मुझे अब परेशान कर रही है।।

23


उस बेवफा के किससे अब क्या बताऊं
जब उससे कोई रिश्ता ही नहीं रहा
अब नहीं करता मै उसे याद
जब उससे कोई वफ़ा का रिश्ता ही ना रहा।।

24


लोग मुझे कहा करते थे वो अच्छी नहीं है
मै ही उनकी बात नहीं माना करता था
उस एक शक्स के लिए
दुनिया से लड़ जाया करता था
आज वो ही निकली बेवफा
जिसके लिए मै रात रात भर जागा करता था।।

25


अब वो मुझसे बात नहीं करती
किसी ओर से बात करती है
मै तो उसके लिए टाइम पास था
वो तो किसी ओर से मोहब्बत करती है।।

26


आज उसने भी दिल की बात कह दी
वो कभी मेरी थी ही नहीं
उसके दिल मै कोई ओर था
मेरे लिए उसकी मोहब्बत थी ही नहीं।।

27


जब भी कहीं जाया करता हूं
अब मै उसे भुलाया करता हूं
जो यादे है उसकी मेरे पास
मै उन्हें अब खुद मिटाया करता हूं।।

28


उस बेवफा से क्या उम्मीद करनी
अब किसी से क्या शिकायत करनी
जब वो रहा ही नहीं मेरा मुर्शीद
तो अब उससे क्या मोहब्बत करनी।।

29


वो तो छोड़कर चली गई मुझे
पर मै इसे बेवफा भी नहीं कह सकता
वो भी करती थी मुझसे मोहब्बत
मै उसे दाजबाज भी कह नहीं सकता।।

30


अब क्या लिखूं मै उसके बारे मै
कुछ कहा ही नहीं जाता है
गलत इन्सान से कर ली मोहब्बत
अब उस बेवफा का चेहरा भी देखा नहीं जाता है।।

31


मेरे बारे में कोई क्या बताएगा
मै तो खुद अब किसी से बात नहीं किया करता
वो करती होगी मेरे प्यार का जिक्र
पर मै उसे याद भी नहीं किया करता।।

32


सारे वादे उसने एक पल मै तोड़ दिए
हर रिश्ते उसने अधूरे छोड़ दिए
मै तो समझता था उसे प्यार है मुझसे
उसने तो मेरे उम्मीदों के दामन ही तोड़ दिए।।

33


किसी से मोहब्बत करना
ओर भुला देना आसान होता है क्या
उसकी बेवफाई आज भी याद आती है मुझे
पर मोहब्बत को बेवफा कहना आसान होता है क्या।।

34


मै तो उसके लिए कुछ था ही नहीं
ये आज उसने भी कह दिया
मै जिसे बोलता था अपनी जान
उसने आज किसी ओर को जान कह दिया।।

35


मेरी मोहब्बत को उसके लिए कोई मोल नहीं रहा
उसने कभी नहीं किया प्यार मुझे
मेरा कभी उससे रिश्ता नहीं रहा
पर आज वो किसी ओर की हो गई
वो बेवफा सनम अब मेरा नहीं रहा।।

36


मुझे पागल बनाकर किसी ओर से बात किया करती थी
वो तो किसी ओर से मोहब्बत किया करती थी
मै तो था ही नहीं उसका
वो तो किसी ओर को अपना कहा करती थी।।

37


आज उसने भी अपनी ओकात दिखा दी
उस बेवफा ने अपनी जात दिखा दी
वो दिखी आज मुझे किसी ओर की बाहो मै
उसने मेरे प्यार कि आज मुझे ये अनोखी सजा दी।।

38


अब क्या देखना बाकी रह गया है
उसे किसी ओर के साथ देख चुका हूं
मै अब जिंदगी मै सारे गम
ओर धोखे खा चुका हूं।।

39


उसकी मासूमियत पर मरता था मै
मुझे उसके बारे मै कुछ पता नहीं था
उसने तो कहा था मुझे, मै पागल हूं
पर मुझे उसकी बेवफाई का पता नहीं था।।

40


किसी ओर के साथ मिलकर
मेरे प्यार का मजाक उड़ाया
मुझे पागल कहकर उसके सामने
उसने मेरी मोहब्बत को ठुकराया।।

41


आज उसके हर सच का पता चल चुका है
मुझे अब उसका असली चेहरा दिख चुका है
वो अब नहीं है मेरा दुनिया वालो
वो मुझे अब बेवफा कह चुका है।।

42


मै बेवफा नहीं थी मेरी भी कुछ मजुबुरी रही होगी
तुम्हे छोड़ने के पीछे कुछ वजह रही होगी
मेरा दिल मै उतना ही दुखा था उस वक्त
जब तुमने मेरे प्यार को बेवफाई कहीं होगी।।

43


मै उसे कैसे बेवफा कह दू
वो मेरा सनम लगता है
वो चला गया मुझे छोड़कर
पर आज भी दिल के करीब लगता है।।

44


मै बहुत रोया था उसके जाने के बाद
पर फिर सब समझ आ गया
मै कुछ नहीं था उसके लिए
मुझे भी आज प्यार का मतलब समझ आ गया।।

45


अब क्या किसी से उम्मीद रखनी
कोई अब मेरा नहीं है
सब लोग ने दिया है धोका मुझे
पर इस जैसा कोई बेवफा नहीं है।।

46


मै उसके प्यार को बेवफा कह नहीं सकता
मै उसे अपने से दूर कर नहीं सकता
आज भी वो मेरी यादों मै बस्ती है
मै उसके बिना जिंदगी काट नहीं सकता।।

47


जिंदगी मै कुछ लोग ऐसे मिल जाते है
हमे ही वो दगा से जाते है
कोई जब नहीं रहता उनके पास
वो हमारे दिल से खेल जाते है।।

48


उसकी बेवफाई की कसमें खाया करता हूं
मै तो उसे बेवफा माना करता हूं
लोग क्या कहेंगे मेरे बारे में, मै नहीं सोचता
मै अब उसकी यादों को मिटाया करता हूं।।

49


हर बार उसका नाम लिखकर मैने खुद मिटा दिया
उसने जो दर्द दिया था मैने उसे भुला दिया
अब वो नहीं है मेरा दुनिया वालो
मैने उसे दिल से निकाल दिया।।

50


कितनी भी कर लो मोहब्बत
वो एक दिन चली ही जाएगी
उस आ जाएगा कोई दूसरा पसंद
वो तुम्हे छोड़कर चली ही जाएगी।।

51


मै क्या कहूं उसके बारे मै मुझे कुछ पता नहीं है
उसके प्यार को बेवफा कहूं पता नहीं है
पर कुछ था उसमे जो किसी मै नही
पर अब उसे मेरी फिक्र नहीं है।।

52


वो मेरी फिक्र नहीं करती
मै भी उसे अब याद नहीं किया करता
वो किसी ओर की है अब
मै उसे परेशान नहीं किया करता।।

53


उस बेवफा से सारी उम्मीदें खत्म कर दी मैने
प्यार का बार रिश्ता तोड़ दिया मैने
जब वो रहा ही नहीं मेरा सनम
तो उसे कब का छोड़ दिया मैने।।

54

वो मुझे छोड़ने का इरादा कर रही थी
पर मै ही उसे छोड़ आया
वो क्या दिल तोड़ती मेरा
मै उसे किसी ओर की बाहों मै देख आया।।

55


मोहब्बत का ये मंज़र भी देख लिया
हमने उसे किसी ओर की बाहों मै देख लिया
अब कोई नहीं है मेरा इस दुनिया मै
मैने उस बेवफा का चेहरा भी देख लिया।।

56


मुझे तो मेरा ही हिस्सा याद आता है
उसका हर किस्सा याद आता है
वो मुझे मोहब्बत करती थी
मुझे उसका मिला बिछड़ना याद आया है।।

57


मोहब्बत की रहा मै पेरशानी बहुत है
मेरी आंख मै आज पानी बहुत है
जिसको माना था मैने अपने सनम
उसकी बेवफाई की कहानी बहुत है।।

58


लोग कहा करते है मै सुन लिया करता हूं
अब किसी को जवाब नहीं दिया करता हूं
जब वो ही निकली बेवफा
तो अब मै उसके लिए लड़ा नहीं करता हूं।।

59


जिंदगी मै एक बात पुरानी याद रह गई
मुझे आज भी उसकी मासूमियत याद रह गई
वो कैसे हो सकती है किसी ओर की
फिर मुझे उसकी बेवफाई याद रह गई।।

60


अब किसी की फिक्र नहीं है मै अब किसी का नहीं हूं
जो था मेरा मै अब उसका भी नहीं हु
वो अब कहता है किसी ओर का हमसफर
मै अब उसका साथी नहीं हूं।।

61


जिंदगी की एक बात पुरानी है
हमे याद उसी बेवफा की आनी है
जब थी नहीं उसे हमसे मोहब्बत
तो हमे क्यों उससे मोहब्बत निभानी है।।

62


अब उसे भी कुछ कह नहीं सकता
मै उसके बिना रह नहीं सकता
मै करता था उससे मोहब्बत इस कदर
मै तो इसे बेवफा भी कह नहीं सकता।।

63


किसी ओर से मिलकर आकर
उसकी तारीफ मैने सामने किया करती थी
वो मुझसे करती थी सिर्फ प्यार कि बाते
वो तो किसी ओर को हमसफर कहा करती थी।।

64


मेरी जिंदगी मै कुछ नहीं था उसके सिवा
पर अब कोई नहीं रहा
उसके जाने के बाद मै तो जिंदा रहा
पर मुझे अब मोहब्बत पर यकीन ना रहा।।

65


वो कहती है मुझ पर यकीन करो
पर मै उस कर ऐतबार कर नहीं पाता
मै अब उस बेवफा को
अपना कह नहीं पाता।।

66


अब कितना भी माना ले वो मुझको
पाक साफ ले खुद को
पर आंखो से देखा बदल नहीं सकता
मेरी नफरत अब ताउम्र रहेगी उससे
मै अब उससे प्यार कर नहीं सकता।।

67


जिंदगी मै कुछ लोग मुझे भी मिले है
प्यार के बदले मै धोखे मुझे भी मिले है
मैने जिन्हें कहा था अपना सनम
पर वो बेवफा किसी ओर को मिले है।।

68


वो मेरे लिए फील ही नहीं करती थी
वो मुझे दिल मै ही नहीं रखती थी
उस तो किसी ओर से थी आशिक़ी
वो तो मुझसे मोहब्बत ही नहीं करती थी।।

69


उसने तो कहा था मुझे मै किसी एक की नहीं हो सकती
पर मुझे मेरी मोहब्बत पर यकीन था
उसे नहीं समझा मैने कभी किसी ओर का
मुझे मेरी जां पर इतना यकीन था।।

70


यार क्या कहूं मै उसके बारे मै
अब किसी को बताया नहीं करता
लोग उड़ाते है मेरा मजाक
मै उस बेवफा के किस्से अब सुनाया नहीं करता।।

71


एक दिन मै भी चला जाऊंगा
इस दुनिया को छोड़ जाऊंगा
वो क्या कर लेगी मेरा अब
मै उसकी हस्ती भी मिटा जाऊंगा।।

72


कहने को तो मै इसे बर्बाद कर सकता हूं
उसकी हर बेवफाई का बदला ले सकता हूं
पर अब मै किसी से कुछ कहा नहीं करता
उससे की थी मैने मोहब्बत कभी तो
मै उसे बेवफा कहा नहीं करता।।

73


मै कैसे कह दू इसे बेवफा
वो मुझे अपने मां बाप के लिए छोड़ गई
उनकी इज्जत बचाने के लिए
वो मुझसे सारे रिश्ते नाते तोड़ गई।।

74


मैने कितना लिखा था उसके बारे मै
मैने कितना सोचा था उसके बारे मै
पर सब कुछ बेकार चला गया
मैने की थी उससे बेपनाह मोहब्बत
वो फिर भी मुझे छोड़कर चला गया।।

75


मुझसे अलविदा कहकर वो किसी ओर से बात करती है
मेरे गले तो नहीं लगती वो अब
वो किसी ओर को जान कहती है
मुझे बुरा बताकर वो अब उसे मोहब्बत कहती है।।

76


हर पल जो साथ रहा उसे छोड़ दिया उसने
किसी ओर के किए मोहब्बत का रिश्ता तोड़ दिया उसने
अब वो नहीं रहा मेरा यारो
मैने भी अपनी जां कहना छोड़ दिया उसको।।

77


उसके लिए सब कुछ किया था मेने
मोहब्बत का हर लम्हा उसके साथ जिया था मैने
पर अब उसके बिना रहा नहीं जाता है
वो है किसी ओर की बांहों में
फिर भी उसे आज बेवफा कहा नहीं जाता है।।

78


अब मेरे दर्द का कोई अंत नहीं है
पर इस बेवफा को अब फर्क नहीं पड़ता
वो तो करती है किसी ओर से मोहब्बत
उसे मेरे रोने से अब फर्क नहीं पड़ता।।

79


एक पल मै सारे रिश्ते तोड़ दिए उसने
सारी कसमें सारे वादे पीछे छोड़ दिया उसने
जिस शक्श ने उसे माना था खूदा
उसके दिल के हर कोने तोड़ दिए उसने।।

80


मै अब खुश कहा रहा करता हूं
उसे अपनी जान कहा करता हूं
वो तो निकली है बेवफा सनम
मै अब कहा उससे मोहब्बत रखा करता हूं।।

81


हर रिश्ता तोड़ दिया मैने
उसे कब का पीछे छोड़ दिया मेने
जो नहीं हुआ मेरा आज तक
उसके लिए अब रोना छोड़ दिया मेने।।

82


कोई किसी इन्सान को कितना चाहा सकता है
वो उससे कितनी मोहब्बत कर सकता है
उसका तो कोई नहीं होता इस दुनिया मै उसके सिवा
उसका महबूब उसे कैसे बेवफा कह सकता है।।

83


मेरे हिस्से मै हमेशा दर्द आता है
वो जब किसी ओर की बाहों मै चला जाता है
मेरा उस पर हक़ नहीं ये वो कहता है
अब वो किसी ओर से मोहब्बत निभाता है।।

84


उसकी बेवफाई देख चुका हूं मै
उसके किससे सुन चुका हूं मै
मेरा तो कोई नहीं है इस दुनिया मै अब
मोहब्बत का गला घोट चुका हूं मै।।

85


जब उसने किसी ओर को अपना बताया था
जब उसने उसे अपनी जान बताया था
मै तो टूट गया था अन्दर से मुर्शीद
जब उसने उसे अपना हमसफर बताया था।।

86


मुझे यकीन था एक दिन वो भी मोहब्बत कर ही लेगी
वो भी मुझसे इश्क कर ही लेगी
पर उसने मुझे गलत साबित कर दिया
उसने आज किसी ओर अपना कह दिया।।

87


अगर मोहब्बत नहीं थी उनको हमसे
वो हमे बता सकते थे
यूं ना करते वो बेवफाई हमसे
वो किसी ओर को अपना बता सकते थे।।

88


मैने उसे कभी किसी रिश्ते मै बांधकर नहीं रखा
मैने उसे अपनी मोहब्बत का
गुलाम बना कर नहीं रखा
हर हक़ दिया था मैने उसे,
पर वो फिर भी दगा कर गई
आज कहना पड़ रहा उसे बेवफा,
क्युकी वो किसी ओर से वफ़ा कर गई।।

89


उसके बारे मै क्या लिखे हम
उसे तो हम पसंद ही नहीं थे
हम तो पागल थे जो करते थे उससे मोहब्बत
उसे तो हम प्यारे ही नहीं थे।।

90


अब वो मुझसे हमदर्दी जताया करती है
मुझे गलत खुद को सही बताया करती है
मै कैसे कर लू उस पर यकीन
वो आज भी मुझे अपनी जान बताया करती है।।

91


किसी ओर से भी वो बात किया करती है
उसके संग मुलाकात किया करती है
कोई था ही नहीं उसका इस दुनिया मै जैसे
वो किसी ओर के संग हसी रात किया करती है।।

92


अब हम क्या कह देंगे
उन्हे कैसे अपना कह कह देंगे
जब वो नहीं रहे हमारे
हम उसे कैसे जां कह देंगे।।

93


मै ही गलत था जो उससे वफ़ा की उम्मीद कर बैठा
एक बेवफा से प्यार कर बैठा
सबने कहा वो गलत है
पर मै उसके लिए सबसे लड़ाई कर बैठा।।

94


अब मेरे जिससे मै जिंदगी कहा आती है
वो तो मुझे अब हर पल रुलाती है
कोई नहीं है अब मेरा
वो भी किस ओर से प्यार जताती है।।

95


मै रोता रहा उसे फर्क भी नहीं पड़ा
उसे मेरी मोहब्बत का अहसास भी नहीं रहा
वो तो भूल चुकी है मुझे कब की
उस बेवफा को तो अब मुझसे अब प्यार भी ना रहा।।

96


जिंदगी इस तरह गुजर रही है मेरी
धीरे धीरे कट रही है मेरी
उसकी याद जाती है नहीं मेरे पास से
देखो उस बेवफ़ा की कमी खल रही है मेरी।।

97


अच्छा झूठ बोल लेती हो
अच्छा रिश्ता निभा लेती हो
हमे बोलकर अपना प्यार
किसी ओर को हमसफर बना लेती हो।।

98


जिंदगी मै कुछ अलग था
मेरे लिए सब कुछ बेवफा था
कोई नहीं रहा अब मेरा
मुझे तो उसका कुछ पता नहीं था।।

99


अब मै उसकी खबर भी नहीं रखता
मै अब उससे मोहब्बत नहीं रखता
जब वो रही ही नहीं मेरी जान
मै उसे दिल मै नहीं रखता।।

100


किसी ओर के साथ भी वो खुश रह लेती है
मेरी बुराई उससे कर लेती है
मै कोई नहीं हूं उसका अब
वो तो किसी की बाहों मै रह लेती है।।

101


बहुत तकलीफ़ होती है जब कोई चला जाता है
हमे छोड़कर किसी ओर का हो जाता है
पर हम उससे अब कुछ कह नहीं सकते
जो थी बेवफा ही सही,,,
पर उसे किसी ओर के साथ देख नहीं सकते!!

102


अब मै उससे दूर रहा करता हूं
उसकी यादों को मिटा दिया करता हूं
कोई पूछता है उसके बारे मै मुझसे
मै इसे बेवफा बता दिया करता हूं।।

103


गलती मुझसे हुई थी
मै उस पर ज्यादा यकीन कर बैठा
उस बेवफा से वफ़ा की उम्मीद कर बैठा।।

104


वो तो आज खुश है
दर्द तो मुझे हो रहा है
गलत इन्सान से को थी मोहब्बत
आज अफसोस हो रहा रहा है।।

105


एक दिन उसको भी मेरा ख्याल आएगा
उसे भी जहन मै सवाल आएगा
जब कोई करेगा उसे तंग
उसे मेरी मोहब्बत का ध्यान आएगा।।

106


मै उसे प्यार करता हूं
उससे इकरार करता हूं
वो मुझे कहती थी बुरा
पर मै उसे अब बेवफ़ा कहा करता हूं।।

107


किसी ओर की हो चुकी है वो
पर मेरा दिल मानता ही नहीं है
याद नहीं करना चाहता उसको
पर ये नादान दिल
उसकी बेवफाई को जनता ही नहीं है।।

108


अब मै किसी का नहीं रहा
जब से वो चली गई है
मुझसे हर रिश्ता तोड़कर
वो अब किसी ओर की हो गई है।।

109


हमने तो कुछ कहा ही नहीं उसको
पर वो हमारे किरदार मै खो गए
हम उनके कभी ना हो सके
वो हमे बेवफा सनम कह गए।।

110


एक लड़की की मोहब्बत कर वो शक करता है
वो मुझे बेवफा कहता है
उसे पता नहीं वो खुद धोखेबाज है
वो मुझे दगाबाज कहता है।।

111


उससे मोहब्बत करके मुझे क्या मिला
ग़म के सिवा मुझे क्या मिला
वो चली गई मुझे छोड़कर
मेरी मोहब्बत का सिला बेवफाई से मिला।।

112


अब मै कैसे यकीन कर लू किसी ओर पर
जब मै मोहब्बत मै धोका खा चुका हूं
एक बार गलती की है मेने मोहब्बत करने कि
अब मै उसे वापस दोहरा चुका हूं।।

113


दिल तो इस कदर तोड़ दिया उसने
तुम आज से आजाद हो कहकर
मेरा साथ छोड़ दिया उसने।।

114


मुझे भी अब उससे कोई हमदर्दी नहीं
मुझे भी उससे कोई गिला नहीं
उसने जब कह दिया किसी ओर को सनम
मुझे अब उस बेवफा से प्यार नहीं।।

115


मेरे हिस्से मै तो कुछ नहीं
सिर्फ मेरे पास तो दर्द आया
कोई नहीं है मेरे पास आज
उस बेवफा को जाने से पहले मेरा ख्याल भी ना आया।।

116

उसे तो कब का भुला चुका हूं मै
उससे रिश्ता तोड़ चुका हूं मै
अब क्या उम्मीद रखु उससे
उसे किसी ओर के साथ देख चुका हूं मै।।

117


उसके हर झूठ को सच मान बैठा
मै उससे मोहब्बत कर बैठा
वो थी किसी ओर के यारो
मै उसे अपना मान बैठा।।

118

मुझे लगा था वो अच्छी है
मुझे लगा था वो सच्ची है
पर मेरी हर बात झूठ निकली
वो तो सनम बेवफ़ा निकली।।

119


मैने हर तकलीफ़ उसके लिए सही है
मैने उससे मोहब्बत भी की है
फिर मेरे प्यार मै क्या कमी रही गई
जो वो किसी ओर की बाहों मै सोई है।।

120


एक पल मै रिश्ता तोड़ दिया उसने
खुद का पाक साफ बताकर
मुझे छोड़ दिया उसने।।

Final Words

So boys and girls these were the very sad and heartbreaking bewafa Shayari collection in Hindi, if you liked this Shayari then please give 1 like and also share it on Whatsapp and Facebook with your boyfriend and girlfriend so that they can understand how painful it is to get betrayed in true love.

If you have any other bewafa Shayari then please share it in the comment section and we will share your Shayari along with your name in this post. Thank you friends for reading this post.

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