बॉयफ्रेंड को मनाने की शायरी

हेल्लो दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम आपके साथ अपने बॉयफ्रेंड को मनाने की शायरी शेयर करने वाले है जिसको पढ़कर आपके bf की नाराजगी दूर हो जाएगी.

कई बार ऐसा होता है की बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड के बीच में झगड़ा हो जाता है और फिर bf को मनाना थोडा मुश्किल हो जाता है. जब आपका बॉयफ्रेंड रूठ जाता है तो आपको भी कुछ भी अच्छा नहीं लगता है.

तो अगर आपका बॉयफ्रेंड किसी करान्वार्ष आपसे नाराज हो गया है तो आपको परेशान होने की जरुरत नहीं है क्यूंकि ये सभी शायरी बहुत ही जबरदस्त है जिसको शेयर करने से आपका बॉयफ्रेंड खुश हो जायेगा और उसकी नाराजगी दूर हो जाएगी.

तो यदि आप अपने bf को मनाना चाहती हो तो प्लीज ये शायरी को उसके साथ शेयर करे और फिर देखना आपका bf कितना जल्दी मान जायेगा. तो फिर चलो बिना कोई देर करते हुए सीधे पोस्ट को स्टार्ट करते है.

बॉयफ्रेंड को मनाने की शायरी

boyfriend ko manane ki shayari

1
तुमसे प्यार कितना है यह मैं बता नहीं सकती
मैं तुम्हें अपनी मोहब्बत लफ्जों में समझा नहीं सकती
तुम्हारी नाराजगी की वजह तो नहीं जानती मैं
पर मैं तुम्हें छोड़ कर कभी जा नहीं सकती

2
तुम्हारी नाराजगी शायद इस वजह से है मुझे तो पता नहीं है
पर मैंने तुमसे मोहब्बत की है यह शायद तुम्हें पता नहीं है
और तुम मुझ पर इल्जाम लगा रहे हो बेवफाई का
तुम्हें शायद मेरी वफा का मालूम नहीं

3
तुम आज मुझसे छोटी सी बात पर नाराज हो जाते हो
तुम मुझसे छोटी छोटी बातों पर लड़ जाते हो
मैं तुम्हें हर बार तो मना नहीं पाऊंगी
तुम मेरी मोहब्बत को कभी समझ नहीं पाते हो

4
मैं तुम्हारी फिक्र करती हूं
मैं तुम्हें कभी कहीं जाने से रोकती भी नहीं हूं
मैं तुम्हें किसी से बात करने पर टोकती भी नहीं हूं
फिर तुम मुझसे क्यों नाराज हो इस तरह
मैं तो तुम्हारी कोई बात को मना करती भी नहीं हूं

5
मैंने आज तक तुम्हारे किसी बात को मना नहीं किया है
मैंने आज तक तुम्हें कभी खुद से दूर नहीं किया है
फिर भी तुम नाराज हो मुझसे इस तरह
मैंने कभी तुमसे कोई गलत बात भी नहीं किया

7
तुमसे भी नाराज होते हो मुझे बहुत अच्छे लगते हो
तुम मुझे बहुत प्यारी और क्यूट लगते हो
पर यह नाराजगी और उदासी तुम्हारे चेहरे पर अच्छी नहीं लगती क्योंकि तुम नाराज हो जाने पर बिल्कुल बंदर जैसे लगते हो

8
मैं तुम्हें ज्यादा देर तक नाराज देख नहीं सकती
मैं तुम्हें अपने से दूर जाता हुआ देख नहीं सकती
मैं तुम्हें अपना सब कुछ मानती हूं
मैं तुम्हें इस तरीके से उदास देख नहीं सकती

9
आज तुम्हें क्यों बंदर जैसी शक्ल बनाई हुई है
क्यों अपने चेहरे पर बारह बजाई हुई है
तुम्हारी नाराजगी की वजह बता दो मैं तुम्हें मना लूं
बताओ तुम्हें क्या चाहिए जिससे कि मैं तुम्हें अपना बना लूं

10
तुम्हें अपना बनाने की मेरे हर मुमकिन कोशिश की है
मैंने तुम्हें मनाने की हर कोशिश की है
फिर भी तुम मुझसे मान नहीं रहे हो
जबकि मैंने तुम्हें मोहब्बत दिखाने की कोशिश की है

11
हम दोनों ने तो एक दूसरे से वादा किया था
दोनों ने एक दूसरे के साथ चलने का तय किया था
फिर हमारे बीच में नाराजगी कहां से आ गई
हमने तो एक दूसरे से मोहब्बत का इजहार किया था

12
मैंने तुम्हें कभी भी कुछ करने से रोका नहीं है
मैंने तुम्हें कहीं बाहर जाने से रोका नहीं है
तुम जिसे चाहे बात कर सकते हो तुम्हें फुल छूट है
मैंने तुम्हें कभी भी मोहब्बत में बांधकर रखा नहीं है

13
मैंने तो तुमसे हमेशा सच्ची मोहब्बत की है
मैंने तो तुमसे हमेशा सच्ची बात की है
मैंने तुमसे ही किया है इश्क मैंने हमेशा तुम ही अपना माना है और तुम्हें ही दिलो जान से चाहा है

14
इस तरह में अपनी मोहब्बत को भुला नहीं सकती
मैं तुम्हें इस तरीके से दूर जाने दे नहीं सकती
तुम नाराज हो तो मैं तुम्हें मना लूंगी
पर मैं तुम्हें कभी खोने दे नहीं सकती

15
तुम मुझे छोड़ दिया किसी और के पास जाना चाहते हो शायद तुम मुझसे मोहब्बत नहीं करना चाहते हो शायद
तो ठीक है तुम चले जाओ उसी के पास
तुम मेरे पास नहीं रहना चाहते हो शायद

16
नाराज तो मुझे होना चाहिए पर तुम उल्टा नाराज हो रहे हो अपनी गलती को मेरी गलती बता रहे हो
मैंने तो कुछ किया भी नहीं है
फिर भी तुम अपने चेहरे पर यह उदासी क्यों लगा रहे हो

17
तुम्हारे चेहरे की उदासी मुझे बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगती तुम्हारे चेहरे पर यह सड़ी हुई शक्ल बिल्कुल भी नहीं जचती
मैंने तुमसे मोहब्बत की है और मैं तुम्हें अपना मानती हूं
तुम्हारे अलावा मैं किसी को जानती भी नहीं हूं

18
मैं तुम्हें से ज्यादा अपनी मोहब्बत का सबूत और दे नहीं सकती मैं तुम्हें इससे ज्यादा अपना और बना नहीं सकती
मैंने तो हर कोशिश कर ली है तुम्हें अपना बनाने कि
मैं अब इससे ज्यादा तुम्हें मना नहीं सकती

19
तुम अगर मुझे छोड़कर जाना ही चाहते हो तो फिर जा सकते हो क्योंकि तुम्हें मनाने का कोई फायदा नहीं है
गलती तुमने की है और सजा मुझे दे रहे हो
तुम्हें अब कुछ समझाने का कोई फायदा नहीं

20
अगर मुझसे कोई गलती हुई है तो बता दो
तुम मुझे अपने मन मुताबिक सजा दो
पर इस तरीके से नाराज होकर मेरे दिल को मत छोड़ो
तुम मुझे छोड़कर किसी और से रिश्ता मत जोड़ो

21
यह दिल सिर्फ तुम्हारा है इसमें सिर्फ तुम्हारा ही हक है
मैं तुमसे मोहब्बत करती हूं और किसी की चाहत नहीं करती हूं मैंने तुम्हें हमेशा अपना माना है मैं किसी और से बात भी नहीं करती हूं।।

22
मोहब्बत के रिश्ते के बीच में कभी कोई आता नहीं है
यह मोहब्बत ऐसे ही बुलाई जाती नहीं है
हमने तो हमेशा किया है तुम्हारा इंतजार
यह मोहब्बत में कभी भी
एक दूसरे के बीच में गलतफहमी आती नहीं है

23
हमेशा तुम्हें दिल से चाहता हूं
मैं हमेशा तुम्हें अपना बनाना चाहता हूं
मैं सिर्फ और सिर्फ तुमसे करता हूं मोहब्बत
मैं सिर्फ और सिर्फ तुम्हारा होकर रहना चाहता हूं

24
मैंने हमेशा तुमसे चाहत की है
मैंने हमेशा तुमसे मोहब्बत की है
मैं रहता हूं हमेशा तुम्हारे इंतजार में
मैंने हमेशा तुमसे कोई शिकायत नहीं की

25
मैं अब से तुमसे कोई शिकायत नहीं करूंगी
मैं तुम्हें कभी भी अपने आप से दूर नहीं करूंगी
एक बार तो मान जाऊंगा तुम मेरे लिए
मैं तुम्हें कभी भी परेशान नहीं करूंगी

26
शायद अब तुम मुझसे तंग आ चुकी हो
इसीलिए तुम मुझसे दूर जाना चाहते हो
तुम किसी और से करने लगी हो मोहब्बत
इसीलिए मुझे तुम खुद से दूर करना चाहते

27
जब मेरी गलती नहीं है तो
फिर तुम बिना बात की तुम मुझसे नाराज हो रहे हो
तुम मुझे क्यों नहीं समझ रहे हो
मैं समझूंगा तुम्हें हर बार
तुम मुझे क्यों मनाने की कोशिश नहीं कर रहे हो

28
मैंने तुमसे मोहब्बत की है यह मैं जानती हूं
तुमने भी मुझसे इश्क किया है यह भी मैं जानती हूं
पर तुम्हारी नाराजगी की वजह क्या है
यह शायद मैं अभी तक नहीं जानती हूं

29
मैं नहीं जानती मुझसे अनजाने में क्या गलती हो गई है
पर मैं तुमसे हर गलती की माफी मांगती हूं
एक बार मुझे माफ कर दो ना
मैं तुम्हें दिलो जान से चाहती हूं

30
अगर तुम मुझे एक बार माफ कर दोगी
तो मैं तुम्हें छोड़कर कभी नहीं जाऊंगी
मैं तुम्हारा दिल तोड़ कर फिर कभी नहीं जाऊंगी
एक बार मैंने गलती की है मैं उस गलती को कभी फिर कभी नही दोहराऊंगी

31
तुमसे मोहब्बत मुझे इस कदर हो गई है
कि मैं अब तुमसे दूर कभी जा नहीं सकती
मैं तुम्हारे बिना रहने पर कभी सोच नहीं सकती
मैं तुमसे ही की है मोहब्बत में तुम्हें कभी भुला नहीं सकते

32
तुम्हारी मोहब्बत मेरे दिल में बस चुकी है
तुम्हारी चाहत मेरे दिल में बस चुकी है
तुम मुझे छोड़ कर जा सकते हो जानती हूं मैं
पर अब तुम मुझसे भुलाए नहीं जा सकते
क्योंकि तुम्हारी हर अदा मेरी रूह में बस चुकी है

33
तुम गुस्से में कितने प्यारे लगते हो शायद तुम भी नहीं जानते मुझे खुद से ज्यादा चाहते हो यह शायद तुम भी नहीं जानते हो
मैं भी करती हूं तुमसे मोहब्बत पर फिर भी तुम मुझे अभी अच्छे से नहीं पहचानते हो।।

34
तुम्हारी मोहब्बत को ही मैंने अपना सब कुछ माना है
मैंने तुम्हें अपना खुदा माना है
तुम हमेशा रहते हो मेरे पास में जानती हूं
मैंने तुम्हें अपना सब कुछ माना है

35
अपनी मोहब्बत को मैं कभी भुला नहीं पाऊंगी
मैं तुम्हें कभी खुद से जुदा कर नहीं पाऊंगी
तुम्हारी नाराजगी को मैं समझती हूं
पर मैं तुम्हें अब कभी भी उदास होने का मौका नहीं दे पाऊंगी।।

36
अगर तुमने मुझे माफ नहीं किया तो
फिर मैं कभी तुम्हें अपनी शक्ल नहीं दिखाऊंगी
मैं तुम्हें हमेशा के लिए छोड़ कर चली जाऊंगी
क्योंकि अगर मेरी गलती कोई माफी ही नहीं है
तो फिर मैं कभी लौट कर तुम्हारे पास दोबारा नहीं आऊंगी

37
मैंने गलती की है यह मैं जानती हूं
पर मैं तुम्हें भी अच्छे से पहचानती हूं
तुमने मुझे एक बार भी समझाने की कोशिश नहीं की
और तुम मुझसे नाराज होकर बैठ गए
चलो मैं तुमसे आज अपनी गलती की माफी मांगती हूं

38
मैंने तुमसे कितनी बार माफी मांगी है
मैंने तुम्हें कितनी बार मनाने की कोशिश की है
फिर भी तुम मुझसे नाराज ही रहते हो
मैंने तुम्हें कितनी बार अपने सीने से लगाने की कोशिश की है

39
एक बार तो तुम मान जाओ ना
एक बार तो मुझे अपने सीने से लगा लूंगा
मैं तुम्हें कभी भी फिर शिकायत का मौका नहीं दूंगी
तुम एक बार मुझसे मोहब्बत निभा लो ना

40
तुमसे जो मोहब्बत है वह तुमसे ही रहेगी
यह मोहब्बत कभी किसी और के लिए नहीं रहेगी
मैं तुमसे ही प्यार करती हूं
और यह इश्क हमेशा तुम्हारे लिए ही रहेगा
इसको किसी और को हक कभी नहीं रहेगा

41
मैं तुमसे आज ही वादा करती हूं
मैं तुम्हें छोड़ कर कभी भी नहीं जाऊंगी
तुम्हारा दिल तोड़ कर मैं कभी भी नहीं जाऊंगी
अगर मैं कभी गलती तुम तो तुम मुझे छोड़ कर जा सकते हो
पर मैं तुम्हें कभी खुद से हम दूर कर नहीं पाऊंगी

42
मेरी गलती की सजा तुम मुझे दे सकते हो मैं मानती हूं
पर तुम मुझसे ज्यादा देर नाराज नहीं रह सकते हो
यह भी मैं जानती हूं
इसलिए अपनी नाराजगी और गुस्सा छोड़ दो ना
मेरे पास आकर ये सारे बंधन तोड़ दो ना।।

43
जहां प्यार होता है वही नाराजगी होती है
और जहां इंतजार होता है वही मोहब्बत होती है
मैंने यह दोनों ही तुम्हारे लिए किया है
इसीलिए तुम आज मान जाओ ना
मैंने तुमसे सच्चा इश्क किया है

44
मैं तुम्हारे इश्क के अलावा किसी और को चाहती नहीं हूं
मैं सिर्फ तुम्हें ही पसंद करती हूं
मैं तुम्हारे सिवा किसी और से दोस्ती भी नहीं करती हूं
फिर तुम मुझसे नाराज क्यों हो इस तरह
मैं सिर्फ और सिर्फ तुमसे ही मोहब्बत करती हूं

45
मैंने मोहब्बत नहीं वफा कर नहीं सीखी है
मैंने मोहब्बत में रिश्ता निभाना सीखा है
मैंने कभी भी तुम्हें धोखा नहीं दिया
मैंने तुम्हें हमेशा अपना बनाना सीखना है

46
तुम्हारी मोहब्बत को मैं हमेशा सीने से लगा कर रखूंगी
मैं तुम्हें अपना दिल दूंगी और तुमसे ही प्यार निभा कर रखूंगी बस तुम मुझे छोड़ कर कभी मत जाना
मैं तुम्हें हमेशा अपने दिल में बसा कर रखूंगी

47
यह मोहब्बत जो तुमसे है वह तुमसे ही रहेगी
यह तुम्हारे अलावा किसी और से कभी नहीं होगी
मैंने हमेशा तुमसे की है चाहत उस तुमसे ही करती रहूंगी
यह इश्क है इबादत तुमसे ही रहूंगी

48
तुम मुझे लेकर बेफिक्र रहो
मैं तुम्हें छोड़कर कभी नहीं जाऊंगी
मैं तुम्हारा दिल तोड़ कर कभी नहीं जाऊंगी
कौन कितनी भी कोशिश कर ले हम दोनों को दूर करने की
पर मैं तुमसे कभी भी जुदा नहीं हो पाऊंगी

49
एक गलती की सजा तुम मुझे दे चुके हो
फिर भी नाराज भी तुम्हारी किस बात की है
मैंने तुम्हें मनाने की हर कोशिश तो कर ली है
फिर तुम्हारी आज ही उदासी किस बात की है

50
चलो तुम जो कहोगे मैं मानने के लिए तैयार हूं
मैं तुम्हारी हर इच्छा पूरी करने के लिए तैयार हूं
बस तुम एक बार मान जाओ ना मैं तुम्हें उदास नहीं देख सकती मैं तुम्हें मनाने के लिए हर कोशिश करने को तैयार हूं

51
एक बार तुम भी मुझे मना लो ना
मैं भी तो मान जाती हूं
तुम भी थोड़ी मोहब्बत दिखाओ ना
मैं भी तो दिखाती हूं
तुम्हारी नाराजगी बेवजह है
चलो आ जाओ मेरे गले से लग जाओ ना
मैं भी तो तुम्हें प्यार करती हूं

52
मैं हमेशा तुम्हें प्यार करती हूं
मैं हमेशा तुम्हारा इंतजार करती हूं
मैं सिर्फ तुम ही मानती हूं अपना
और मैं हमेशा तुमसे मोहब्बत करती हूं

53
यह तुम भी जानते हो मैं तुम्हें कभी खुद से जुदा कर नहीं सकती मैं तुम्हें कभी ख्वाबों में भी भूलने के बारे में सोच नहीं सकती फिर तुम्हारी नाराजगी आज क्यों है मुझसे
मैं तुम्हें कभी भी छोड़ कर जा नहीं सकती

54
मैं तुमसे वादा करती हूं मैं तुम्हें छोड़कर कभी नहीं जाऊंगी
मैं तुम्हारा दिल तोड़ कर कभी नहीं जाऊंगी
मैंने जो तुमसे की है मोहब्बत में वह तुम से ही निभाऊंगी

55
मेरी मोहब्बत हो तुम एक बार तो समझो
तुम मुझे एक बार तो अपने सीने से लगा लो
और अपनी मोहब्बत के काबिल समझो
मैं वादा करती हूं मैं तुम्हारा हर ख्वाब पूरा करूंगी
मैं तुम्हारे साथ सात जन्मों का वादा भी पूरा करूंगी

56
हम दोनों ने साथ-साथ हमसफर बने रहते हैं
हम दोनों ने साथ-साथ मोहब्बत करने का तय किया था
पर तुमने मुझे बीच रास्ते में छोड़कर जा रहे हो
हम दोनों ने तो जन्मो जन्मों तक साथ निभाने का वादा किया था

57
तुम्हारा हर वादा झूठा निकला है तुम्हारी तरह
तूने मुझे बीच रास्ते पर छोड़ दिया
मैंने तुम्हें हर वक्त मनाने की कोशिश की
पर तुमने मुझे गलती की सजा दी फिर भी अकेला छोड़ दिया

58
मैंने सिर्फ एक छोटी सी गलती की है
मेरे से कोई बहुत बड़ा गुनाह नहीं हो गया है
मैंने तुम्हें मनाने की कोशिश की है हर वक्त
पर हम दोनों का रिश्ता शायद अब एक दूसरे से दूर हो गया है

59
मैंने कभी सोचा नहीं था मोहब्बत में यह दिन भी आएगा
जिस से प्यार किया था वही मुझे रुलाएगा
मैं उसे मनाने की हर कोशिश करूंगी
पर वह मुझसे हर वक्त दूर जाना चाहेगाचाहेगा

60
जो मोहब्बत तुमसे है
वो शायद कभी किसी और से हो नहीं पाएगी
तुम मुझे छोड़ कर अगर चली जाओगी
फिर भी मेरी तुम्हें याद जरूर आएगी
मैं तुमसे करती हूं सच्ची मोहब्बत
और मेरी यादें तुमसे कभी भुलाई नहीं जाएगी

61
तुम्हारी मोहब्बत को मैं अपना मानती हूं
मैं सिर्फ और सिर्फ तुम्हें ही चाहती हूं
और तुम्हें अपना मानती हूं
फिर तुम मुझे छोड़कर जाने की बात क्यों कर रहे हो
मैं तुम्हें अपना दिल और जान से मानती हूं

62
मैंने तुमसे मोहब्बत की है यह तुम भी जानते हो
मैंने तुमसे सच्चा इश्क किया है यह तुम भी जानते हो
फिर मुझसे नाराज क्यों बैठे हो तुम इस तरह
तुम मेरी उदासी की वजह भी जानते हो

63
आज के बाद मैं तुम्हें कभी शिकायत का मौका नहीं दूंगी
क्योंकि मैं आपको अभी तुम से मिलूंगी ही नहीं
मैं तुम्हें छोड़ कर जा रही हूं
मैं तुमसे कभी बात करूंगी ही नहीं।।

64
तुमसे मोहब्बत की है मैंने और मैं तुमसे ही करती रहूंगी
तुमसे चाहत की है मैंने और मैं तुमसे ही करती रहूंगी
मैंने हमेशा किया है तुम्हारा इंतजार
और मैं हमेशा इंतजार करती रहूंगी

65
मैं तुम्हें छोड़ कर कभी जाने के बारे में सोच नहीं सकती
मैं तुम्हारा दिल तोड़ कर जाने के बारे में कभी सोच नहीं सकती पर तुम मुझसे क्यों नाराज हो आज
मैं तुम्हें कभी भी किसी भी हालत में अकेला छोड़ नहीं सकते

66
अगर तुम मुझे छोड़ कर जाना चाहते हो
तो तुम बेशक जाते हो मैं तुम्हें रोकूंगी नहीं
मैं तुम्हारा साथ नहीं छोडूंगी नहीं
तुम जहां जाओगे मैं तुम्हारे पीछे-पीछे आऊंगी
मैं तुमसे यह मोहब्बत का रिश्ता कभी तोड़ दूंगी नहीं

67
मेरी चाहत का तुम्हें अंदाजा नहीं है शायद
मेरी मोहब्बत का तुम्हें अंदाजा नहीं है शायद
मैंने तुम्हें कितना चाहा है
तुम्हें इस बात का पता नहीं है शायद

68
मेरे इंतजार में वह शक्ति है मेरी इबादत में वह भक्ति है
मैं तुम्हें कभी खुद से दूर जाने नहीं दूंगी
क्योंकि मैं तुमसे करती हूं सच्ची मोहब्बत
मैं तुम्हें कभी इस तरीके से परेशान होने नहीं दूंगी

69
मैं तुम्हारे साथ हर कदम चलने को तैयार हूं
मैं तुम्हारा हमसफर बनने के लिए तैयार हूं
बस तुम एक बार मेरे पास आओ
और यह अपना गुस्सा बाहर निकाल दो
मैं तुम्हारे साथ हर कदम चलने को तैयार हूं

70
तुम मेरी गलती मुझे बता दो
तुम मुझे उस गलती की सजा दो
पर तुम मुझसे इस तरह नाराज मत रहो
तुम मुझसे इस तरह दूर दूर मत रहो

71
यह तुम भी जानते हो मैं तुम्हारी नाराजगी बर्दाश्त नहीं सकती
मैं कभी तुम्हें भुला नहीं सकते
मैं कभी तुम्हें छोड़कर जा नहीं सकती
फिर भी तुम मुझसे नाराज हुआ इस तरह
जबकि तुम जानते हो तुम्हारे अलावा
किसी और को चाहा नहीं सकती

72
मुझे मोहब्बत सिर्फ और सिर्फ तुम से है
यह मोहब्बत मुझे किसी और से कभी हो नहीं सकती
मैंने तुम्हें मना है सच्चे दिल से अपना
तुम्हारे अलावा यह चाहत मेरे दिल में
किसी और के लिए हो नहीं सकती

73
तुम्हारी मोहब्बत को ही मैंने अपना सबकुछ मान लिया
तुम ही मैंने दिल से अपना मान लिया है
तुम मुझे छोड़ कर चले भी जाओगे
तो फिर मुझे कौन-कौन नहीं है
क्योंकि मैंने तुमसे ही अपनी मोहब्बत में सब कुछ मांग लिया

74
आज मुझे पता चल गया है कि
तुम नाराजगी में कुछ भी कह देते हो
तुम मुझे गुस्से में छोड़कर जाने की धमकी दे देते हो
मैं तुम्हें मनाने की कोशिश करती रहती हूं
पर तुम मुझे बेवफा कह देते हो

75
जाओ आज मैं भी तुम्हें छोड़ कर जा रही हूं
मैं तुमसे यह रिश्ता तोड़ कर जा रही हूं
कभी नहीं आऊंगी तुम्हारे पास लौट कर
मैं हर रिश्ता नाता यही अधूरा छोड़ कर जा रही हूं

76
शायद तुम मुझे एक बार समझ लेंगे तो यह नौबत नहीं आती तुम शायद मेरा दिल नहीं तोड़ते तो यह नौबत नहीं आती
मैंने तुमसे ही की है मोहब्बत
और तुम्हें मुझे छोड़ने की कभी जरूरत नहीं आती

77
हर बात पर तो तुम नाराज हो जाते हो
हर बात पर तो तुम मुझसे दूर जाते हो
मैं तुम्हें कब तक मनाने की कोशिश करूंगी
तुम तो कभी मुझे मना कर ही नहीं हो पाते हो

78
मैं तुम्हें मनाने की कोशिश करती रहूंगी
जब तक तुम नहीं मानोगी मैं तुम्हें अपने पास बुलाती रहूंगी
तुम चाहे मुझसे कुछ भी कह लो मैं सब सह लूंगी
पर मैं तुम्हें कभी खुद से दूर नहीं करूंगी

79
शायद मैंने इतना तो किसी के लिए भी नहीं किया होगा
जितना मैं तुम्हारे लिए कर रही हूं
मैं तुम्हारे लिए सब कुछ तो कर रही हूं
मैंने अपनी इज्जत सब छोड़ दी तुम्हारे लिए
मैं सिर्फ तुम्हारे लिए ही तो इस दुनिया में जी रही हूं

80
तुम्हारे लिए मैंने क्या-क्या किया है यह तुम भी जानते हो
मैंने हर वक्त तुम्हारा साथ दिया है यह तुम भी जानते हो
फिर तुम आज मुझसे फालतू की बात पर नाराज हो
तो शायद तुम मुझे अब बिल्कुल भी नहीं पहचानते हो

81
तुमसे मोहब्बत कभी भुलाई नहीं जाएगी
तुम से कभी दूर जाने की नौबत नहीं आएगी
मैंने तुमसे ही किया है प्यार तुमसे ही रहेगा
यह मोहब्बत कभी किसी और को रास नहीं आएगी

82
तुम्हें ही मेने जान से चाहा है
तुम्हें मैंने अपना माना है
तुम मुझे छोड़ कर कभी मत जाना
मैंने तुम्हें अपना सब कुछ जाना है

85
तुम्हारी मोहब्बत के अलावा मेरे पास कुछ बचा नहीं है
तुम्हारे सिवा मेरे पास अब कोई नहीं है
तुम भी हम मुझे छोड़कर चले जाओगे
और इस तरह उदास रहोगे
तो फिर मेरे पास जीने की कोई वजह नहीं है

86
तुम शायद मुझे कब का खुद से दूर कर चुके हो
तुम साथ किसी और से अब रिश्ता निभा चुकी हो
तुम्हें मेरी जरूरत महसूस नहीं होती
तो फिर मैं भी तुम्हारे साथ रहना नहीं चाहती
क्योंकि तुम्हें अब शायद मुझसे मोहब्बत नहीं होती

87
मैं तुम्हारे साथ कभी जबरदस्ती रहना नहीं चाहती
मैं तुम्हारा दिल कभी भी तोड़ना नहीं चाहती
तुम जो कहोगे मैं मान लूंगी मैं
और मैं तुमसे दूर भी चली जाऊंगी
क्योंकि मैं तुम्हारा दिल कभी तोड़ना नहीं चाहती

88
याद रखना तुमने मुझे भी वजह सजा दी है
तुमने मुझे बिना बात की यह उदासी दी है
मैंने तुम्हें मनाने की कोशिश की थी हर बार
पर तुमने मुझे समझने की एक बार भी कोशिश नहीं की हैं

89
तुम मुझे समझ लेते हैं एक बार तो यह नौबत नहीं आती
हम दोनों को दूर जाने की कोई जरूरत ही नहीं आती
हम दोनों करते हैं दूसरे से इतनी मोहब्बत
हम दोनों के बीच में गलतफहमी आई नहीं आती

90
अगली बार जब तुमने किनारा कर लिया है
तुमने मुझे छोड़कर जाने का खुद से वादा कर लिया है
तो मैं अब तुम्हें कभी रोकूंगी नहीं मैं तुम्हारा साथ छोड़ दूंगी
मैं तुम्हारे पास अब कभी आऊंगी नहीं

91
तुम शायद मुझे भूलना चाहते हो
तुम शायद हम अपनी जिंदगी बनाना चाहते हो
इसीलिए तुम आज मुझसे उदास हो क्योंकि
तुम मुझसे अब रिश्ता तोड़ना चाहते हो

92
मैं तो तुम्हें मना मना कर हार चुकी हूं
मैं तुम्हें अपना सब कुछ दे चुकी हूं
मैंने तुमसे इतनी मोहब्बत की है
इतनी मैंने आज तक किसी से नहीं कि
मैं तुम्हें मोहब्बत में अपना सब कुछ दे चुकी हूं

93
मैंने तुम्हारे लिए क्या नहीं किया
मैंने तुम्हारे लिए सब कुछ तो किया है
फिर भी तुम मुझसे नाराज हुआ इस तरह
मैंने तुम्हारे लिए सब कुछ छोड़ दिया है

94
जिस इंसान के लिए मैंने सब कुछ छोड़ दिया
जिस इंसान के लिए मैंने सब से नाता तोड़ दिया
आज वही इंसान मुझसे नाराज बैठा है
इसके लिए मैंने अपनी जिंदगी तक को छोड़ दिया

95
मैं तुम्हारे साथ इस आस में आई थी कि
शायद तुम मुझे समझ पाओगे
तुम मुझसे मोहब्बत निभा पाओगे
पर तुमने तो एक पल नहीं सारे रिश्ते खत्म कर दिए मुझसे
तुम नाराज हो तुम इस तरह कि मैं तुम्हें मना ही नहीं पाई
और तुम मुझे आज अकेला छोड़ कर चल दिए

96
अब क्या मैं तुमसे मोहब्बत निभाऊंगी
अब क्या मैं तुम्हें मना पाऊंगी
जब तुमने मुझे छोड़कर जाने की कोशिश कर ही ली है
तो फिर मैं अब तुम्हें अभी रोक भी नहीं पाऊंगी

97
चलो मैं तुम्हारे लिए आसान कर देती हूं
मैं तुम्हारे लिए तुम्हारा रास्ता आसान कर देती हूं
मेरे मनाने पर तो तुम आने नहीं हो तो
तुम मुझे छोड़ कर जा सकते हो
मैं तुम्हें अपनी मोहब्बत से आजाद कर देती हूं

98
मैंने भी तुम्हें बहुत मनाया है
मैंने भी तुमसे बहुत मोहब्बत की है
तुम कहते हो ना हमेशा कि तुम मुझसे प्यार करते हो
तो मैंने भी तुमसे बहुत इश्क किया है

99
तुम्हारे इश्क के सिवा मैंने किसी को अपना नहीं माना
तुम्हें दिलो जान से चाहा है मैंने
तुम्हारे अलावा किसी को इस मोहब्बत में हिस्सेदार नहीं माना फिर भी तुम मुझसे नाराज हो आज
जब कि मैंने गलती भी नहीं की
और हमेशा तुम्हारा कहना माना

100
जो गलती आज हुई है
वो अब कभी दुबारा नहीं होगी
तुम बस एक बार मान जाओ ना
हमसे ये खता अब दुबारा नहीं होगी।।

Final Words:

तो दोस्तों ये था अपने रूठे बॉयफ्रेंड को मनाने की शायरी, हम उम्मीद करते है की आपको ये सभी शायरी जरुर पसंद आई होगी. दोस्तों अगर आपको ये शायरी अच्छी लगी तो प्लीज इसको जरुर १ लाइक करे और अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करे. धन्येवाद.

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