दिलकश शायरी | Dilkash Shayari

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These are very heart touching and very romantic dilkash shayari so friends without wasting much time lets start reading this shayari collection. Also if you are in love with any girl or boy then please share with them also on whatsapp and facebook.

Table of Contents:

दिलकश शायरी

Dilkash Shayari in Hindi

दिलकश शायरी

दर्द है आता जिस रस्ते से
तुम भी आए उसी रस्ते से
जब से आंखों पे छाए हो
सुबह न आई किसी रस्ते से
दुख पाने से डरते हो तुम
जाओ भीड़ भरे रस्ते से
रोते नज्मों को संग लिए
तन्हा चले अपने रस्ते से.


जिंदगी में इतने गम हैं
मरा नहीं, ये क्या कम है
तुझे अपने सीने में रखेंगे
जब तलक सांसों में दम है
जख्म तो सब देते हैं मगर
कोई नहीं मेरा मरहम है
तुमको खोकर मैंने जाना
हर खुशी एक वहम है.


खुशी के पल आए-जाए
हम तो हैं इन सबसे पराए
आग बरसाती है जिंदगी
आंसुओं में डूबे मेरे साये
आगे-पीछे दाएं-बाएं
तेरे बिन दिल कहां जाए
यारों की तो बात छोड़ो
रिश्तों में भी हम हैं पराए.


किसके सहारे जीना है
तन्हाई ही तमन्ना है
हम इस पार, तुम उस पार
बीच में नदी को बहना है
लम्हा दिन महीना बरस
दुख के किनारे मरना है
आधे-अधूरे जीवन पूरे
तेरे बिन अब रहना है.


तेरा दामन मेरे हाथ न आया
तुझपे भी कोई दाग न आया
पीछे मुड़के अब क्या देखूं
राह पे जब तू साथ न आया
रख ली हथेली पे माथे को
दर्द को जब दिल झेल न पाया
मेरी आंखें तुमसे जुदा हैं
रात हुई पर चांद न आया.


पास जब तक वो नहीं आते
हम इलाजे-जिगर नहीं पाते
तेरी तस्वीर चूमता हूं मगर
वो नाजुक सी लहर नहीं पाते
है अमावस सी जिंदगी तन्हा
कोई माहताब उभर नहीं पाते
कितनी मायूस है मेरी नजर
अश्क भी रहगुजर नहीं पाते.


एक खामोश मुसाफिर सा कोई
छू गया है मुझे साहिर सा कोई
घूमकर देखा जब शहर की तरफ
दूर तक था खड़ा पत्थर सा कोई
आईना नींद से जागा था तभी
जब उसे तोड़कर गया था कोई
ठहर गई है आंख में दरिया
इसके आगे है झरना सा कोई.


दुनिया को हम छोड़ आए
दुश्मन का दिल तोड़ आए
कानों में जब रूई लगे हैं
कैसे कहीं से शोर आए
रस्ते ही जहां टूटे मिले थे
ऐसे भी कुछ मोड़ आए
फूलों के धोखे में हम तो
कांटों से दिल जोड़ आए.


गम के तूफानों से घिरा रहता है
तू हकीकत से डरा रहता है
दिल को जाहिर नहीं होने देता
आंख में आंसू भरे रहता है
न हंसता है और न रोता है
कहीं तन्हा सा बैठा रहता है
दर्द दिल में और उदासी में
किसी अंधेरे में पड़ा रहता है.


दिल पे जख्म का पहरा है
दर्द बड़ा ही गहरा है
खामोशी या उदासी में
जीवन का ही दुखड़ा है
मुसकाएं आखिर हम कैसे
दिल तो टुकड़ा-टुकड़ा है
देख लो मेरे दामन में
दाग ही हरसू बिखरा है.


दोनों चिरागों में दो समंदर,
देखा है उनकी आंखों के अंदर,
अपने खयालों में देखा जिनको,
आज नजर में आए वो दिलबर,
जुल्फें या आंखें, चेहरा या चितवन,
हरसू हैं उनमें जलवों के खंजर,
नाजुक बदन जब निकले फिजा में,
खुशबू से भर जाए सारा मंजर.


कहने से कोई समझता नहीं है
जब तक तजरबा होता नहीं है
बातें ही करता रहता है अक्सर
खामोशियों को जो पढ़ता नहीं है
ठोकर वो खा ले मगर राहों से
पत्थर कभी भी हटाता नहीं है
दुनिया में मरने से बचने के खातिर
दिल को वो जिंदा रखता नहीं है.


दिल की बातें दिल में रह गए
आंसू बह गए, खूं भी जल गए
हर निशां, हर जख्म में तुम हो
जब याद आई, टीस उभर गए
रूह में इश्क की लगन लगी है
जिस्म की हर चाहत अब मर गए
जीवन भर अब सदमा रहेगा
इक अरमां था, वो भी बिखर गए.


तुम तो आए भी, चले भी गए
एक दिल था उसे ले भी गए
तेरी आंखों से हमें इश्क हुआ
मेरी आंखों को अश्क दे भी गए
हमें मंजूर है रोना तन्हाई में
भीड़ में हम दर्द पी भी गए
अब तो कुछ न बचा दुनिया में
एक तुम थे, तुम खो भी गए.


ये सिलसिला बना सा रहे
तुमको हमसे गिला सा रहे
प्यास आंखों की बुझाने के लिए
सैकड़ों जख्म हरा सा रहे
ऐ मेरे दिल ऐसे ख्वाब सजा
कि टूट जाए तो मजा सा रहे
जो मुझे अपना यार कहते हैं
उनसे कुछ दूरी बना सा रहे.


आपकी नजर का ही है असर
दिल में दर्द है आठों पहर
अभी छोड़कर मत जाइए
अभी मौत है थोड़ी दूर पर
जिंदगी में बस इंतजार है
आप कह रहीं हाथ थामकर
वही अश्क है, वही दर्द है
हम चल पड़े दिल की राह पर.


इतनी शिद्दत से जलाया खुद को
इश्क की खाक में मिलाया खुद को
अपनी आरजू में तुझे पाया जबसे
तुमको पाकर मैं खोया खुद को
मेरे कातिल तू गुनहगार नहीं
हमने मुजरिम बनाया खुद को
सारे आंसू कैद हैं दिल में
इतनी खामोशी से रूलाया खुद को.


चांद ने मुझसे मुहब्बत की तो
सब तारे हो गए मेरे दुश्मन
मुझको कोई भी क्या देगा
देख चुके हैं सबका दामन
तुम अपनी नजरों से बताना
फूल पे आंसू हैं या शबनम
दिल में तेरे दर्द है फिर भी
कैसे हो गई तेरी वफा कम.


हम मिले हैं तो किस हाल में
दोनों ही फंसे हैं घर के जाल में
दिल में दर्द है और आंसू भी
बड़ा दुख है अबके साल में
हो सके तो तुम भुला दो मुझे
जाने हम कहां रहें, किस हाल में
हमसे पूछो न जीने का सबब
मर रहे हैं अब तेरे ख्याल में.


दर्द से मेरे दिल का रिश्ता
तुमसे भी कुछ ऐसा ही था
दिल में कितने गुलाब खिले
जब मन उलझा कांटों में था
कितने दुख सहे तेरे इश्क में
इससे अच्छा तन्हा ही था
जब टूटा था घर ये मेरा
दीवारों संग आईना भी था.


टूटे दिल को अक्ल सिखा दे, किसके बस की बात है
सच्ची मुहब्बत दिल से मिटा दे, किसके बस की बात है
उम्र गुजर जाती है पल-पल उनके यादों के मंजर में
फिर किसी से दिल लगा ले, किसके बस की बात है
रोज मैखाने में जाकर रोते हैं वो जुदाई में
पीकर कोई दिल बहला ले, किसके बस की बात है
लेकर आती हैं बहारें जीवन में फूलों का मौसम
पतझड़ का भी मन महका दे, किसके बस की बात है.


दिल में एक जख्म यूं बनाया है
जैसे कागज पे तेरा अक्स बनाया है
हम तेरी मुहब्बत में ऐसे जिए जाते हैं
जिस तरह तूने हमें जीना सिखाया है
तुमसे मेरे जिस्म की दूरी है तो क्या
रूह में मेरे तू ही तो समाया है
सबसे पहले मैं आज ये कुबूल करूं
तेरे खातिर ये दिल जहां में आया है.


मुझे दर्द की तलाश में तुम मिल ही गए
मेरे तन्हा सी राह में तुम मिल ही गए
चांद निकला है प्यास की दो दरिया में
इन निगाहों के आईने में तुम मिल ही गए
हर खामोशी में किसी गम का फसाना है
हिज्र की हर दास्तां में तुम मिल ही गए
अक्सर इबादतों में तेरा नाम लेता हूं
मेरे मसजूद की सूरत में तुम मिल ही गए.


सारे दुख बदन से मिट जाएंगे
दर्द रग-रग में समाए तो सही
लोग कहने लगेंगे आंसू को लहू
इसका रंग लाल हो जाए तो सही
मैं उसे पिंजरे से उड़ा ले जाऊंगा
कोई पंछी पंख फड़फड़ाए तो सही
अपनी सूरत को हम भी पहचानेंगे
वो अपना आईना दिखलाए तो सही.


आज फिर से दिल में खुशबू आई है
जाने कहां से आई तेरी परछाई है
दिले नादां तेरी जुल्फों में उलझता है
आज तुझमें खो जाने की रात आई है
आओ छूके महसूस करूं खामोशी तेरी
हाय तू इतना भी क्यूं शरमाई है
जिस्म के फासले आज मिट जाने दे
रूह मिलने के मोड़ पे आज आई है.


जिंदगी का कोई ख्वाब पूरा नहीं होता
होता अगर तो शख्स अधूरा नहीं होता
ख्वाहिशों की प्यास कभी बुझ नहीं पाती
कभी रेतों में समंदर का बसेरा नहीं होता
आंखों में जल रही है जबसे तेरी शमा
मेरे रूह की गलियों में अंधेरा नहीं होता
अश्कों से भीगो देता है हर रात जमीं को
आसमा रोता ही रहता जो सबेरा नहीं होता.


जहां भी देखा गम का साया
तू ही तू मुझको याद आया
ख्वाबों की कलियां जब टूटी
ये गुलशन लगने लगा पराया
दरिया जब-जब दिल से निकला
एक समंदर आंखों में समाया
मेरे दामन में कुछ तो देते
यूं तो कुछ नहीं मांगा खुदाया.


इतनी बेचैनी से तुमको किसकी तलाश है
वो कौन है जो तेरी आंखों की प्यास है
जबसे मिला हूं तुमसे यही सोचता हूं मैं
क्यों मेरे दिल को हो रहा तेरा एहसास है
जिंदगी के इस मोड़ पे तुम आके यूं मिले
जैसे कि कोई मंजिल मेरे इतने पास है
एक नजर की आस में तकता हूं मैं तुझे
अब देख तेरे खातिर एक आशिक उदास है.


दुनिया में तेरा हुस्न मेरी जां सलामत रहे
सदियों तलक जमीं पे तेरी कयामत रहे
और भी दुनिया में आएंगे आशिक कितने
उनकी आंखों में तुमको देखने की चाहत रहे
इश्क के तमाशे में हमेशा तेरे किरदार से
दर्द और खामोशी के अश्कों की शिकायत रहे
खुमारियों के चंद लम्हों का है तेरा सुरूर
उसमें डूबकर मरने से दिल को राहत रहे.

Final Words

So boys and girls these were the best romantic love dilkash shayari collection in hindi. If you liked it then please share with your boyfriend and girlfriend on facebook and whatsapp.

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