दुश्मनी पर शायरी | Dushmani Shayari in Hindi

Hello, friends in this post we are going to share the best dushmani Shayari in Hindi which you can share with your enemies or with anybody whom you want to make them jealous of. We have collected the best Shayari so that the person who reads it will feel the heat of these words.

We only post original Shayari in this blog so you are not going to get these Shayari’s anywhere else. So friends without wasting any time let’s start this post.

Table of Contents:

Dushmani Shayari in Hindi

दुश्मनी शायरी

Dushmani shayari

1.
सच के नकाब में हमने झूठे चेहरे देखें हैं..
जब गौर से देखा सबको हमने..
तो कई लोग पुराने देखे हैं!!

2.
ये फितरत तुम्हारी अजीब हैं!
पीठ के पीछे रहते हो
और खुद को शेर बताते हो!
चलो छोड़ो फिर भी जानवर ही कहलाते हो!

3.
मुझे सिखाते है तमीज ये बदतमीज लोग..
करूँ में अदब सबका सिखाते है ये बेअदब लोग!
कितने मासूम दिखाते है खुद को..
ये टुकड़ों में बिके हुए लोग!!

4.
चलो तुम्हें एक कहानी सुनाता हूँ..
मैं करूँ दोस्ती तो दिल से निभाता हूँ..
पर सुनो आखरी पंक्ति भी तुम…
मैं करूँ दुश्मनी तो मरने के बाद भी निभाता हूँ!

5.
दोस्ती कर के दुश्मनी पर उतर आए हो..
छोड़ो भी ये बताओ क्या इरादा लेके आये हो..
चलो अब बताओ भी कितने में बिक आये हो!

6.
मेंरे रहने के सलीके से ना कर
मेरे वजूद का फैसला..
तेरा खुद का वजूद मिट जाएगा
मेरी हैसियत जानते जानते!!

7.
ये दुश्मनी का शौक हमने जो पाला हैं..
अजी हाँ हमने कई सांपो को पाला हैं!
अब क्या दे सजा भी तुम्हें.. अभी भी सोच में हूँ..
की तू कीड़ा है नाली का या खुद ही गंदा नाला हैं!

8.
उम्र छोटी है पर अनुभव कुछ बड़े हैं!
हमने दोस्ती के रूप में दुश्मन देखे हैं!
सीने से लगे थे लोग और पीठ पीछे ख़ंजर थे!!

9.
मरूँ जब मैं तो हाथ में ख़ंजर के साथ..
उसकी आँखों में पानी भी चाहिए!
हाँ मुझे दुश्मन भी खानदानी चाहिए!

10.
अपने दुश्मनों को बस इतनी सी सजा दीजिये..
हाथ न उठाएं जनाब.
बस नजरों से गिरा दीजिये।

11.
अब दोस्त कितने भी हो..
कोई सच्चा नहीं लगता..
गिर चुके हो इतना कि अब तुम्हें..
दुश्मन बनाना भी अच्छा नहीं लगता!

12.
महफ़िल में बात हमारे कत्ल की हो रही थी
जब पहुँचा मैं तो सबने कहा..
उम्र लंबी रहे तुम्हारी!

13.
इन दोस्तों से ज्यादा अच्छे तो अब दुश्मन लगने लगे…
बात – बात पर कहते है तुझे नहीं छोड़ेंगे!!

14.
करो नफरत तो जानदार करो..
मोहब्बत से भी शानदार करो..
बना बैठे हो दुश्मन तो..
दुश्मनी में ईमानदार बनो।

15.
ऐ मेरे दोस्त तू बस प्यार में खुद को भुला कर देख..
मेरी दुश्मनी अच्छी नहीं.
बस मुझसे दोस्ती बना कर रख!

16.
ये दुश्मन अक्सर करीबी होते हैं..
वरना गैरो को क्या पता..
हम किस बात से मरते हैं!!

17.
कोई गैर होता तो लड़ भी लेते हम..
वो हमारा ही कोई अपना था..
दोस्त रहा नहीं वो और
दुश्मनी करना हमने जरूरी नहीं समझा!

18.
बनाना हो कोई रिश्ता मुझसे तो दोस्ती का बनाना..
दुश्मनी का बनाया तो बर्बाद हो जाओगे..
उसुल है मेरा में नफरत,
मोहब्बत से भी ज्यादा सिद्दत से करता हूँ!

19.
वो जो बनकर दुश्मन मुझे खरीदने चले थे..
उन पता नहीं था कि
आजकल ये काम दोस्ती का हो चला हैं!!

20.
की भले करे मुझेसे जंग – ए ऐलान वो..
पर जंग सामने से करें..
पीठ पीछे वार करने वाले दुश्मन नहीं चाहिए..
क्यों करूँ मैं भी मुझे दुश्मनी में भी वफ़ादारी चाहिए!

21.
की इन कुछ अपनो का भी अंदाज हमें भा गया..
जो कहते थे अपना – अपना..
अब हर कोई दुश्मनी पर उतर आए गया!

22.
दुश्मनी कर के मेरा जमीर गिराया नहीं जा सकता..
हो बर्बाद करने की तमन्ना तो हमसे मोहब्बत कर लो!

23.
बिन मांगे भी मिल जाती हैं दुश्मनी यहाँ जनाब..
की अच्छा होना भी यहाँ गुनाह हैं!

24.
मैं मुड़ गया उस महफ़िल से..
जहाँ मैं खत्म सबकुछ करने गया था..
एक ऑल ले लिए नजर थमी सामने..
हाय! वो सख्श भी मेरे दुश्मनों में शामिल था..
जिसका नाम मेरी धड़कनों में शामिल था।

25.
मैंने कमाई है इज्जत दौलत से ज्यादा इस जमाने में..
यकीं मानिए गुजरता हूँ दुश्मन की गलियों से
तो सलाम पाता हूँ!

26.
तुम बात करते हो मोहब्बत की जनाब..
यकीं मानो में दुश्मनी में भी वफादार हूँ!

27.
अपनी मौत को छूना खुद मैंने..
मैंने मक्कार को मोहब्बत बना लिया..
दर्द इतना उठा दिल में की..
मैंने दुश्मन को सीने से लगा लिया!!

28.
दुश्मन तो अपनी जगह दुश्मन हैं..
बुरा करे मेरे तो भी उसका ईमान हैं..
परखा था मैंने दोस्तो को जरा सा..
जनाब वो तो दुश्मनी से भी ज्यादा बेईमान हैं!

29.
ये दुश्मन भी जरा कमाल करते हैं..
करते हैं नफरत मुझसे ..
पर हर लफ्ज में जिक्र हमारा करते हैं…
दिख जाऊं कहीं इनको तो आँखों से ही खाक करते हैं!

30.
क्या जरूरत है दुश्मनों को सजा देने की..
आंखों में भर कर आँखे से गिरा दीजिये..
कोई जरूरत नहीं है हाथ उठाने की!

31.
ऐ खुदा बचाना मुझे इन दगाबाज लोगों से..
दुश्मन तो वफादार है दुश्मनी में!!

32.
ओहदा अपना कुछ इस कदर ऊँचा रखो..
सामने से मिले दुश्मन कोई..
तो उस से भी अदब से मिलो!!

33.
बदनामियाँ तो जमाने भर में मसहूर हैं..
तू बता तूने कौनसी सुनकर मुझसे दुश्मनी पाली हैं!!

34.
हमने ठोकरे कुछ इस कदर खाई की
दिल लगा कर खुद के दुश्मन बन बैठे..
अब बात उस जालिम की सुनो..
वो हमारे ही दुश्मनों से दिल लगा बैठे!!

35.
निकले आँशु मेरी आँख से ..
तो माहौल खुशी का था सबके लिए..
उस दिन पता चला हर कोई जमाने में दुश्मन था मेरा!!

36.
चाहत तुझसे इस कदर हुई कि बाकी सबसे दुश्मनी हुई..
मुझे याद है लिखा था मैंने एक बार नाम तुम्हारा रेत पर.
उस दिन के बाद मेरी दुश्मनी हवाओं से रही!

37.
करनी है दुश्मनी मुझसे तो बेशक करो..
पर जरा तमीज से करो..
बन जाऊं दोस्त कभी तुम्हारा.
तो शर्म नजरों में ना हो!!

38.
लोगों के दुश्मन होते हैं इंसान अक्सर..
मेरा दुश्मन में खुद बन बैठा..
दिल लगाया बेवफा से और..
खुद को तबाह कर बैठा!!

39.
नजर हम भी बाज की तरह रखते हैं..
देखा है मैंने मेरे दुश्मन गीदड़ हैं!!

40.
इतनी चाहत से ना देखा करो महफ़िल में मुझे..
आपकी नजरें बाकी सब की नजरों से दुश्मनी करा बैठेगी।

41.
औकात नहीं थी किसी की..
जो हमारी कीमत लगा सके..
बात जब दोस्ती पर आई तो हम मुफ्त में बिक गए
और हाल कुछ ऐसा है अब की हमें बस दुश्मन ही मिल गए

42.
मोहब्बत के नखरों से ज्यादा तो दुश्मन अच्छे है मेरे..
नफरत करते हैं मुझसे, दिखावे का प्यार नहीं!!

43.
सच्चाई की कसमें खाने वाले दोस्त भी दुश्मन बनने लगे हैं…
अपने दोस्त की कामयाबी देखकर वो भी दूसरों की तरह जलने लगे हैं!!

44.
दुश्मन भी मुरीद है मेरे ..
हर लफ्ज में मेरा नाम लिया करते हैं…
गुजरते है मेरी गली से छिपा कर ख़ंजर..
आ जाऊं सामने तो सलाम किया करते हैं!

45.
कभी दोस्तों ने दिया था प्यार इतना..
तो दुश्मनी का अब हिसाब क्या रखे..
कुछ तो जरूर अच्छा हैं उनमें तो फिर बुराईयों का हिसाब क्यों रखें!!

46.
शेर का शिकार यूँ ही किया नही जाता..
राजा को उसी के दरबार में मारा नहीं जाता..
इलाका तेरा हो या मेरा..
पर औकात से बाहर दुश्मनी का हाथ बढ़ाया नहीं जाता

47.
हमें दुश्मनों की ” सजा ” का ख़ौफ़ नहीं!
हम झूठे दोस्तों की झूठी ” वफ़ा” से डरते हैं!!

48.
कर बैठे दुश्मनी मुझसे जो मुझे जान समझते थे!
मारा तीर पीठ पर.. जो बात भी हमसे सामने किया करते थे।

49.
दिल में मोहब्बत का होना जरूरी हैं..
यूँ तो हर रोज दुश्मन भी याद करते हैं!!

50.
बहुत कम खुशियाँ मिली..
पर गम बेपनाह मिले हैं..
मुझे दोस्तों के नाम पर..
दुश्मन हजार मिले हैं!!

51
मेरे से दुश्मनी करके तुम बच नहीं सकते
तुम मेरे बराबरी कभी कर नहीं सकते
तुम सिर्फ अपने बारे में सोचते हो
तुम कभी भी मुझसे आगे सोच नहीं सकते

52
मैं कभी किसी की जिंदगी में दखल नहीं देता हूं
मैं कभी किसी से ज्यादा मुलाकात नहीं करता हूं
पर जो करते हैं दुश्मनी मेरे से
फिर मैं कभी उनको अपने आगे नजर उठाकर देखने की हिम्मत भी नहीं करने देता हूं।

53
मैं कभी भी आगे से किसी से दुश्मनी करना नहीं चाहता
मैं कभी आगे से किसी से लड़ना नहीं चाहता
पर जिस किसी ने भी मुझसे लड़ने की कोशिश की है फिर मैं कभी भी उसे यूं ही छोड़ना नहीं।।

54
मेरे से दूर रहने में ही तुम्हारी भलाई है
क्योंकि मैं अच्छा दिखता हूं पर मैं इतना भी अच्छा नहीं हूं
कि अपनी बेज्जती सह जाऊंगा
अगर तुम मेरे बारे में कुछ बोलोगे
तो फिर मैं तुम्हें तुम्हारी औकात दिखा

55
मैं अपनी जिंदगी में मस्त रहता हूं
मैं ना किसी से ज्यादा बात करता हूं
ना मैं किसी से बोलता हूं
पर जो भी मेरे बारे में गलत बोलता है
फिर मैं उसे उसी तरह से तोड़ता हूं

56
मैंने कभी भी किसी से कुछ नहीं कहा
मैंने कभी भी किसी के बारे में कुछ गलत नहीं सोचा
पर जिन्होंने मेरे बारे में कहा है बुरा
मैंने कभी भी अपने सामने खड़े रहने के मौका तक नहीं दिया

57
जो भी मेरे से टकराया है
वह हमेशा ही फिर अपनी जान बचाकर भागा है
क्योंकि मैं कहीं भी किसी को माफ नहीं करता
हर गलती को मैं मानता नहीं हूं पर जब भी कोई मेरी इज्जत पर आता है तो फिर मैं उसे छोड़ता नहीं हूं।।

58
मैं कभी भी किसी को छोडूंगा नहीं
क्योंकि जब मैं किसी के साथ गलत नहीं करता
तो मैं कल सहूंगा नहीं और जो यही पीठ पीछे भौंक रहे मेरे
सारे कुत्ते हैं उनको मैं कभी अपना मानता नहीं

59
मैं अपनी जिंदगी में मस्त रहता हूं ना मैं किसी से कुछ कहता हूं ना मैं किसी का कुछ सुनता हूं,,,पर जो लोग मेरे बारे में गलत कहते हैं,,, मैं उन्हें ऐसे ही नहीं कभी अपने सामने ऊपर खड़ा होने का मौका देता हूं।।

60
यह जिंदगी है यह तो ऐसे ही निकल जाएगी
कौन कब जिंदगी दुश्मनी किसको रास आएगी
पर जिसने भी की है हम से बदतमीजी
वह फिर हमारे मारे जान बचाकर कहीं और भाग जाएगी

61
ना किसी की बदतमीजी बर्दाश्त करते हैं
ना किसी को हम अपना मानते हैं
जो जैसा करता है हम उसके साथ वैसा ही करते है

62
ना किसी से बदतमीजी करते हैं
ना किसी का ज्यादा अकड़ सहन करते हैं
हमारे अंदर भी बहुत है अकड़ है
पर हम किसी के सामने बेफिजूल उसकी नुमाइश नहीं करते हैं

63
यह कल की कुत्ते भी अब हमारे सामने शेर बनने लगे हैं
यह हमारी गलती हम को बताने लगे हैं
यह क्या नहीं जानते कि हमने ही
इन्हे इनकी औकात याद दिलाई थी
जो आज हमारे सामने जुबान चलाने लगे है

64
जो जितना ज्यादा उड़ेगा हो
उतनी ही धड़ाम से नीचे गिर जाएगा
जो मेरी बराबरी करने का कोशिश करेगा
वह एक दिन अपने वजूद समेत मिट जाएगा

65
कुछ लोग हैं जो पीठ पीछे मेरे बारे में गलत कहा करते हैं
पर हम उनके बारे में कभी सोचा नहीं करते हैं
उन्होंने जो सोचा नहीं हम वह हैं
क्योंकि हम उनके बारे में कभी बात नहीं किया करते हैं

66
वह चाहे जहां भी जाए
हमें अब किसी से मतलब नहीं होता
एक बार जिसने हम से दुश्मनी की
फिर उस पर और हमारा जन्म जन्म तक कोई रिश्ता नहीं होता

67
हम से दुश्मनी करने से पहले एक बार सोच लेना
हम तो बच जाएंगे पर तुम अपने बारे में सोच लेना
तुम कहां जाओगे तुम्हारा इस दुनिया में कोई नहीं है
हम से दुश्मनी करने के पहले अपने खाने और पीने के बारे में सोच लेना क्योंकि मर जाओगे इसलिए अपनी भूख के बारे मैं सोच लेना

68
तुम हमारे खानदान की क्या बात करते हो
हम तुम्हें तुम्हारे वजूद से मिटाने तक की हस्ती रखते हैं
तुम हमारा बाल भी नहीं उखाड़ पाओगे
हम अपने आप में ही इतना दम रखते हैं

69
कुत्ते तो भोंकते रहते हैं ऐसे ही
हम किसी की बात पर ज्यादा गौर नहीं करते
और तुम क्या कहते हो कि हम डरपोक हैं
अरे हम तुम जैसे कुत्तों से कोई बहस नहीं करते

70
हम तो अभी भी तुमसे बहस करना नहीं चाहते
हम कभी भी तुम से उलझना नहीं चाहते
तुमने क्या समझा है हमें इससे हमें कोई मतलब नहीं है
हम तुम्हें कभी भी अपनी बात समझाना नहीं चाहते

71
हम अपनी जिंदगी में मस्त रहते हैं
हम अपना ही काम करते हैं
जो लोग जैसा करता है
हम उसके साथ वैसा ही अंजाम करते हैं

72
मैं अपनी जिंदगी में सिर्फ इतना ही उसे बताना चाहता हूं
कि वह मुझसे दुश्मनी करके अपनी जिंदगी से बचे हुए दिनों को कम कर रहा है
कि मैं तो कैसे भी करके निकल जाऊंगा इस मुसीबत से
पर वह अपने सामने पूरी जिंदगी मुश्किलें खड़ी कर रहा है

73
जो भी आज तक मेरे से टकराया है
वह फिर बच नहीं पाया है
मैंने अच्छे अच्छों की हस्ती को मिटा के रख दिया है
जो भी मेरे सामने आया है

74
मेरे सामने आने की हिम्मत कभी मत करना
तुम मुझसे बोलने की हिम्मत कभी मत करना
तुम ने जैसा चाहा है मैंने तुम्हें पैसा दिया है
तुम कभी भी मेरे अलावा किसी और से मोहब्बत करने की जरूरत मत करना.

75
अभी जिंदगी में सिर्फ दो ही उसूल है
ना हम किसी को आगे से कुछ रहते हैं
और ना हम किसी की बदतमीजी बर्दाश्त करते हैं
पर जो करता है हम से दुश्मनी
फिर हम उसको मुंह तोड़ जवाब देते

76
हम तुम्हारा मुंह भी तोड़ सकते हैं
हम तुम्हारी सारी हड्डियां भी तोड़ सकते हैं
तुमने हमें क्या समझ रखा है
यह हम नहीं जानते
पर हम तुम्हें एक पल में पर बात भी कर सकते हैं

77
हम तुम्हें एक ऐसी मौत मारना चाहते हैं
जो कभी तुमने सोच ही नहीं होगी
हम तुम्हारी हस्ती तक मिटा देंगे
तुमने कभी जिसके बारे में सपने में भी नहीं सोचा होगी

78
हम तो अपनी जिंदगी में मस्त रहते हैं
हम तुमसे ज्यादा बात नहीं करना चाहते
तुम चाहे जो करो अपनी लाइफ में जाकर
हम तुमसे कभी मुलाकात नहीं करना चाहते

79
दुश्मनी की वजह अनेक होती है और दुश्मन भी हजार होते हैं पर हम दुश्मनी वैसी करते हैं जिनके पास फिर हम से दुश्मनी करने लायक कुछ बचा नहीं होता है।।

80
हम से दुश्मनी करके तुम कहां जाओगे
हम से दुश्मनी करके क्या तुम जिंदा रह पाओगे
हम तुम्हारी जिंदगी को इस तरह से बर्बाद कर देंगे
क्या तुम फिर हम से जान बचाकर कहीं छुप जाओगे

81
हमसे बचकर तुम कहीं जा नहीं सकते
तुम कभी हमें अपना मुंह दिखा नहीं सकते
हम से दुश्मनी तो कर ली बेटे तुमने अब तुमने
लेकिन अब तुम अपनी जिंदगी हम से बचा नहीं सकते

82
अपनी जिंदगी बचाने से पहले
तुम एक बार अपने परिवार के बारे में सोच लेना
उनका भी तुम ख्याल रख लेना
वरना उनको कौन संभालेगा तेरे बाद
ये भी सोच लेना

83
कभी किसी से ज्यादा मुलाकातों का सिलसिला नहीं रखना चाहिए
कबमुलाकाते दुश्मनी में बदल जाए यह हमें पता नहीं होता
हम जिस से करते हैं बात सारी हमारी
वो हमारा दुश्मन बन जाता है यह में पता नहीं होता

84
कौन कब हमारा दुश्मन बन जाएगा यह पता नहीं चलता
कौन कब हमारे लिए जिंदगी से खत्म हो जाएगा
हमें पता नहीं चलता,, हम तो बस अपनी ही जिंदगी में मस्त रहते हैं….पर हमेंसे दुश्मनी के करने वालों के बारे में कुछ पता नहीं लगता।।

85
यह दुश्मनी ऐसी ही है करने वाले इसे कर जाते हैं
और निभाने वाले इसे निभा जाते हैं
पर जो भी लोग दुश्मनी करते हैं
वह कभी भी अपने दुश्मन से बच नहीं पाते हैं

86
मैं तो बस तुम्हें इतना ही कहना चाहूंगा
कि मुझसे बचकर रहना यही सलाह देना चाहूंगा
तुम ने आग में डाला है अपना हाथ
पर तुम्हें समझी ना डालो बस इतना ही कहना चाहूंगा

87
जब तक कोई हमें आज ऐसे छोड़ता नहीं है
हम कुछ नहीं करते पर अगर कोई एक बार
हमारे आगे से कुछ छेड़ कर ले तो फिर हमें कभी उसे नहीं बचते वह जो चाहे करें अपनी जिंदगी में ठीक है पर हमारे सामने आने की हिम्मत करें हम उसे इस लायक नहीं छोड़ते।।

88
बहुत लोगो को सबक सिखाया है हमने
और बहुतों को उनकी औकात याद दिलाया है हमने
वह कहते हैं कि वह बहुत बड़े तीस मार खान हैं
पर बहुत बड़े-बड़े तीस मार खान को पानी पिलाया है हमने

89
जिंदगी में कुछ लोग ऐसे होते हैं
जिनको अपनी इज्जत की परवह तक नहीं होती
वह सिर्फ अपने बारे में सोचते रहते हैं
सामने वाले को उनकी कोई जरूरत नहीं होती
पर हम उनको ऐसी मौत देंगे कि उन्हें अपनी जिंदगी में फिर कभी किसी और चीज की हसरत नहीं होती।।

90
अब जिंदगी में कुछ भी पाने की हसरत नहीं है
तुझसे थी दुश्मनी अब तुझसे ही रहेगी किसी
और से निभाने की हमें जरूरत नहीं है
हमने तो तुझे समझाता अपना दोस्त
पर तूने जब किया है दुश्मनी का ऐलान
तो फिर हमारे बीच में और कोई दोस्ती की दीवार नहीं है

91
यह दोस्ती हम कभी टूटने देना नहीं चाहते
हम कभी भी तुमसे जुदा होना नहीं चाहते
हमने बनाया है तुम्हें अपना तुम्हें अपना बना कर रहेंगे
हम कभी तुम्हारे सिवा किसी और से मोहब्बत निभाना नहीं चाहते।।

92
तुम्हारी मोहब्बत में ही हमने जीना सीखा है
तुमसे ही हमने सवरना सीख रहा है
पर तुमने हम से दुश्मनी करके अच्छा नहीं किया
जब मोहब्बत नहीं थी तो बता देती हमें
तुमने हमें धोखे में रखकर अच्छा नहीं किया

93.
हम तूझसे मुहब्बत निभा जाएंगे
तेरी दुश्मनी भी कबूल है हमे
हम तेरे लिए मर भी जाएंगे

94
तेरी हिम्मत कैसे हुई हमे कुछ कहने की
तू हमारे सामने कदम तक नही रख सकता
तेरी औकात नही है कुछ कहने की
तू हमारी बराबरी नहीं कर सकता

95
जिंदगी ये ऐसी है अब मेरी
मुझे किसी बात की फिक्र नहीं है
तुम मेरा कुछ कर नही पाओगे
मुझे तुमसे कुछ लेना देना नही है

96
यह दुश्मनी 4 दिन की है धीरे-धीरे यह भी खत्म हो जाएगी
और तुम फिर भी हमारी दुश्मनी को याद रखोगे
क्योंकि तब तक तुम्हारी जिंदगी नरक बन जाएगी

97
अब से एक ही किस्सा रखूंगा
तेरे से दुश्मनी का रिश्ता रखूंगा
तू कभी अब मेरे से आगे निकल नही पाएगा
ऐसी तेरी हालत होगी मौत से बद्तर
जिसका मैं जिमेदार रहूंगा

98
अब मुहब्बत मैं हम ज्यादा वफा नही करते
और धोका देने वालो से प्यार नहीं करते
दुष्मनी का रिश्ता रखते है बस
ज्यादा उनसे मुलाकात नहीं करते

99
अब मुझे कुछ ज्यादा सोचना नही है
ना ही मुझे किसी के बारे मैं कुछ कहना है
मैं अपने आप मैं खुश हु अब
मुझे थोड़ा अकेला रहना है।

100
ध्यान से सुन ले बेटा बच नहीं पायेगा
हमसे की है तूने बदसूलकी
अब बता तू कैसे अपनी जिन्दगी
हमसे बचा पाएगा

Final Words:

So, friends, these were the best dushmani Shayari in Hindi, We hope that you loved all these collections and if you did then please share them with your friends and do post your thoughts in the comments section below as this really motivates us to provide more Shayari with you.

Please Share:

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published.