Love Shayari in Hindi for Girlfriend & Boyfriend 2021 | गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड के लिए लव शायरी

Love Shayari in Hindi for Girlfriend & Boyfriend – Hello my lovely friends in this post I am going to share best love Shayari in Hindi for girlfriend and boyfriend. Love is everything in life and for every boyfriend and girlfriend love is a very important thing which they must have in their relationship.

Many boys and girls were requesting me to post the best Hindi love Shayari collection for boyfriend and girlfriend and because of this today I am sharing very romantic love Shayari for all of you guys.

If you like this Shayari then please share it with your girlfriend and boyfriend on WhatsApp and Facebook. If you share this Shayari with your love partner then and they will start loving you more.

So without wasting any time let’s start reading this wonderful best romantic Hindi love Shayari collection.

Love Shayari in Hindi For Girlfriend & Boyfriend 2021

गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड के लिए लव शायरी

love shayari in hindi

1

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चाहत है अब तू मेरी, तू ही मेरी इबादत है
तुझसे ज्यादा ना अब मुझे किसी की हसरत है
हर घड़ी हर पल सोचता हूं तुझे ही
तू ही मेरा इश्क तू ही मेरी इबादत है।।

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रात में जब चांद चांदनी में छुप जाता है
मुझे हर वक्त तेरा ख्याल आता है
तू रहती है मेरे दिल में हमेशा
बे ख्याली में भी तेरा ख्याल आता है।।

3

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तेरे लिए ही जी रहा हूं अब मैं
जिंदगी का कोई मकसद ना रहा
तू ही मेरी खुशियों की चाहत है अब
तेरे अलावा और कोई अपना ना रहा।।

4

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संग तेरे मुझे चलना है
तेरी ही खुशियों का ख्याल रखना है
मेरे लिए मैं कुछ भी नहीं
मुझे अपना सब कुछ तेरे नाम करना है।।

5

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तुझे पाने की हसरत नहीं है दिल में
तू साथ रहे उतना ही काफी है
तुझे खुश देखना चाहता हूं मैं
बस यही मेरी इश्क इबादत है।।

6

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इश्क भी किया है इबादत भी किया है
मैंने मोहब्बत का हर जाम किया है
रहती है वह यादों में मेरे इस कदर
मैंने ख्वाबों में भी उसका नाम लिया है।।

7

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मेरे ख्यालों मै भी तू बस जाती है
जब रात को नींद आती है
देखता हूं तुझे ही हर पल मै
आइने में भी मुझे तू नजर आती है।।

8


आजकल खुद से बाते करने लगा हूं
लोग पूछते है क्या हुआ तुझे
कैसे बताऊं मै अब प्यार करने लगा हूं
तेरी आंखों का दीदार करने लगा हूं।।

9


तेरा अहसास कुछ अलग सा है
तेरा ख्वाब कुछ अलग सा है
छू कर गुजरी है वो हवा मुझे
उसका नशा अलग सा है।।

10


तेरे शहर में भी बरसात हों रही होगी
अंधियारी रात हो रही होगी
मै भी बैठा हूं तेरे ही इंतज़ार मै
मेरी यादों की तेरे कमरे मै
वो सर्द भरी रात हो रही होगी।।

11


मिलना मुझे तुम बनारस की शाम की तरह
गले लगाना चाहती हूं उस घाट कि तरह
हाथ पकड़कर घुमंगे हम वहां
मै तुम्हे देखना चाहती हूं गंगा की तरह।।

12


बनारस की वो शाम हो तेरे हाथों मै मेरा हाथ हो
पीना चाहता हूं तेरे लबों के जाम कि वो चाय
जिसके हर एक घूंट मै बस तेरे नाम का जहर हो।।

13


तेरा असर मुझपर यूं इस कदर हुआ है
भूख नहीं चैन नहीं मुझे ये क्या हुआ है
इश्क़ का बुखार चढ़ा है सर पर
हकीम भी कहता है मुझे प्यार हुआ है।।

14


तेरा नाम ले लेता हूं तो मिल जाती है हर दर्द से निजात
डॉक्टर कहता है दवाइयां बहुत महंगी है।।

15


इश्क़ ही तो हुआ है कमबख्त
तेरे नजरो के इशारे ही काफी थे
दिल लगा बैठे तुझसे हम इस कदर
जैसे हम चाय के तलबगार काफी थे।।

16


तेरे लिए जामने भर को ठुकरा रखा है
हमने तेरी तस्वीर को सीने से लगा रखा है
दिल में रहती हो हर पल तुम
हमने तुम्हें अपनी नजरों में बसा रखा है ।।

17


ये तेरी कातिल निगाहे मेरा कत्ल कर देंगी
जरा अपनी पलकें झुकाकर रखो
तुम रहती हो मेरे दिल में
मुझे अपने सीने से लगाकर रखो ।।

18


तेरा इकरार भी दिखाई देता है
तेरा प्यार भी दिखाई देता है
तुम कहती नहीं हो कुछ लफ्जो से
पर मुझे फिर भी ऐतबार दिखाई देता है।।

19


मेरे हर लफ्ज़ मै प्यार था
तुझे हर घड़ी सोचा इंतज़ार था
लिख दिया तुझे ग़ज़ल बनाकर
मेरी हर शायरी मै तेरे लिए इज़हार था।।

20


इन निगाहों पर ऐतबार ना करना
ये कत्लेआम भी करती है
होठो से इन्कार तो नजरों से इकरार भी करती है।।

21


बारिश आयी थी मेरे घर भी
भीगी तुम भी होगी
मेरे इश्क की बूंदे गिरी है हर जगह
देखी तुमने भी होगी।।

22


तू कुछ इस तरह है मेरे लिए
जैसे सर्दी की धूप, बारिश की फुहार
गर्मी की छांव, बसंत की बहार
लिख दूं तुझे एक लफ्ज़ में
फिर भी हर शब्द से आएगी तेरी ही पुकार।।

23


तू कोई मौसम नहीं जो बीत जाए महीनों की तरह
तू रहेगा मेरे दिल में हमेशा सदियों की तरह।।

24


इश्क मोहब्बत प्यार यह सब नहीं जानता मैं
पर मैने उसके चहरे का नूर देखा है
जब पास जाता हूं मैं उसके
मैंने उसकी झपकती पलकों में वो इकरार देखा है।।

25


सुनो!
यह शर्ट की बाहें ऊपर कर
जो अपने बालों में हाथ घुमा रहे हो
यह सिर्फ तुम्हारी आदत है
या दिल चुराने का बहाना बना रहे हो।।

26


भरी महफिल में ये जो तुम
सिर्फ मुझे ही नजरअंदाज कर रहे हो
ये तुम्हारे प्यार को बयां कर रही है
झुकी हुई यह पलके तुम्हारी
मुझसे मोहब्बत का इज़हार कर रही है।।

27


तू मुझे मेरे आसपास लगे
आंखे बंद करुं तो ख्वाब सा लगे
तू खुश रहे तो ये जहां आफताब सा लगे
तेरा सपना भी मुझे अपना सा लगे।।

28


तेरी खुशियां खोजू हमेशा यही चाहत रहे
तू रहे खुश हमेशा यही इबादत रहे
दिल में छुपा लू इस कदर तुम्हे की
फिर कुछ पाने की चाहत ना रहे।।

29


वो गांव की शहजादी थी मुर्शीद
मेरा तो अपना कोई घर भी नहीं था
ख्वाबों में ही मिला करते थे हम
दूर होकर भी एक दूसरे के पास रहा करते थे हम।।

30


जिसमे पाने की उम्मीद ना हो
ना कुछ खोने का डर हो
अधूरी मोहब्बत ही सही
पर जिस्म की हसरत ना हो
वही मोहब्बत, मोहब्बत है आजकल
जिसमें उसे पाने की चाहत ना हो।।

31


मै नहीं जानता था मोहब्बत क्या होती है
नहीं देखा था कभी इश्क क्या होता है
ना जाना था प्यार कभी की दर्द क्या होता है
पर जब वो मिली तो पता चला ख्वाब क्या होता है
इश्क का नशा जुनून ए जिंदगी क्या होता है।।

32


मोहब्बत को बस महसूस किया जाता है
यादों में बस उसे याद किया जाता है
ना मिली अगर वो तो कोई गम नहीं
उसे हमेशा दिल में जिंदगी बनाकर रखा जाता है।।

33


पहली बार देखा था उसको मै खो सा गया
देखता रहा दिल मोह सा गया
होश ना रहा मुझे उस पल का
उसी वक्त उसके प्यार मै बह सा गया।।

34


बहुत होंगे तुम्हें चाहने वाले
पर मेरी तो दुनिया ही तुम हो
रखते होंगे लाखो ख्याल तुम्हारा
पर मेरी तो जन्नत ही तुम हो।।

35


बहुत हो गया दूर दूर चलना
अब साथ चलते है
एक दूजे का हाथ पकड़कर
साथ मै जिंदगी की मंजिल चढ़ते है।।

36


कुछ तुम कहना कुछ मै कहूंगा
जिंदगी की सुहानी शाम ढल जाएगी
तेरी बाहों में ये रात यूं ही कट जाएगी
लगा लूंगा तुझे मै अपने सीने से इस कदर
ये हसीं रात एक याद बन जाएगी।।

37


लफ्जो से ही समझ लो तुम चाहत का इशारा
कुछ बयां करने की जरुरत नहीं पड़े
साथ रहना मेरे तुम इस कदर ए जां
मुझे किसी ओर की जरुरत ना पड़े।।

38


तुम हो तो मेरी जिंदगी है
मेरे साथ हो तुम ये मेरी बंदगी है
खुदा से मांगा था तुम्हें ही हर दफा मैने
तुम्हारे साथ जीना मरना ही अब जिंदगी है।।

39


मै लड़का बड़ा सख्त था
उसे देखा तो पिघल गया
आंखे झील सी थी उसकी
उनको देखा तो उनमें डूब गया।।

40


आइने में देखकर उसे मुर्शीद मेरा ये हाल था
देख लेता जो अगर उसे सच में
शायद मेरा वो दिन कत्ल मै शुमार था।।

41


इश्क की लंबी किताने नहीं पढ़ी मैने
मै बस बेशुमार चाहतों को जानती हूं
हर पल देखा है मैने तुझे अपने मै
मै तुम्हे मेरे दिल से ज्यादा पहचानती हूं।।

42


तू रहता है पास मेरे तो किसी बात का गम नहीं होता
हाथ पकड़कर चलता है तू मेरा किसी का डर नहीं होता
हर बुरी नजर से बचा लेता है मुझे मेरा हमसफ़र
मुझ पर किसी की बद्दुआ का असर नहीं होता।।

43


तेरे ही सपने देखे हैं, तेरी चाहतों में खोई हूं
दिन रात का पता नहीं, तेरे में ही खोई हूं।।

44


ना होश है मुझे किसी का, ना मैं किसी से बतियाती हूं
हर दिन तेरे ही संग ब्याह के सपने सजाती हूं।।

45


तेरे लिए व्रत भी रखा है
तेरे लिए दुआ भी की है
तेरी खुशियों के लिए मैंने हर वक्त
मैंने खुदा से इबादत की है।।

46


तू रहे खुश यही दुआ करता हूं
हर रोज में मन्नत रखता हूं
तू जान है मेरी याद रखना
मैं तेरे लिए कुछ भी कर सकता हूं।।

47


मुस्कुरा देती है तू मेरा दिन बन जाता है
तेरी हंसी से फूल भी खिल जाता है
लगती हो तुम बहुत प्यारी
जब मुरझाया हुआ चेहरा खिल जाता है।।

48


उदास ना होना कभी मैं साथ हूं तुम्हारे
हर वक्त पास हूं याद बनकर तुम्हारे
उदास ना होना यह सोच कर कभी
पास नहीं दूर हूं तुम्हारे।।

49

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मैंने हर लम्हे में तुझे जिया है
तेरे लिए सच्चा इश्क इबादत किया है
रातों में भी नहीं सोया हूं मैं
मैंने तेरे एक कॉल का इंतजार किया है।।

50


एक ही शख्स पर सारी चाहत खत्म कर दी
इश्क मोहब्बत सब तेरे नाम कर दी
मेरे दिल के हर पन्ने पर तेरा नाम लिख दिया
मैंने जज्बातों का हर एक लम्हा तेरे नाम कर दिया।।

51

तेरे इश्क में ही खोया रहता हूं
मुझे दिन रात की खबर कहां है
तू अगर है मेरे पास
मुझे इस जहां की जरूरत कहां है।।

52


कड़ाके की ठंड में तेरा वो गले से आकर लिपट जाना
मुझे याद आता है तेरा वह नादान बचपना
छोटी-छोटी बातों पर ज़िद कर, गुस्सा करना
मेरो लबो को तेरे लबों मै लेकर चूमना
मीठी मीठी ढेर सारी बाते करना
याद आता है वो प्यार का अनोखा देखा हुआ सपना।।

53


मुझे वो पागल कह दे तब भी अच्छा लगता है
उसका हर लफ्ज़ मन को सच्चा लगता है
जान कहता हूं मै उसको
उसका मुझे हमसफ़र कहना अच्छा लगता है।।

54


सोचा नहीं था इश्क हो जाएगा
तेरे प्यार मै ये दिल इस कदर खो जाएगा
होश ना रहेगा मुझे किसी का
तेरी मोहब्बत का इकरार हो जाएगा।।

55


मैने तो बस तुझे चाहा था,
बिना शर्त खुदा से मांगा था
देख तू मेरे पास है आज,
मैने रब से हर दुआ मै तुझे मांगा था।।

56


जो लिखा जा चुका इन कोरे पन्नों पर
उस प्यार का एहसास हो तुम
मेरी हर सांस में बस चुकी हो
मेरी मुक्तक का अलंकार हो तुम।।

57


होठों से लगकर जैसे बांसुरी बज जाती है
तेरे आने से खुशियां वैसे ही मेरे पास आती है
दिल से लगा कर तू मुझे
जब प्यार से मेरे बालों में हाथ को घुमाती है।।

58


तेरी गोद में सर रखकर सोना चाहता हूं
मै अब सिर्फ तेरा होकर रहना चाहता हूं
कोई नहीं है अब इस दिल में तेरे सिवा
मैं तुझे अपनी जिंदगी बनाकर रखना चाहता हूं।।

59


जहां भी जाता हूं, तेरी कशिश मुझे खींच लाती है
तन्हाइयों में भी हर पल मुझे तेरी याद आती है
पास रहूं या ना रहूं मैं तेरे
तेरी याद मुझे हर पल सताती है।।

60


तेरी जुल्फों में खोना चाहता हूं
हाथ पकड़कर तेरा घूमना चाहता हूं
खुली रास्तों पर तेरे संग
प्यार कि यादगार रात बिताना चाहता हूं।।

61


खुले आसमान के नीचे हो हम दोनों
एक दूसरे की बांहों में खो जाए
चांदनी रात हो, तारों के शहर में खो जाएं।।

62


नदी किनारे एक प्यारी सी शाम हो
मैं मिलने बुलाऊं तुझे, तू मेरे पास हो
देखता रहूं तुझे यूं ही एकटक
मेरे लिए वह सबसे हंसी शाम हो।।

63


तुझे ही देखूं, तुझे ही सोचू
हर पल तेरा ही इंतजार करूं
अब बता ए हमसफर मेरे
मैं तुझे और कितना प्यार करूं।।

64


जिंदगी का ये किस्सा यूं ही तमाम करु
तेरे लिए ही सुबह इबादत सुबह-शाम करूं
बन गई हो अब तुम जिंदगी मेरी
मै अपना दिल भी तुम्हारे नाम करो।।

65


हसी वादियो की एक शाम हो
हाथ में वह प्यार भरा जाम हो
नदी किनारे बैठे हैं रहे हम दोनों
एक दूसरे के हाथों में हमारे हाथ हो।।

66


जब तुझसे मिलूंगा कैसे कुछ कह पाऊंगा
मैं तो तेरी आंखों में ही खो जाऊंगा
बैठकर करेंगे हम दोनों बात
मैं तेरी निगाहों के समंदर में डूब चाहूंगा।।

67


जमाना लाख बुरा कहे तुझे
मैं कभी नहीं मानता
मैं मोहब्बत करता हूं बेइंतहा तुमसे
ये कोई नहीं जानता।।

68


ये नजारा कितना खूबसूरत है
जब तुम मेरे पास यूं बैठी हो
कांधे पर सर हो मेरा तुम्हारे
तुम मेरे प्यार के एहसास में लिपटी हो।।

69


तुम मुझे याद नहीं आते
तुम मुझे याद हो गए हों
कैसे बताऊं ए सनम मैं तुमको
तुम मेरे दिल के सरताज हो गए हो।।

70


कड़ाके की ठंड हो
हाथ में तुम्हारा हाथ हो
लेकर चलूं मैं तुम्हें ऐसी जगह
जहां सिर्फ हम दोनों का साथ हो।।

71


तुम्हे ही तलाशती है नज़रे मेरी
एक हसीं ख्वाब हो तुम
मेरे लिए मेरे एहसासों की डायरी
लाजवाब हो तुम।।

72


हर पन्ने पर तेरा नाम लिख दिए
मेरा दिल तेरे नाम लिख दिया
हर पल सोचा तुझे मैने
तेरी पायल को चारो धाम लिख दिया।।

73


इश्क़ में कुछ इस कदर खो सा गया था मै
होश नहीं था बेहोश सा हो गया था मै।।

74


खूबसूरत आगाज था वो इश्क़ का
मेरी कलम चलना भूल गई थी
तुझे देखा जब से मैने
मेरी धड़कन धड़कना भूल गई थी

75


बेवजह है तुझसे मोहब्बत तभी इश्क़ है
अगर वजह होती तो साजिश होती।।

76


प्यार का सबक सीख लिया
मैने महबूब के होंठो को चूम लिया
पास आई वो मेरे इस कदर
मैने बाहों मै भरकर उसका सर चूम लिया।।

76


अब दूर नहीं तुम्हारे साथ चलना है
पग पग पर हाथ पकड़ चलना है
मुसीबत भी आई तो साथ निभाएंगे
मुझे हर पल हाथो मै हाथ लिए चलना है।।

77


मै भी तुम्हारे गले लगना चाहती हूं
मिलकर तुमसे बातें करना चाहती हूं
देखा है मैने तुम्हे अब तक तस्वीर मै
रूबरू होकर दीदार करना चाहती हूं।।

78


किसी को नहीं चाहा मैने भी बस तुम्हे चाहा है
तुम्हे ही इश्क़ इबादत मोहब्बत माना है
कभी मत साथ छोड़ कर
मैंने तुम्हें ही अपना खुदा माना है।।

79


तुम्हारा जिंदगी मै आकर जिंदगी बन जाना
मेरे दिल के करीब उसका हिस्सा बन जाना
यादों में रहकर कोई बसेरा बन जाना
मुश्किल होता है किसी को इस कदर चाहना।।

80


तेरी खामोश निगाहे भी प्यार का इजहार करती है
मेरी नजरो को तेरा तलबगार करती है
क्यों रहती है सनम मुझसे इतना दूर
जब तुम्हारी रूह भी मुझसे इतना प्यार करती है।।

81


मै तो खुश थी अपनी दुनिया है
प्यार का मतलब नहीं पता था
फिर तुम आए मेरी जिंदगी में
और मेरी दुनिया ही बदल दी।।

82


तुझसे नज़रे चुराकर तेरे ही करीब आ रही थी
बहुत कोशिश कि बचने की तेरे इश्क़ से
मै तुझमे ही खोती जा रही थी
सब कुछ लुटा दिया तुझ पर
मै अब तेरी होती जा रही थी।।

83


एक मुलाकात रखेंगे गंगा किनारे तेरे गावं मै
गीली रेत पर चलेंगे उस समंदर की छांव में
कुछ दूरी पर जाकर बैठ जाएंगे
खो जाएंगे इस दूसरे के प्यार मै।।

84


दूर से भी पहचान लेता ही तेरी आहट को
सुन लेता हूं पायल की झनझनाहट को
तू करीब आती है तो लगता है ऐसा
छू लेता हूं जैसे फूल के किसी गुलाब को।।

85


दूर वो भी खूब था जब हम एक दूसरे के हुआ करते थे
बाते थी हमारी हम एक दूसरे को मिला करते थे
अब भी रिश्ता वहीं कायम रखना है
मै मनाऊं तुम्हें तो तुम्हे प्यार भरा गुस्सा करना है।।

86


हर दम आसपास रहती है
परछाई बनकर साथ रहती है
कभी आती है कोई मुसीबत मुझे
हिम्मत बनकर मेरे साथ रहती है।।

87


तुम्हे फूल कहूं किसी गुलाब का
या वसंत का कोई मौसम कहूं
परी कहूं किसी जन्नत की
या किसी महल की रानी कहूं।।

88


मैने तो लिखा था तुम्हे इस कदर डायरी मै
जैसे लिखता था मै तुम्हे शायरी मै।।

89


मेरी शायरी की कलम हो तुम
मेरे मुक्तक का छंद हो तुम
मेरे कहानी की हीर हो तुम
जिस तरफ भी देखूं तुम ही दिखाई देती हो
मेरे लिए मेरी जन्नत की परी हो तुम।।

90


तुझ सोचा हर घड़ी इंताजर हो गया
चाहा हर पल तो प्यार हो गया
नहीं खाया कुछ मैने चार दिनों से
मुझे देखो इश्क़ मै बुखार हो गया।।

91


बिना कुछ चाहे तुझे रब से मांगा है
तभी मेरी झोली मै तेरे हिस्से का प्यार आया है
कितना खुशनसीब हूं मै ए मेरी जां
देख मुझपर खुदा की रहमतों का असर आया है।।

92


मेरी जान हो तुम मेरे दिल का अरमान हो तुम
रहती है जो दिल मै हमेशा
वो नन्ही से प्यारी जान हो तुम।।

93


पता है साथ रहोगी कभी छोड़कर नहीं जाना
इश्क़ किया है तुमसे अधूरा छोड़कर मत जाना
जो किए है सारे वादे मै निभाऊंगा
बस तुम हर पल मेरा साथ निभाना।।

94


तेरी चाहतो मै इस कदर बंध चुकी हूं मै
अपने आप को भूल चुकी है मै
इतना प्यार ना करो मुझसे
तुम्हारे प्यार मै पागल हो चुकी हूं मै।।

95


पागल कहकर प्यार जाना उसका ये ढंग अच्छा लगता है
उसके साथ मुझे हर सपना सच्चा लगता है
फेरती है जब वो प्यार से मेरे बालो मै हाथ
मेरी जां का मुस्कुराना अच्छा लगता है।।

96


उसकी गोद में सर रखकर सोना है
मुझे एक बार उससे मिलना है
गले लगकर खूब रोना है
हाले ए दिल अपना बया करना है।।

97


जिस तरह राम सीता की बिना अधूरे है
कृष्ण राधा के बिना अधूरे है
ठीक मै भी उसी तरह
तुम्हारे बिना अधूरा हूं।।

98


इत्तेकाफ ही था वो जब तुम मुझे मिल गई थी
जान बनकर मेरे दिल मै ढल गई थी
धड़कने भी दे रही थी गवाही मोहब्बत की
मै तेरे रंग मै इस कदर रंग गई थी।।

99


हर वक्त तुम पर प्यार आता है
तुम्हारा मासूम चहेरा याद आता है
देखकर खुश हो जाता है मै
जब याद तुम्हारा बचपना आता है।।

100


हर लम्हे को जी लिया है मैने
दिल मै याद बनकर संजो लिया है मैने
जब नहीं रहोगी तुम पास मेरे
उन यादों को अभी से समेट लिया है मैने।।

101


किसी ने नहीं पढ़ा मेरा दिल
पर तुमने मुझे समझा है
बिना जाने भी मुझे
अपने प्यार के लायक समझा है।।

102


मैने तो बस प्यार किया है
कोई सौदा नहीं किया
कभी नहीं मांगूंगा तूझसे कुछ
मैने इश्क़ को विदा नहीं किया है।।

103


तेरी खामोशी भी मै समझ जाती हूं
तेरी बातों को भी समझ जाती हूं
तू नहीं आता पास मेरे
फिर भी तेरे प्यार को मै समझ जाती हूं।।

104


तुझे अपनी बाहों में कैद कर को
जमाने की नजरों से छुपा लूं
आ मेरी जां मै तुझे सीने से लगा लू।।

105


ऐसा दिन नहीं जाता जिस दिन मै तुझे याद नहीं करता
हर पल तेरा इंतज़ार नहीं करता
ए मेरी जां याद आती है तेरी वक्त मुझे
कौन कहता है मै तुझे प्यार नहीं करता।।

106


तेरा रूठना, मेरा मनाना अच्छा लगता है
मुझे वो गुजरा जमाना अच्छा लगता है
तेरी बांहों का आशियाना अच्छा लगता है
तेरा यू गले से लिपट जाना अच्छा लगता है।।

107


मेरे दिल पर तेरा कब्जा हो
तेरे ही ख्वाब देखू अब मै
हर ओर तेरा ही चहेरा हो।।

108


साहिल की रेत पर तेरा नाम लिख दिया
समंदर मै इश्क़ का एहतराम लिख दिया
जब गुजरी हवा मुझे छू कर
तेरी यादों को मैने चारो धाम लिख दिया।।

109


तेरे चेहरे पर कभी ग़म ना आए
तू यूं ही मुस्कुराती रहे
मेरे हिस्से की खुशियां भी तुझे मिल जाएं
तेरे चेहरे पर है हंसी यूं ही खिलती है।।

110


करीब आ गए हो तो बोल दो ना
इजहारे इश्क की ये गुत्थी खोल दो ना
मोहब्बत तो हम भी करते है
पर पहले तुम बोल दो ना।।

111


तेरी तारीफ क्या करू
तुझे रब ने बहुत फुर्सत से बनाया है
तेरे लिए मै कुछ नहीं लेकिन
मेरे लिए रब का तोहफा घर आया है।।

112


तेरी आंखों मै समंदर दिखता है मुझे
डूब जाना चाहता हूं
तेरे गुलाब की पंखुड़ी जैसे लबो को
अपने लबो से छूना चाहता हूं।।

113


पास तो आओ नज़रे तो मिलाओ
हमसे जो शिकायत है वो बताओ
यूं ना रहो चुप तुम
मेरे दिल का ना ऐसे जलाओ।।

114


एक तेरे आने से ही मैने जीना सीखा है
प्यार का मतलब दुनिया मै रहना सीखा है
तेरे जाने के नाम से ही मेरी जान जाती है
मैने इश्क़ मै इंताजार करना सीखा है।।

115


कैसे बताऊं तुम्हे अपने प्यार कि गहराई
दिल मै जब तुम ही तुम हो समाई
तुम्हारे बिना यहां अब कोइ नहीं रहता
मेरे दिल भी अब मेरा होकर नहीं होता।।

116


मै उस बंद पड़ी किताब की तरह था
जिस कभी पढ़ा नहीं गया
हर एक ने खोला मुझे पर देखा नहीं गया
तूने आकर मेरी जिंदगी को पलट दिया
उन किताबों के पन्नों में रंग भर दिया।।

117


मै चाय का तलबगार
तुम हो महलो की हुस्न प्रिय
मै सीधा सीधा लड़का हूं
तुम हो जन्नत की हूर प्रिय।।

118


तेरे पास आने से ही हर ग़म भूल जाता हूं
जब मै तेरी जुल्फों के तले सो जाता हूं।।

119


हाथों में तेरे हाथ हो जन्म जन्म का साथ हो
बने हैं हम एक दूजे के लिए
जिंदगी का हर एक पल साथ हो
हो जाएं ये शाम उदास भले ही
पर प्यार की जिंदगी में कभी ना रात हो।।

120


तुझे बुलाऊ तो चले आना ए हमसफर
तेरे सिवा कोई नहीं है मेरा।।

121


हर ओर तू ही है, मेरी जिंदगी अब तू ही है
मुझे नहीं किसी की फिक्र अब
मेरी जान मेरी बंदगी अब तू ही है।।

122


जमाने से क्यू डरू जब तू मेरे साथ है
तेरी हिम्मत और होंसला मेरे साथ है
कोई बुरी बला मुझे छू नहीं सकती
जब मेरा हमसफर मेरे साथ है।।

123


जिस्म की चाहत नहीं दिलो की हसरत है
मुझे तुझ से इस कदर मोहब्बत है।।

124


तेरे संग जो लम्हा जी लिया
वो यादगार बन गया
तू दिल है मेरा ए सनम
तू मेरा प्यार बन गया।।

125


जब से तुझे देखा है रातो को सोया नहीं हूं
मै दिन मै भी चैन से रहा नहीं हूं
हर घड़ी देखा है तेरा ही सपना मैने
मै हर पल तेरे ही नशे मै रहा हूं।।

126


तुम्हे देखू ओर तुम्हे सुनता जाऊं
हा ऐसे ही इश्क़ की तालश मै हूं मै।।

127


तूने तो मुझे पागल ही कर दिया
अपने नेनों के बाण से घायल ही कर दिया
नज़रे झुकाई इस कदर
तूने तो मुझे अपना कायल ही कर दिया।।

128


तू जब अपने बालों मै हाथ घुमाया करता है
मेरे दिल पर यू कहर ढाया करता है।।

129


आवाज तुम्हारी बड़ी अच्छी लगती है
कभी हकीकत मै मिलने आओ ना
अब तक देखा है तुम्हे सपने में
तुम ख्वाब से निकलकर मिलने आओ ना।।

130


तेरी हंसी भी बहुत प्यारी लगती है
सुनो! एक बार मुस्कुराओ ना
ओर जो लेती हो तुम प्यार से मेरा नाम
जरा फिर से एक बार बुलाओ ना।।

131


तेरी बाते तेरी यादें बड़ा सुकून देती है
मेरे दिल को वो चैन देती है
तू जब रहती है खुश ऐसे मेरी जां
वो मेरे दिल को बड़ा सुकून देती है।।

132


तुझे खुश देखना ही मेरी मोहब्बत है
तुझे पाना ना मेरी हसरत है
तेरी खुशियां बनकर रहु हरदम तेरे साथ
ये ही मेरी चाहत है।।

133


कभी जो ग़म मिला वो भी सह लूंगा
तेरे साथ मै कहीं भी रह लूंगा
प्यार किया है मैने तुझसे
मै तेरे संग हर दर्द सह लूंगा।।

134


ये जो कातिल निगाहें है
इनसे कत्ल ना कर देना
भरकर मुझे बांहों मै
मोहब्बत का इज़हार ना कर देना।।

135


इजहारे मोहब्बत आसान नहीं होती
प्यार तो होता है सबको मगर
हर किसी के लिए ये राह आसान नहीं होती
पाने की हसरत सब रखते है
पर निभाने की किसी को चाहा नहीं होती।।

136


क्या लिखूं तेरे बारे मै कुछ समझ नहीं आ रहा है
चांद लिखूं या चांदनी समझ नहीं आ रहा है
कैसे तारीफ करू तेरी ए मेरी जां
मेरी ग़ज़ल मै कोई शब्द नहीं आ रहा है।।

137


एक तू हो ओर एक मै हूं
हंसी रात का शमा हो
बाहों मै एक दूसरे के हम
वो रात यूं ही जवां हो।।

138


तेरी चाहत को देखा है मैने
मेरे लिए कितनी मोहब्बत है
तेरी रूह मै बस चुका हूं मै
तू मेरे लिए अब इबादत है।।

139


मै अब कैसे तेरे बिन रह पाऊंगा
गई जो तुम अगर छोड़कर
मै तब कैसे जी पाऊंगा
यूं ही रहना दिल मै तुम
सांसों में बसकर रह जाना।।

140


तेरे आंसू ना गिरने दूंगा
कभी ना दर्द आने दूंगा
हर तकलीफ सह लूंगा
मोहब्बत मै निभाऊंगा।।

141


मै भी तेरा साथ दूंगी
हर कदम पर अपना हाथ दूंगी
चलेंगे हमसफर बनकर जिंदगी मै
मै तुझे अपने प्यार का अहसास दूंगी।।

142


तुम्हे देखा तो लगा तुम्हारी ही तलाश थी
जिसे ढूंढता था हर जगह तुम वही ख्वाब थी
मिली नहीं थी तब अबतक मुझे
फिर भी मेरे लिया तुम लाजवाब थी।।

143


तू ही मेरे दिल का टुकड़ा है
तू ही मेरी जान है
कैसे बताऊं पागल मै तुझे
तू मेरे लिए मेरी जान है

144


हर पल साथ नहीं रह सकता मालूम है मुझे
पर तुम्हे कभी भूल भी नहीं पाऊंगा
जो मेरे दिल पर हक़ तुम्हारा है
मै उसे कभी ना किसी ओर को दे पाऊंगा।।

145


तू भी हमेशा मेरे दिल मै रहेगा
यूं ना फिक्र किया कर
मेरी मोहब्बत का ना यू जिक्र किया कर
जान है तू मेरी हमेशा
मेरे दिल मै बनकर याद रहा कर।।

146


प्यार था इकरार था इजहार भी था
मेरी मोहब्बत मै तेरे लिए प्यार भी था
कैसे बताऊं तुम्हे मै मेरे जां
तेरे लिए मेरा दिल भी तलबगार था।।

147


मेरी पतझड़ से जिंदगी मै तुम वसंत बनकर आईं हो
मेरे दिल पर इस कदर छाई हो
फूलो पर बैठी है तितली जैसे
तुम मेरे लिए सूरज की किरण बन आईं हो।।

148


अब तेरे बिन रहा नहीं जाता
ये दूरी का आलम अब सहा नहीं जाता
अब तो मिलने आ जाओ एक बार
मुझे ये तन्हाई का आलम अब देखा नहीं जाता।।

149


हर वक्त तेरी यादों का पहरा है
मेरे दिल पर अब तेरा ही बसेरा है।।

150


ये जान भी तुम्हारी है
ये दिल भी तुम्हारा है
अब ये शिद्दत वाला प्यार
मोहब्बत का इज़हार भी तुम्हारा है।।

Final words

Friends these were the best love Shayari for girlfriend and boyfriend in Hindi 2020 collection (लव शायरी हिंदी में). If you liked this Shayari collection then please share it with your friends and your loved partner.

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