Mirza Ghalib Ke Sher in Hindi | मिर्जा गालिब शायरी

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Mirza Ghalib Ke Sher in Hindi

मिर्जा गालिब शायरी

1
हम उनको ढूंढने निकले थे गालिब
पता चला उन्होंने अपना ठिकाना ही बदल दिया।।

2
सुबह की खुशी शाम तक टिक नहीं पाती
मैं रोज मिलता हूं जिंदगी से पर वो मुझसे मिल नहीं पाती।।

3
मेरे हर लफ्ज़ में उसका जिक्र होता है
वो कहीं भी रहे ग़ालिब उसका ख्याल दिल मै होता है।।

4
उसके होने से रौनक थी मेरे शहर कि
मुझे तो अब ये जहां कब्रिस्तान लगता है।।

5
जिंदगी को गला खुद घोट चुका हूं मै
उससे अब खुद दूर हो चुका हूं मै।।

6
ठिकाना बदल दिए हमने
सुना है वो फिर से बेवफ़ाई करने आए है।।

7
उससे मिलने कि एक ख्वाहिश थी दिल में
आज मै उस ख्वाहिश का मातम मना रहा हूं।।

8
दिल से दिल जुड़ गया था गालिब
वरना मै लड़का सख्त हुआ करता था।।

9
छोड़ दिया मैने भी उसे बेवफा कहकर
वो मेरे प्यार के काबिल ही नहीं निकला।।

10
जब भी उसको देखा मैने गालिब
उसने मुझसे नज़रें फेर ली।।

11
मै मिलता हूं उससे इस कदर
चांद भी नहीं मिलता चांदनी से जिस कदर।।

12
मेरे चेहरे पर रौनक उसकी होने से थी गालिब
अब मै खुश नहीं रहा करता।।

13
रात भर जागे जिसकी याद मै हम
उस हमारी याद भी ना आई।।

14
दिल का तोहफा दे दिया हमने उसको
वो फिर भी हमसे मोहब्बत का सबूत मांगती रही।।

15
सब कुछ तो कर दिया उसके लिए गालिब
अब क्या मौत ही एक आखिरी रास्ता बचा है।।

16
मैने तो उसे जिंदगी माना था गालिब
उसने तो मुझे मजाक समझ लिया।।

17
मुझ पर अब उसका हक़ नहीं है
मै उससे अब नहीं मिला करता।।

18
कभी कभी जिंदगी को खत्म कर देता हूं
मै उसको खुद से दूर कर देता हूं।।

19
उसके होने से आज जाती है मुझमें जिंदगी
मै उसे अपनी जान कहा करता हूं।।

20
रात पर उसका इंतज़ार किया ग़ालिब
मेरा महबूब आज भी नहीं आया।।

21
मैने उसे सब कुछ दे दिया था
अपने हिस्से का सुख भी से दिया था।।

22
मेरी जां अब मुझसे बात नही करती
वो मुझसे अब मुलाकात नहीं करती।।

23
मेरी जिंदगी अब उसके हवाले है
वो आ जाए तो मेरी जान बच सकती है।।

24
हकीम कहता है दवा बहुत महंगी है
तुम्हे तो अब दुआ की जरुरत है।।

25
उसके हिस्से मै खुशी आती है
ग़म तो मेरी किस्मत मै लिखा है गालिब।।

26
वो मुझसे हमेशा दूर जाने को कहती हो
मै भी अब उसका इंतजार नहीं किया करता।।

27
बहुत कर लिया मैने उसका इंतज़ार गालिब
अब मै उसे छोड़ चुका हूं।।

28
आज वो वापस मुझसे मिलने आया था
अपने बच्चो को भी साथ लाया था।।

29
मेरी जिंदगी तो बर्बाद हो चुकी है गालिब
मैने इश्क करना अब छोड़ दिया।।

30
मोहब्बत ना करना किसी से गालिब
इसमें दर्द बहुत मिलता है।।

31
बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी थी
मुझे मोहब्बत की अर्थी उठानी पड़ी थी।।

32
उसने कसम देकर उसकी
हमे खुद से दूर कर दिया।।

33
तुम्हे जान का वास्ता है हमसे दूर रहना
पास आए तो हम खुदकुशी कर लेंगे।।

34
जिंदगी को आज बेच आया हूं मै
उसे किसी ओर के पास छोड़ आया हूं मै।।

35
मेरी दी हुई पायल पहनकर आज भी वो जाती है
मेरे इश्क की कद्र आज भी वो करती है।।

36
उसके दिल मै मेरी जगह नहीं है गालिब
हम जबरस्ती अपना घर ढूंढ रहे थे।।

37
इश्क की बेपरवाही तो देखो
उसने हमे आज नजरअंदाज कर दिया।।

38
दर्द मुझे भी होता है गालिब
वो तो हमे पत्थर दिल समझते है।।

39
हाल ना पूछा करो हमारा
हम अब जिंदा नहीं है।।

40
उसके बिना जिंदा लाश बन चुका हूं मै
वो नहीं रही अब पागल बन चुका हूं मै।।

41
मुझे हर जगह से ठुकरा दिया गया
प्यार किया था मैने मुझे धोका दिया गया।।

42
हर जगह मेरी तस्वीर लगा रखी है
सुना है उसने दिल मै अब भी आस जगा रखी है।।

43
उससे मिलने की आखिरी इच्छा थी मेरी
वो मेरी मौत के बाद आया।।

44
मै तो मर जाऊंगा एक दिन गालिब
बहुत रोएंगे मुझे चाहने वाले।।

45
अपने लिए कुछ कहे हम तो क्या कह लेंगे
हमारी जान उनमें बसती है बस इतना कह लेंगे।।

46
कुछ तो था उसमे गालिब
जो मै उससे इस कदर मोहब्बत कर बैठा।।

47
वो जब मेरी बाहों मै होती है
मुझे किसी की जरुरत नहीं होती है।।

48
लोग मिलते है मुझे छोड़कर चले जाते है
मेरे हिस्से मै हमेशा खार आते है।।

49
चला हूं अब मै मंजिल को पाने अकेला
सुना है वो बहुत दूर रहा करती है।।

50
मुझसे दूर रहना गालिब
मै लड़का बड़ा बदतमीज हूं।।

51
तुमने क्या सोचा था तुम्हारे बिना मर जाएंगे
हम वो है वो पानी मै भी आग लगा जाएंगे।।

52
अब दूर रहना मुझसे टूटा हुआ कांच हूं मैं
अगर चुभ गया तो खून निकल आएगा।।

53
अब मुझसे प्यार कि उम्मीद मत करना
मेरे पास दर्द के सिवा कुछ नहीं बचा।।

54
लोग मुझे गलत कहते है
पर मै उनको भी सही कहता हूं।।

55
आज मुझे फिर मेरी तकदीर पर रोना आया
जब मुझे रात को उसको ख्याल आया।।

56
मैने तो सुना था मोहब्बत सुकून देती है
पर मुझे तो ये बड़ी तकलीफ़ देती है।।

57
रहना मेरे पास हमेशा तुम ये मैने कहा था उसको
पर उसने तो मुझे अकेला ही छोड़ दिया।।

58
अब मै दर्द मै जीना सीख गया हूं
उससे दूर रहने कि हर कला सीख गया हूं।।

59
वो तो कोई शहजादी है गालिब
मेरे पास तो खुद का घर भी नहीं।।

60
वो अब मुझे अपने से दूर करती है
सुना है अब किसी ओर से वफ़ा करती है।।

61
प्यार नहीं था तो कह देती
इस तरह हमे धोका तो ना देती।।

62
हम ही पागल थे जो उसे जान समझ बैठे
इस पत्थर दिल को इन्सान समझ बैठे।।

63
रोया तो मै करता ही गालिब
वो तो खुशी से रहा करती है।।

64
आज भी उसका इंतज़ार सुबह से कर रहा हूं मै
वो नहीं आई गालिब, अब तलक उसकी राह तक रहा हूं मै।

65
मेरे पास उसके कुछ खत पुराने रखे है
मेरे पास उसकी उम्मीद के कुछ तराने रखे है।।

66
नाम उसका लेते है मेरे दिल की धड़कन बढ़ जाती है
क्या होता होगा मेरा जब वो मेरे गले लग जाती है।।

67
उसकी कसम देकर हर बात मनवा लिया करते है
मेरे दोस्त अब मुझे आशिक़ कहा करते है।।

68
उसके सिवा किसी काम मै मन ही नहीं लगता मेरा
उसके बिना दिल ही नहीं कटता मेरा।।

69
मेरी जिंदगी अब उसकी हो चुकी है
मेरे पास तो अब दिल भी नहीं बचा।।

70
सब कुछ मैने उसके नाम कर दिया
मैने अपना दिल उसके नाम कर दिया।।

71
वो जा रही थी मुझे छोड़कर गालिब
मैने भी इस बार उसे मुड़कर नहीं देखा।।

72
जाने वाले को जाने दिया जाए
अब उसे मर्जी से जीने दिया जाए।।

73
मुझे होती है तकलीफ़ पर उसे नहीं होती
मुझे वो पत्थर दिल सनम लगती है।।

74
आज हो या ना हो कल कभी नहीं होता
मुझे होता है प्यार पर उसे कभी नहीं होता।।

75
उसकी जिंदगी पर मेरा अब कोई हक़ नहीं है
ये कहकर उसमे आज हर रिश्ता तोड़ दिया।।

76
मेरी हर उम्मीद को उसने पैरो तले रोंद दिया
मुझे आज उसने अकेला छोड़ दिया।।

77
वो भी अब अपनी जिंदगी सुकून से जी सकती है
मैने भी अब उसका पीछा छोड़ दिया।।

78
कल मिली थी वो मुझे वापस
अपने पुराने अंदाज मै।।

79
मै उसकी जिंदगी का एक अधूरा किस्सा था
वो तो किसी ओर की कहानी निकली।।

80
मैने अब उसे आजाद कर दिया है
अपने प्यार से उसे बेदखल कर दिया है।।

81
उसके चहरे पर आज रोनक अलग थी
मैने सुना है उसकी शादी हो गई।।

82
उसने तो प्यार का नाटक किया था गालिब
पर हम तो उसे अपनी जान ही समझ बैठे।।

83
हम करते है उससे मोहब्बत वो नहीं करती
हम रहते है उसकी यादों के सहारे वो तो हमे याद भी नहीं करती।।

84
जब भी मेरा जिक्र आता है
उसका नाम भी साथ लिया जाता है।।

85
मेरी हर खुशी उससे थी, पर अब मेरा हर ग़म उससे है
उसे जो थी मुझसे मोहब्बत आज किसी ओर से है।।

Final Words:

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