One Sided Love Shayari in Hindi | एक तरफा प्यार शायरी

Hello, friends in this post we are going to share one sided love Shayari in Hindi which you can definitely send to your crush. The one-sided love story can be really very painful especially if the other person won’t like you or don’t have the feeling of love for you.

Then, in this case, you can share these Shayari with them and chances are more that they will get impress with your Shayari and your one sided love will get converted into two sided love. So friends without wasting any time let’s start this Shayari collection.

One Sided Love Shayari in Hindi

एक तरफा प्यार शायरी

one sided love shayari

1
दर्द के सिवा कुछ नहीं मिलता
इंसान धीरे धीरे मरता है
वो जिससे करता है बेपनाह प्यार
वो किसी ओर की बाहों में सोता है।।

2
मैने तो सब कुछ किया था उसके
उसके साथ हर लम्हा जिया था
पर मै ही करता रहा उससे मोहब्बत
उसने तो मुझे इस्तेमाल किया था।।

3
हद हो जाती है गम की भी
अब थक चुका हूं मै
दुनिया से नाता कब का तोड़ चुका हूं मै
कोई नहीं रहा मेरा अब
मोहब्बत करना छोड़ चुका हूं मै।।

4
एकतरफा प्यार कि ताकत ही अलग होती है
ऐसा लोग कहा करते है
पर हमसे पूछो जनाब
जो एकतरफा मोहब्बत किया करते है।।

5
आज उसने जाने को कह दिया मुझे
मै रात भर से सोया नहीं हूं
मैने की थी उससे मोहब्बत बेइंतहा
पर यारो मै जी भर के रोया नहीं हूं।।

6
अब क्या फायदा उस गम का
मै तो कब का मर चुका हूं
मैने की थी उससे एकतरफा मोहब्बत
पर मै तो उसे कब का छोड़ चुका हूं ।।

7
हर फर्ज मैने निभाया था
हर मरहम मैने लगाया था
उसे तो था ही नहीं इश्क मुझसे
पर मैने उसे अपना हमसफर बनाया था।।

8
जिंदगी की राह मै मुझे कुछ नहीं मिला
कभी यार तो कभी प्यार नहीं मिला
मै बैठा रहा सदियों तक उसके इंतज़ार मै
पर मुझे मेरा प्यार नहीं मिला।।

9
किसी इबादत की तरह मैने इसे पूजा है
किसी चाहत की रहा मैने उसे चाहा है
फिर वो कैसे जा सकती है मुझे छोड़कर
मैने उसके साथ इतना वक्त बिताया है।।

10
उसको पता था मै उससे मोहब्बत करता हूं
मुझे पता था वो मुझसे प्यार नहीं करती
पर मैने इश्क का हर फर्ज निभाया है
हर लम्हा उसको प्यार जताया है।।

11
हमने तो सब कुछ सह लिया है
अब कुछ नहीं सहा जाता
मरना चाहता हूं मै अब
पर मुझसे तो मरा भी नहीं जाता।।

12
बहुत कर लिया मैने प्यार
पर उसे मेरे प्यार पर ऐतबार ना आया
मै रोता रहा अकेला बैठकर
पर वो मुझसे मिलने भी ना आया।।

13
आज तो उसने हद ही पार कर दी
मुझे जाने को बोल दिया
मै तो सिर्फ ओर सिर्फ उसका था
उसने तो मुझे मरने को बोल दिया।।

14
मै अपनी जिंदगी उसके नाम कर चुका हूं
मै तो अब कब का मर चुका हूं
वो ही रहती है मेरे दिल मै अब
मै तो सिर्फ उससे मोहब्बत कर चुका हूं।।

15
जिंदगी बर्बाद हो रही है मेरी
मेरे हिस्से मै वो मुकाम आता है
मै जहां भी ढूंढता हूं उसको
मेरे हिस्से मै सिर्फ खार आता है।।

16
जिंदगी अब तो बस गुजर जाएगी
मुझे उसकी मोहब्बत भी मिल जाएगी
मैने तो किया था उससे बस एकतरफा प्यार
क्या वो अब मुझे हकीकत मै मिल जाएगी।।

17
मेरे लिए कौन था कौन नहीं था मुझे पता नहीं होता
मैने तो उसे माना था अपना मुझे अब होश नहीं होता
मै क्या करू कहा जाऊ मुर्शीद
मेरा तो अब अपना कोई नहीं होता।।

18
मैने लिख की चिट्ठी उस खुदा के नाम डाल दी
वो कब मेरे हिस्से मै खुशी देगा
मेरी मोहब्बत को लौटा दे वापस
वो मुझे अब कब सहारा देगा।।

19
मैने तो अपने आप को लिखा है
मैने अपने दर्द को लिखा है
प्यार मै मिली थी जो शिकस्त मुझे
मैने उसका ही ऐतबार लिखा है।।

20
अपनी मर्जी से मै कहा जी पाता हूं
हर रोज मै मर जाता हूं
वो नहीं करती मुझसे मोहब्बत
यही सोचकर मै हार जाता हूं।।

21
कोई किसी से कितना प्यार कर सकता है
मैने भी उससे उतना ही किया था
हर लम्हा मेरी थी वो उसने कहा था
पर आज ठुकरा कर मेरी मोहब्बत वो बोली
मैने तो तुमसे हर लफज झूठ कहा था।।

22
मै उसकी तरफ से प्यार समझता रहा
वो तो मुझे आजमा रही थी
मै ही करता रहा उससे मोहब्बत
वो तो बस झूठा प्यार जाता रही थी।।

23
जिसको मैने हर घड़ी सोचा था
जिसका मैने इंतज़ार किया था
जिसको मैने इटन प्यार किया था
नहीं पता था वो ऐसा निकल जाएगा
मेरे प्यार को कहकर झूठा किसी ओर के गले लग जाएगा।।

24
इश्क की इंतहा हो गई है अब
मै भी उससे कितना प्यार करू
जब वो रहा ही नहीं मेरा
मै उस पर अब कैसे ऐतबार करू।।

25
मेरी जिंदगी मै एक मुकाम आता है
हर हिस्सा तेरे पास आता है
तुझसे ही होकर जाती है मेरी हर राह
पर तू क्यों मेरे हिस्से मै नहीं आता है।।

26
अभी कुछ हुआ नहीं था
अभी कुछ बदला नहीं था
अभी भी वक्त था वो रोक लेती मुझे
मै उसके शहर से निकला नहीं था।।

27
एकतरफा मोहब्बत कोई अच्छी नहीं होती
इसमें तो सिर्फ गम मिलता है ये सच्ची नहीं होती
एक करता है बेपनाह इश्क उससे
पर दूसरे को उसकी फिक्र तक नहीं होती।।

28
अब मै उसे कैसे समझाऊं की मैने उसे कितना चाहा है
मैने हर लम्हा उसे कितना सोचा है
मै तो कबका मर चुका हूं अब
मैने मोहब्बत का अब गला घोटा है।।

29
मेरे हिस्से मै अलग अलग मुकाम आते है
पर कभी प्यार नहीं आता
मै करता रहता हूं उससे मोहब्बत
पर खुदा को भी मुझपर तरस नहीं आता।।

30
अब मै क्या करू उसके लिए
कैसे अपने प्यार को साबित करूं
मरने से ही होती है क्या प्यार कि पहचान
जो मै उस पर अपनी जान निसार करु।।

31
अब कुछ नहीं बचा मेरे पास
सब लूट चुका है
मेरे खुशियों का जहां लूट चुका है
वो एक ही था मेरे पास सनम
वो भी अब मोहब्बत करना छोड़ चुका है।।

32
बहुत की थी मैने उससे मोहब्बत
उसको बहुत चाहा था
मेरे हिस्से मै नहीं आया प्यार
पर मैने उसको खुदा माना था।।

33
इश्क अगर देखना हो, तो
हमसे आकर मिल लेना
कभी हमारे साथ साथ
हमारी तन्हाई पर रो लेना।।

34
उसका पता भी था नहीं था
मै उससे मोहब्बत करता
वो सोचती रही मुझे पागल
मै उसके लिए दुआ करता रहा।।

35
मेरे हिस्से की हर खुशी उसे मिल जाए
मैने तो हमेशा यही चाह था
वो कुछ ना माने मुझे
पर मैने तो उसे खुदा माना था।।

36
अब कुछ नहीं रखा है मेरे पास
मेरे सबकुछ तो वो लेकर जा चुकी है
मेरे हिस्से मै थी जो खुशी
वो उसे अपने साथ ले जा चुकी है।।

37
एकतरफा मोहब्बत की थी हमने
हमने भी उसका चाहा था
था कोई हमारा भी अपना
जिसे दिल से चाहा था।।

38
मोहबब्त करते करते कहा आ गया हूं मै
अब खुद मै ही खो चुका हूं मै
अब कोई नहीं बचा मेरे पास मुर्शीद
इश्क के जहर का घुट भी पी चुका हूं मै।।

39
जैसे जैसे वक्त बीत रहा है
मै कमजोर होता जा रहा हूं
मै उसे अपने से अलग
उससे दूर होता जा रहा हूं।।

40
कोन कहता है दूर जाने से रिश्ते खत्म नहीं होते
हमसे पूछो यादे तक मिट जाती है
कितनी भी कर लो तुम मुहब्बत उससे
वो किसी ओर की हो ही जाती है।।

41
आखिरी था मेरा ओर आखिरी लम्हा था
जब मैने उसको अपनी जान कहा रहा
उसके बाद तो उसने मुझे बेवफा
ओर मैने उसे दगाबाज कहा था।।

42
जितना मै तड़पा हूं उसकी मोहब्बत मै
वो भी उतनी ही तड़पनी चाहिए
जितना सहा है मैने दर्द
उसे भी उतना ही मिलना चाहिए।।

43
उसकी तकलीफ का मुझे अहसास नहीं है
वो ऐसा मुझे बताया करती है
पर मेरी जिंदगी तो बर्बाद हो चुकी है
पर वो मुझे आबाद समझा करती है।।

44
मेरे हिस्से का दर्द मिला था उसे
ऐसा वो बताया करती है
पर मैने तो कभी कुछ नहीं चाहा था
फिर कैसे कह दिया उसने
मेरी मोहब्बत झूठी है
जबकि मैने तो सिर्फ उसका साथ चाहा रहा था।।

45
मै हर बार गलत हो जाता है
वो हर बार सही हो जाती है
मै तो रोता रहता हूं हर वक्त
पर वो गम से बाहर निकल जाती है।।

46
जिंदगी का क्या है कुछ नहीं होता
कोई अपना पराया नहीं होता
मै नहीं रहता अब उसके पास
पर मेरा तो कोई सहारा नहीं होता।।

47
अब तो लगता है कहीं दूर चला जाऊं
जहा किसी का साया तक ना हो
मोहब्बत भी ना हो मेरे पास
जिंदगी भी ना हो मेरे पास।।

48
सब कुछ किया था उसके लिए
पर वो फिर भी मेरी ना हो सकी
कितना प्यार ओर करता मै उसे
की वो मुझे छोड़ तक ना सकी।।

49
रोज रात मै अपनी ग़लती को सोचा करता हूं
अपनी मोहब्बत का मातम मनाया करता हूं
मैने किया था कोनसा पाप जो मुझे ये सजा मिली
जनाब मै उससे एकतरफा मोहब्बत किया करता हूं।।

50
अब कोई नहीं चाहिए मुझे
जिसे मै अपनी बात कह सकूं
अपने दिल के हालात कह सकु
अकेला ही अच्छा हूं मै अब
ताकि अपने गम को सह सकू।।

51
हर लम्हा हर जिन्दगी हर पल
उसके साथ बिताया था मैने
उसको अपना मानकर
उससे मोहब्बत किया था मेने।।

52
मेरे हिस्से मै गम आते है
मेरे हिस्से मै खार आते है
लोग क्या कहेंगे मुझे बेवफा
मेरे हिस्से मै तो धोखेबाज आते है।।

53
मै कितना खुश हो जाता था
उसकी एक खुशी पर
पर उसने मेरी मोहब्बत को समझा ही नहीं
मै लिखता रहा उसके बारे मै
पर उसने मेरे प्यार को समझा ही नहीं।।

54
वो तो अब खुश रहा करती है
उसे किसी बात का गम नहीं है
दर्द मै तो गम रहा करते है
हमे भी उसकी कोई फिक्र नहीं है।।

55
क्या कहूं उसका अब मै
वो तो मुझे बेवफा कह गई
एकतरफा मोहब्बत ऐसी ही होती है
वो मुझे अपना गुनहगार कह गई।।

56
जनाब मोहब्बत की थी हमने
ओर हमने ही उसको चाहा था
वो थी हमारी हमसफर
हमने उसे जान से ज्यादा चाहा था।।

57
अब कुछ नहीं रखा है मोहब्बत मै
ऐसा वो मुझे कहा करती है
तुम अपनी मर्जी से जी सकते हो अब
वो मेरे प्यार का मजाक बनाया करती है।।

58
मैने उससे कहा मैने तुमसे मोहब्बत की है
पर उस कुछ समझ नहीं आता
वो तो बस दिल से खेलती है
उसे मेरा प्यार समझ नहीं आता।।

59
ओर मै कितना लिख पाऊंगा प्यार को
जो मैने उससे किया था
हर पन्ने पर मैने अपनी
मोहब्बत को इजहार किया था।।

60
धीरे धीरे खत्म हों रहा हूं मै
मेरी जिन्दगी खत्म हो रही है
बस सांसे बाकी है मुझमें
पर जीने कि हसरत चाहा खत्म हो रही है।।

61
अब कोई नहीं चाहिए मुझे
वो अपनी दुनिया मै खुश रह सकती है
ओर दर्द तो मुझे मिलेगा
वो तो किसी ओर से मोहब्बत कर सकती है।।

62
मै तो यहां पर नह था
आज ही लौटकर आया हूं
कोन कहता है उसका था मै
मै तो उससे रिश्ता तोड़कर आया हूं।।

63
मैने क्या लिखा था उसके बारे मै
कोई जानता नहीं था
हर घड़ी सोचा था मैने उसे
कोई मेरी मोहब्बत को पहचानता नहीं था।।

64
कुछ तो लम्हे याद किए जाते है
कुछ लोग अपने बन जाते है
जो थे हमारे महबूब
वो हमसे ही दगा कर जाते है।।

65
अब मै ओर मोहब्बत कर नहीं सकता
मै अब उसको ओर रोक नहीं सकता
वो प्यार था मेरा मान लिया मैने
पर मै खुद को अब ओर गिरा नहीं सकता।।

66
हर याद उसकी आ जाती है
ओर मुझे प्यार का अहसास करा जाती है
मै कोई नहीं था उसके लिए
मुझे इस बार का अहसास करा जाती है।।

67
एक दिन मेरी मौत पर रोने वाला भी कोई नहीं होगा
सब रहेंगे मेरे साथ पर मेरा सनम नहीं होगा
एकतरफा मोहब्बत की थी मैने
अब तो मुझे रोज ही मरना होगा।।

68
एकतरफा मोहब्बत जहर से ज्यादा कड़वी होती है
ये याद बहुत जहरीली होती है
दिल को हर वक्त देती है दर्द
ये तो नशे की भी बाप होती है।।

69
अब मुझे भी तन्हाई मै रहना अच्छा लगता है
किसी से बाते करना बुरा लगता है
मै अब खुद मै रहता हूं
मुझे तेरी यादों के संग जीना अच्छा लगता है।।

70
मेरे हिस्से की उम्मीद का आज मातम है
मैने किया तो जो उससे प्यार आज उसका मातम है
मैने जो चाहत की थी उसके साथ
आज उसका मातम है।।

71
मैने भी तेरे लिए अरदास की थी
पर तू मेरा प्यार को समझ ही नहीं पाया
ओर मै क्या करती तेरे लिए
जब तू मुझे अपना बना ही नहीं पाया।।

72
सब कुछ तो तुझे से चुकी थी मै
फिर तूने मुझे धोका क्यों दे दिया
मैने की थी तुझसे मोहब्बत
तूने ही मुझे धोखा दे दिया।।

73
हमें भी तुझसे कोई चाहत नहीं रखती
तेरे पास आने की हसरत नहीं रखती
जब तू करता ही नहीं मुझसे मोहब्बत
तो मै भी अब तुझसे प्यार नहीं करती।।

74
इश्क का हर लम्हा मैंने देख लिया है
मंजर वही पुराना देख लिया है
जो हुआ था सबके साथ पहले
मैंने भी आज वो दर्द देख लिया है।।

75
मैं क्या लिखूं अब उसके बारे में
उसकी बेवफाई ने मुझे कहीं का नहीं छोड़ा
लोग मारते हैं मुझे ताने
उसके प्यार ने मुझे कहीं का नहीं छोड़ा।।

76
मै भी उसे बहुत चाहती थी
पर उसने मेरी चाहत को नहीं समझा
मेरी मोहब्बत मेरी इबादत को नहीं समझा।।

77
तेरी बेवफाई के किस्से अब मशहूर हुआ करते हैं
मैंने जिन्हें बताया था कि तू मेरी है
वह मुझ पर अब हंसा करते हैं।।

78
अब तो मोहब्बत पर से यकीन उठ चुका है मेरा
अब कोई भी चाहत नहीं रही
कोई नहीं था मेरा पहले भी
पर अब मुझे तेरी फिक्र भी नहीं रही।।

79
लोग कहते थे मुझे उसे छोड़ दे
पर मै तुझे अपना माना करता था
यकीन था तू भी मुझसे प्यार करेगी
इसलिए तुझे चाहा करता ता।।

80
प्यार के बदले मैने तो प्यार भी नहीं मांगा
बस मैने तो सिर्फ तेरा साथ मांगा था
नहीं थी जिस्मो की हसरत मुझे
मैने तो बस तेरा हाथ मांगा था।।

Final Words:

So friends these are the best one sided shayari in hindi, we hope that you loved all these shayari and if yes then please give this post 1 like and also share with your friends on whatsapp and facebook.

We would pray to god that your one-sided love gets converted to both sided love. Thank you.

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