Rajputana Shayari in Hindi | राजपुताना शायरी

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Rajputana Shayari in Hindi

राजपुताना शायरी

Rajputana shayari in hindi

1
यहां हमारा राज चलता है
हमारे सामने कोई आवाज उठा नहीं सकता
और क्या कहा, कौन है हम
तेरा बाप भी राजपूतों का इतिहास बता नहीं सकता।।

2
राजपूत है हम अपने वचन पर अडे रहते है
दुश्मन आ जाए कितने भी रण मै
हम सीना तान खड़े रहते है।।

3
महाराणा प्रताप के जैसा कोई वीर ना हुआ
उनके जैसा कोई राजपूत ना हुआ
मातृभूमि के लिए दे दिया बलिदान
उनके जैसा कोई शूरवीर ना हुआ!!

4
हमसे पंगा मत लेना फौलादी जिगर रखते है
दुश्मन से लडने का जज्बा रखते है
राजपूती खून दौड़ता है रगो मै
हम दुश्मन का सर अपने पैरो मै रखते है।।

5
जिंदगी के उसूल पुराने है
हम राजपूत वतन के दीवाने है
आंख उठाकर देखी जो इसके तरफ
तो हमारे तेवर वहीं पुराने है।।

6
जिस जगह जन्म लिया
उस मिट्टी के लिए कुछ भी कर जायेंगे
हम मात्रभूमि का कर्ज चुकाएंगे
जान दे देंगे हम, मगर दुश्मन को मार भगाएंगे।।

7
हाथ मै तलवार सर पर केसरिया पगड़ी बांध कर चलते है
हम राजपूत है जनाब, वतन को दिल में लिए चलते है
कोई नहीं उठा सकता आंख हमारे वतन की तरफ
हम अपनी जान हथेली पर लिए चलते है।।

8
जिंदगी जीने का अलग तरीका रखते है
जो हमसे कर जाए दगाबाजी
हम उसे खुद से दूर रखते है।।

9
दुनिया सलाम करती है
दुश्मन डरकर भाग जाते है
जब राजपूत तलवार लेकर
मैदान में आते है।।

10
डरते नहीं किसी से अपने दम पर जिया करते है
हम तो राजपूत है, वतन के लिए मरा करते है
राणा जी के वंशज है हम
हम तो तूफ़ानों से खेला करते है।।

11
जिंदगी के शोक वहीं पुराने रखता हूं
मै तो दुश्मन भी खानदानी रखता हूं
जो नहीं हुआ मेरा अब तलख
मै उससे दूर बनाकर रखता हूं।।

12
मुझे अपनी हद बता रहे है
मुझे ओकात सीखा रहे है
नहीं जानते राजपूत हूं मै
ये मेरे सामने नजरें उठा रहे है।।

13
लोगो के कहने से फर्क नहीं पड़ता
हमारे खून का उबाल कम नहीं होता
दुनिया कह दे हमें कुछ भी
राजपूतों का मान कभी कम नहीं होता।।

14
दुनियां जहां मै रिश्ते कम रखते है
हम खुद के जिगर मै दम रखते है
कोई नहीं रहता हमारे पास तो क्या हुआ
हम खुद किसी फौज से कम नहीं लगते है।।

15
बहुत वीर हुए है मेवाड़ मै
पर वो एक ही राणा कहलाता है
जिसका सर झुका ना कभी
वो भी महाराणा प्रताप कहलाता है।।

16
राजपूत से क्या टक्कर लेगा
हम किसी से डरा नहीं करते
जो नहीं देता हमारा साथ
हम भी उसके साथ खड़ा रहा नहीं करते।।

17
अपनी हद मै रहना गुस्सा जल्दी आता है
ये राजपूती खून है जनाब
इसमें उबाल जल्दी आता है।।

18
मुझे क्या मिटा पाओगे
तुम अपनी बची इज्जत भी लुटा जाओगे
मै नहीं डरता हूं किसी से
तुम इस राजपूत को क्या मार पाओगे।।

19
मुच्छो पर ताव रखते है,दिल मै वतन रखते है
जीते है हम शान से, वक्त आने पर
हाथ मै तलवार भी रखते है।।

20
राजपूतों की मर्यादा सबसे उपर होती है
उनकी इज्जत सबसे बड़ी होती है
कोई कुछ भी कह ले उनको
पर उनके जिगर मै बहुत ताकत होती है।।

21
राजपूतो की बात अलग है
उनकी तो शान अलग है
वो नहीं झुकते किसी के आगे
उनकी तो पहचान अलग है।।

22
हम क्या लिख देंगे उनके इतिहास के बारे मै
हर एक ने रक्त बहाया है
जब भी मांगा एक सर भारत माता ने
इन्होंने झोली भर भरकर लुटाया है।।

23
इतिहास फिर से दोहरा देंगे
जो आंख उठी वतन के तरफ
हम दुश्मन का सर जला देंगे।।

24
दुनियां कुछ भी कहे
हम खुद को लाजवाब रखते हैं
डरते नहीं किसी से हम
हाथ मै हथियार रखते है।।

25
जब भी वतन कि बारी आई है
रण मै केसरिया टोली आई है
दुश्मन टिक ना सका जिनके आगे
वो राणा प्रताप की तलवार आई है।।

26
हमे अकड़ मत दिखा ज्यादा
तेरी सारी हेकड़ी निकाल सकता हूं
तू मुझे कुछ भी कहे
मै तुझे पल भर मै मार सकता हूं।।

27
एक सच्चा राजपूत वहीं होता है
जो वतन के लिए जान दे सकता है
अगर आए मुसीबत किसी पर
वो अपने प्राण दे सकता है।।

28
लोग हमारा इतिहास पूछते है
पर हम खुद का इतिहास रखते है
हर कोई जानता है हमारे बारे मै
हम पृथ्वी राज चौहान को दिल मै रखते है।।

29
जो लोग मुझे बुरा बता रहे है
वो बिल्कुल सही बता रहे है
मै तो खानदानी राजपूत हूं
पर वो अपनी ओकात
दिखा रहे है।।

30
जो करते है आरपार करते है
हम अपने हर वचन को पूरा करते है
राजपुत है हम जहां वालो
दुश्मन को अपने पैरो तले रखते है।।

31
शौक अपने ऊंचे रखता हूं
आसमान मै उड़ने का होंसला रखता हूं
दुनिया कह ले कुछ भी मेरे बारे मै
मै खुद को हमेशा पाक साफ रखता हूं।।

32
राजपूतों की बात निराली हैं
उनकी तो हर अदा मतवाली है
सब हो जाते है दीवाने उनके
बन्ने की शान मतवाली है।।

33
इज्जत दोगे तो इज्जत पाओगे
तुम हमारा कुछ बिगाड़ नहीं पाओगे
हम तो तुम्हारे अब्बा लगते है
तुम हमारे सामने सिर्फ सर झुकाओग।।

34
लोगो के कहने से मुझे कुछ फर्क नहीं पड़ता
मै खुद के लिए रास्ता खुद बनाया करता हूं
अपना अंदाज अलग है दुनिया से
मै दुश्मन को आइना दिखाया करता हूं।।

35
राजपूती मर्यादा की आन ना जाने पाए
राजपूतों का सम्मान ना जाने पाए
मस्तक कटा दिए जिन्होंने रण में
उन वीरो का बलिदान व्यर्थ ना जाने पाए!!

36
जो भी करते हैं आर पार करते हैं
हम किसी से डरा नहीं करते
तुम क्या हमे सिखाओगे
हम बच्चों के मुंह लगा नहीं करते।।

37
ज्यादा ऊंची आवाज हमारे सामने मत रखना
वरना मार दिए जाओगे, राजपूत है हम बच्चे
इस जहां से उठावा दिए जाओगे।।

38
तुम क्या हमे मारोगे
हम तो जान हथेली पर लिए चला करते है
जंग मै जब भी जाते है
सर पर कफ़न पहनकर चला करते है।।

39
केसरिया साफा सर की शान है
राजपुताना की यह आन है
यहां करते है रक्त से अभिषेक
तलवार इनकी जान है।।

40
जान देने से कभी घबराते नहीं है
दुश्मन से डरकर भागते नहीं है
दुनिया क्या मारेगी हमे
हम खुद जान की परवाह करते नहीं है।।

41
गोरा, बादल जैसे वीर हुए है
राजपुताना मै शूरवीर हुए है
जिन्होंने सर्वस्व बलिदान कर दिया मातृभूमि के लिए
भारत में ऐसे वीर रणबांकुरे पैदा हुए है।।

42
दुनिया इतनी बड़ी है
पर हर जगह हमारा सिक्का चलता है
बन्ना को सब सलाम ठोकते है
क्युकी यहां बन्ना का हुक्म चलता है।।

43
बाईसा कहते है सब हमको
हम किसी से डरते नहीं है
और तुम जैसे ऐरे गेरो के हम
मुंह लगते नहीं हैं।।

44
वीरों ने जहां जन्म लिया है
जिस मिट्टी का तिलक किया है
मै गीत वहा के गाता हूं
अपने वचन का पक्का हूं
तभी राजपूत कहलाता हूं।।

45
दुनिया अलग है हम भी अलग है
उनके मिजाज गरम, तो हमारे भी गरम है
पर सुन ले हम राजपूत है
हमारे तो तेवर भी अलग है।।

46
दुनिया से नहीं चला करते है
हम खुद की मर्जी से जिया करते है
किसी का मजाक नहीं उड़ाते
पर गर्व से खुद को राजपूत कहा करते है।।

47
राजपूत है हम, ये बताया नहीं करते
जिस दिन नहीं निकलते है घर से
शहर मै चिराग जलाया नहीं करते।।

48
गुलामों के झुके हुए सर खुद-ब-खुद हमारा पता देते हैं
हम राजपूत हैं यह हम किसी से नहीं कहते हैं
इशारों से ही समझ जाते है सब हमारी बात
हम किसी के कभी मुंह नहीं लगते है।।

49
हम अकेले ही जाया करते है
खुद का शिकार खुद किया करते है
पीठ पीछे नहीं करते हम वार किसी के
ज़ख़्म भी सीने पर खाया करते हैं।।

50
इस दुनिया मै कुछ लोग ऐसे है
जो मुझे नापसंद करते है
पर फिर भी मेरा कुछ उखाड़ नहीं पाओगे
इस राजपूत को कभी तुम गिरा नहीं पाओगे।।

51
हमारी सामने खड़े होने कि हैसियत नहीं किसी की
पर हम किसी पर जबरदस्ती राज नहीं करते
लोग खुद करते है हमारी इज्जत
हम उनको कभी कहा नहीं करते।।

52
दिल में सबके लिए प्रेम रखता हूं
सबको एक बराबर समझता हूं
मै राजपूत हूं जनाब
कभी इस पर घमंड नहीं किया करता हूं।।

53
अपनी इज्जत को हम कभी दाव पर नहीं लगाते
इज्जत के लिए मर जाया करते है
लोग हम कहते है राणा
हम दुश्मन से भिड़ जाया करते है।।

54
बहुत वीर हुए है इस धरती पर
पर राणा प्रताप जैसा कोई नहीं हुआ
सब कहते थे उनको शूरवीर
पर उनके जैसा कोई मां का लाल नहीं हुआ।।

55
जब भी इतिहास पढ़ता हूं
गर्व से सर ऊंचा हो जाता है
जहां जहां वीरों को बलिदान
देश के काम आता है।।

56
कुछ लोग है जो नफरत फैला देते है
भाई भाई को लड़ा देते है
कोई नहीं है छोटा बड़ा हमने
वो भेदभाव का जहर फैला देते है।।

57
थोड़ी अकड़ तो रखता हूं
क्युकी राजपूत कहलाता हूं
जिगर में है वतन मेरे
भारत मां का लाल कहलाता हूं।।

58
एक अलग पहचान है एक अलग नाम है
राजपूतों के लिए वतन कि रक्षा ही पहला काम है
मर जाते है जो वतन पर हंसते हंसते
वहीं असली राजपूत की पहचान है।।

59
दुनिया से मोह नहीं रखता
कभी छुपकर वार नहीं करता
मेरे पूर्वाजो ने जो सिखाया है
मै उसका कभी अपमान नहीं करता।।

60
हम अपना इतिहास खुद लिख जाएंगे
खुद को वतन के हवाले कर जाएंगे
दुनिया याद रखेगी हमारे बलिदान को
हम अमर राजपूत कहलाएंगे।।

61
राजपूत का धर्म वो अच्छी तरह जानता है
वो खुद को पहचानता है
खुद की फिक्र नहीं उसे
पर एक देश को अपनी जान मानता है।।

62
आज तक जितने भी वीर पैदा हुए
सबने वतन की रक्षा की है
लड़ते लड़ते मर गए वो
उन्होने अपनी हर प्रतिज्ञा पूरी की है।।

63
राजपूतों का धर्म निभाना है
उनको शूरवीर कहलाना है
राणा प्रताप के जैसे उनको
अपने वतन को बचाना है।।

64
हमे मत सिखाओ अपनी हदे
तुम अपनी हद में रहा करो
हमसे बदतमीजी करने से पहले
अपना अंजाम याद रखा करो।।

65
जब तक कोई हमे आगे से छेड़ता नहीं है
हम उसका कुछ नहीं करते
पर अगर को गलती उसने
तक हम राजपुत उसको बख्शा नहीं करते।।

66
खुद की एक कहानी लिख रहा हूं मै
अपनी अलग रवानी लिख रहा हूं मैं
राजपुत हूं जनाब,,
खून से अपनी वफादारी लिख रहा हूं मै।।

67
जो वादा किया है हमने, वो मरते दम तक निभायेंगे
हम वतन के लिए अपने प्राण भी गवायाएंगे
जब बात आती है राजपूतों की आन की
हम चट्टान से भी टकरा जाएंगे।।

68
दुनिया ऐसी देखी है हमने
जिसे कोई देख नहीं सकता था
राजपूत ने भी अपना खून बहाया है
वतन की आजादी के लिए
वरना भारत मुगलों से कभी आजाद हो नहीं सकता था।।

69
इधर उधर की बात नहीं करता
मै सीधी बात करता हु
जो नहीं मानता प्यार से
मै अपने पास बंदूक भी रखता हू।।

70
सबसे उलझ जान पर हमसे पंगा मत लेना
राजपूताना से कभी दुश्मनी मोल मत लेना
हस्ती मिट जाएगी तेरी
तू हमारे सामने मुंह खोल मत लेना!!

Final Words:

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