शेर ओ शायरी | Sher O Shayari Hindi

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Sher O Shayari Hindi

Sher O Shayari

1
हर एक के हिस्से में वो मुकाम आता है
सपनो को प्यारा का जहान आता है
जिंदगी है तो होगी ही मुश्किल
सबके हिस्से मै कहा खुशियां का संसार आता है।।

2
मैने देखा है लोगो को जिनके पास कुछ नहीं होता
वो फिर भी खुश रह लेते है
दिखाकर जिंदगी को आइना मौत का
वो हर जंग आसानी से लड़ लेते है।।

3
अपने दम पर जी रहा हूं
किसी की खेरात नहीं लेता
मांगी हुई चीजे मुझे पसंद नहीं
मै किसी से भीख नहीं लेता।।

4
हर सफर आसानी से कट जाएगा
हर तरफ मेरा नाम हो जाएगा
जिंदगी ना जी सका मै तो क्या हुआ
बुलंद हौसलों का परचम मौत के बाद भी लहराएगा।।

5
जहां-जाते है एक ही इल्जाम आता है
मै पत्थर हूं कहकर हर शीशा तोड़ दिया जाता है
जिंदगी मै जब लिखा है गम तो क्या करे
हर अपना आजकल मुंह मोड़ जाता है।।

6
आजकल का दौर इस कदर छाया है
जहां भी देखा नफरत का सैलाब आया है
हमने तो देखा ही नहीं था मौत को
फिर आज ये कैसा हसी मंजर आया है।।

7
मेरी कहानी हर बार दोहराई जाएगी
मै ना लिखूं कुछ फिर भी सुनाई जाएगी
हम कर जाएंगे काम ऐसा
जिन्दगी को गौरव गाथा बताई जाएगी।।

8
आलम ना देखा था ऐसा जो आज देखा है
हमने मोहब्बत का वो अंजाम देखा है
करने वाले इस अकेले है रह गए
हमने जिंदगी को बर्बाद होते देखा है।।

9
हमने नहीं मानी हार कभी जिंदगी से
हम तो आखिरी दम तक लड़े है
मारकर दुश्मन को हम
देखो आज भी जिंदा खड़े है।।

10
जरुरत ही होती है इन्सान की
जो उसे बदल दिया करती है
हालातों से लड़ना सीखा दिया करती है
वो भागे कितना भी ज़िम्मेदरियों से
पर जिंदगी उसको सबक सीखा दिया करती है।।

11
हर तरफ मै भी जाया जाऊंगा
हर घर अजमाया जाऊंगा
जहां ना होगी जरुरत मेरी
मै वहां से भगाया जाऊंगा।।

12
जरुरत अगर ना हो किसी की
लोग भगवान बदल दिया करते है
इन्सान अपनी ओकात और
पहचान बदल लिया करते है।।

13
जहां मिले हम खुशी वहां जाना चाहिए
हर गम आसानी से सह जाना चाहिए
क्या हुआ अगर आज कोई साथ नहीं
हर इन्सान को आजमाना चाहिए।।

14
एक दिन जरुर वो दिन आएगा
जब मेरा मुस्तकबिल शोर मचाएगा
हर तरफ एक ही नाम होगा
मेरा जयकारा सुनाया जाएगा।।

15
सब्र रख तू भी भगवान सबकी सुनता है
आज नहीं तो कल जरुर सुनता है
लोग कहते है कुछ नहीं बचा मेरे पास
अरे उनसे पूछो जो सिर्फ उम्मीदों पर जिंदा रहता है।।

16
हर गम भी उदास ही जाएगा
जब तू मेहनत से अपनी पहचान बनाएगा
ये जिन्दगी है मेरे दोस्त
यहां कुछ नहीं किया तो अकेला रह जाएगा।।

17
मेरे लिए कोई नहीं होता मेरा
मै अकेला ही सब कुछ किया करता हूं
जिंदगी के साथ कभी कभी
मै खुद दो – दो हाथ किया करता हूं।।

18
जिन्दगी से जुड़ा हर सबक सीख लिया मैने
लोग को आसानी से परख लिया मैने
और क्या मै कुछ नहीं कर पाऊंगा
देखना,एक दिन किताबो मै अपना नाम लिखवाऊंगा।।

19
हम तो बुरे है मान लिया करते है
हम तुमको भी पहचान लिया करते है
तुम जो कहते है हमे दुश्मन अपना
हम फिर मै तुम्हे गले लगा लिया करते है।।

20
जिन्दगी है एक सुहाना सफर
इसे हंसकर बिताना चाहिए
खुशियां हर ओर रहती है
बस हमें इसे मानना चाहिए।।

~Love sher o shayari~

21
जो किसी के पास नही होता
वो मेरे पास आया था
जिन्दगी का हर हसी लम्हा
हमने साथ बिताया था
वो थी इस कदर मेरी
मैने उसे अपनी जान से ज्यादा चाहा था

22
वो पल भी हसीन हो जाता है
जो उसके साथ बीत जाता है
जब भी याद आती है उसकी
वो हसी लम्हा फिर जहन मै आता है।।

23
जब ये दुनिया बेगानी लगने लगे
जब तुम्हारा दिल सिर्फ उसके बारे मै सोचने लगे
जब हर खुशी उसकी प्यारी लगने लगे
जब उसके पास होने से ये दुनिया अपनी लगने लगे।।

24
वो सबसे खूबसूरत अहसास होता है
जब उसका हाथ मेरे साथ होता है
मेरा हमसफ़र रहता है हर वक्त मेरे साथ
मुझे उसके होने का अहसास होता है।।

25
नसीब वाले को ही मिल पाती है सच्ची मोहब्बत
वरना तो सब अकेले रह जाते है
दुनिया मै मिलते है कुछ लोग ऐसे
जो सिर्फ इस दिल के हो जाते है।।

26
हर तरफ से आ जाए गम मुझे फिर भी फिक्र नहीं होती
वो होती है जब साथ तो किसी की चाहत नहीं होती
सुख दुख सब बांट लेता है मै उसके साथ
मुझे अब किसी की हसरत नहीं होती।।

27
देखा है उसको मैने, मेरे लिए अरदास रखते हुए
रब से मांगी है उसने दुआ मेरी खुशी के लिए
यही होती है मोहब्बत ए मुर्शीद
मैंने देखा है उसे अपने लिए रोते हुए।।

28
प्यार था उससे ऐसा जो लफ्जो मै बयां नहीं कर सकता
उसके साथ मै कभी धोका नहीं कर सकता
वो मेरी जान मेरे दिल में रहती है
मै उसके सिवा किसी ओर से प्यार नहीं कर सकता।।

29
हम कैसे बताए तुम्हे अपनी चाहत का इशारा
अब ये दिल भी है शिद्दत से तुम्हारा
हक़ नहीं है अब किसी का मेरे ऊपर
मेरी जान पर भी है अधिकार तुम्हारा।।

30
जिस जगह तू ना मिले
मै उस जगह नहीं जाता
तेरे बिना मै ए मेरी “जां”
मै एक पल भी नहीं जी पाता।।

31
मैने सिर्फ तुम्हारी इबादत की है
हर दुआ मै तुम्हारी चाहत की है
तुम नहीं हो अगर मेरे पास तो क्या हुआ
मैने तुमसे मोहब्बत एक तरफा की है।।

32
इस प्यार का कोई नाम नहीं होता
ये तो दिलों को रिश्ता होता है
जब दो दिल मिल जाते शिद्दत से
तभी बेशुमार प्यार होता है।।

33
हमने नहीं जानते मोहब्बत क्या होती है
पर हा उस देखकर दिल जोर से धड़का था।।

34
हमारी चाहते बेशुमार होती है
तभी तो मोहब्बत उनकी बेमिसाल होती है
हम रहते है ख्यालों मै उनके
वो हमारी बेगम मुमताज होती है।।

35
क्या लिखे हम उसके बारे मै
हमने तो हर फलसफा लिख दिया
मिट ना सके जो कभी
हमने दिल पर वो नाम लिख दिया।।

36
हम क्या बताए हमने कितना प्यार किया है
तुम खुद से पूछ लेना
अगर ना मिले जवाब फिर भी
तुम हमारे दिल से पूछ लेना।।

37
मोहब्बत करके उससे मैने सब कुछ पा लिया
मैने अपने सपनों का हसीं जहां पा लिया
देखा था जिसे अपने हाथ की लकीरों में
मैने आज उस हमसफ़र को हकीकत में पा लिया।।

38
मै जहां भी जाऊ,,
मेरा हर रास्ता उसी तक जाता है
वो ना चाहे मुझे फिर भी
मेरा दिल उसे ही चाहता है।।

39
मेरे इश्क पर हक़ बस उसका ही है
मैने उसके अलावा किसी का सोचा भी नहीं
वो ही रहती है मेरे दिल मै
मैने उसके सिवा किसी को देखा तक नहीं।।

40
दिल को जज्बातों को डायरी कह देता हूं
मै अपने प्यार को शायरी कह देता हूं
वो ना मिले मुझे तो क्या हुआ
मै उसे फिर भी अपनी मोहब्बत कह देता हूं।।

~Heart Broken sher o shayari~

41
दिल टूटा है इस कदर अब जुड़ नहीं सकता
तेरी यादों का खंजर निकल नहीं सकता
मै कैसे कह दू, अब मै तुझसे प्यार नहीं करता
मै तेरे बिना आज भी जी नहीं सकता।।

42
सोचो कैसे रहा होऊंगा मै रातो मै उसके बगैर
जिसके बिना एक पल भी नहीं रहा जाता था।।

43
हर दफा सोचा था मैने जिसे
उसके जहन मै मेरा ख्याल भी ना था
इश्क़ किया था मैने इतने जतन से
मेरे हिस्से मै इतवार भी ना था।।

44
मैं नहीं बताया करता अब किसी को मेरे बारे में मुर्शीद
मेरे हिस्से की खुशियां कम हो जाया करती हैं
सह लेता हूं मैं खुद का दर्द खुद ही
मेरे हिस्से में अब कहां नींद आया करती है।।

45
मैने सोचा नहीं था कभी एक दिन ऐसा भी आएगा
मेरे हिस्से का प्यार किसी ओर को दिया जाएगा
मै रह जाऊंगा दुनिया की इस भीड़ में अकेला
मेरा महबूब मुझे इस कदर सताएगा।।

46
मैने तो खुशियां ही चाही थी तेरी
फिर मेरी क्या कमी रह गई
जो तू मुझे ना मिला
बता मेरी कोनसी खता रह गई।।

47
अब कहा मिलती है वो मुझे पहले की तरह
वो तो मुझसे दूर रहा करती है
आजकल किसी ओर को
वो अपना प्यार कहा करती है।।

48
मै भूल ही नहीं पता उस हादसे को जो मेरे साथ हुआ था
जब मेरा महबूब मुझे छोड़कर गया था।।

49
मै नहीं रहता अब किसी के खयालों में
वहां से भी निकाला जा चुका हूं
मै तो मर चुका हूं कब का मुर्शीद
जब से उसके दिल से निकाला जा चुका हूं।।

50
मेरी खुशियों को किसी की नजर लग गई
तभी वो मेरे हिस्से मै नहीं आती है
चली गई जो “जां” मेरी
वो वापस अब नहीं आती है।।

51
हम तो रहा करते है अब अकेले
सब कुछ सह लिया करते है
कोई रहा नहीं अब तो क्या करे
अब खुद को ही दर्द दे लिया करते है।।

52
मेरे दिल नहीं रहा अब किसी का
मै ना ही किसी की चाहत रखता हूं
जो चला गया अब मेरे दिल से
मै उसे अब बाहर ही रखता हूं।।

53
रातों को नहीं आती नींद
उसका ही ख्याल आता है
मेरे हिस्से मै जो नहीं था कभी
वो गम भर लम्हा हर रोज आता है।।

54
भुला देता हूं मै तो हर रोज उसे
फिर भी हर सुबह वो आ जाती है
मेरी खुशियों को जो लगी है आग
वो मेरे आंसू से भी कहा बुझ पाती है।।

55
मै कैसे भूल जाऊं तुम्हे किसी ओर से प्यार था
मेरा दिल तो तुमने तोड़ दिया
अगर नहीं था मुझसे प्यार तुम्हे
तो तुमने मेरा साथ क्यों छोड़ दिया।।

56
मेरे गम से तो मेरी दोस्ती हो चुकी है
अब ये मुझे सताता कहां है
मेरे हिस्से मै लिखी थी किस्मत
खुदा उसे चमकाता कहां है।।

57
वो वहा बैठकर हंस रही है
मै अपनी बर्बादी का जश्न मना रहा है
वो कहती रही मुझे पागल हमेशा
मै इस बात को आज अफसोस मना रहा हूं।।

58
यूं ही नहीं किया जाता प्यार
गम भी सहना पड़ता है
हर रोज थोड़ा थोड़ा मरकर
हमे रोज जीन पड़ता है।।

59
रातों से पूछ लेना अब खबर मेरी
मुझे खुद का अब पता नहीं रहता।।

60
क्या लगा रखा है तुमने प्यार-व्यार
मुझे तुमसे मोहब्बत नहीं है
ये कहकर उसने तोड़ दिया मुझे
की उसका दिल मेरा नहीं है।।

~Alone sher o shayari~

61
ये को अजीब सी तन्हाई ने मुझे घेरा है
हर ओर बस उसकी यादों को बसेरा है।।

62
मिलता ही कहां है मुझे अब सुकून लोगो मै
मै तो बस अब अकेला रहा करता हूं
जिनके साथ रहा करता था पहले
अब मै उनसे दूर अक्सर अकेला रहा करता हूं।।

63
ये अकेलापन ही मुझे अब अच्छा लगता है
मै इसी के साथ ही खुश हूं
जो नहीं है मेरे पास अब
मै उनके बिना भी खुश हूं।।

64
कोई तो खेरियत पूछा करो मेरी
मेरी अब किसी को खबर नहीं है
मै मर जाऊंगा एक दिन इस अकेलेपन से
मेरी अब किसी को जरुरत नहीं है।।

65
ये तन्हाई ओर अकेलापन मुझे सता रहा है
जो चला गया उसका दर्द बता रहा है
मै भी कुछ नहीं कर सकता अब
मेरा खुदा भी मुझे सता रहा है।।

66
अब नहीं मिलती मुझे वो गलियां
जहा मै खुश रहा करता था
अब राते मिलती है बस
जहा मै अकेला रहा करता था।।

67
हर दर्द का इलाज़ होता है, हर दर्द की दावा होती है
पर कमबख्त इश्क़ की कोई मर्ज नहीं होती है
रोता रहता है इन्सान अकेले मै
उसकी हमदर्द भी बस ये तन्हाई होती है।।

68
किस गली जाए हम जहां तेरी याद ना आए
मुझको तो बस हर जगह तू ही दिखाई दे जाए
रहा करता हूं मै अकेला अब अक्सर
कोई मुझे मिलने ही आ जाए।।

69
मेरे को ना समझा किसी ने ना मुझे चाहा है
हर तरह हर जगह मेरा मजाक बनाया है
हर दर्द तकलीफ से गुजरा हूं मै
मैने खुद को ही अपना दुश्मन बनाया है।।

70
मेरे गम की इंतहा हो जाती है
कभी कभी जब तेरी याद आती है
मै रो पड़ता हूं तन्हाई मै भी
जो तेरी यादे मुझे इस कदर सताती है।।

71
अकेलेपन का दर्द मुझे इस कदर सता रहा है
की ये मुझे अब अब पागल बना रहा है।।

72
मै अक्सर जो सोचता हूं
वो कभी हो नहीं पाता है
जिसे चाहता हूं जान से ज्यादा
वो ही मुझे छोड़कर चला जाता है।।

73
क्या हो रहा है बाहर मुझे कुछ पता ही नहीं
मै तो जी रहा हूं गुमनामी मै
मुझे तो जिंदगी का कुछ पता ही नहीं।।

74
रह गया मै अकेला इस जहां मै
पर अब खुश रहा करता हूं
एक एक करके चले गए सारे रिश्ते दूर
मै अब मतलबी दुनिया से दूर रहा करता हूं।।

75
मेरे पास भी एक दिन कोई आएगा
जब दर्द से हद से ज्यादा बढ़ जाएगा
आज अकेला है मै तो क्या हुआ
हर शख्स मेरी मौत पर आंसू बहाएगा।।

76
जिस रास्ते पर मै चला था
वहा सिर्फ कांटे थे
मैने ही चुनी थी गली
जहा सिर्फ दर्द के सहारे थे।।

77
मैने अब हर लम्हा जी लिया है
अब मुझे किसी की चाहत नहीं है
जो कहा करते थे मुझे बुरा
मुझे अब उनकी जरुरत नहीं है।।

78
जिंदगी के उस मोड़ पर पहुंच चुका हूं मै
जहा अब अकेला रहना अच्छा लगता है
बेमतलब के रिश्तों से
अब दूर रहना अच्छा लगता है।।

80
अपना सब कुछ पराया हो गया
जो आया था मेरे हिस्से मै प्यार
वो अब किसी ओर का हो गया
मै तो रह गया अकेला पहले कि तरह
अब मुझे ये गम ही प्यारा हो गया।।

~Chai,, shero o shayari~

81
इश्क़ है हमे भी उससे
हम भी प्यार करते है
हा जनाब सही समझा
हम चाय से मोहब्बत का इजहार करते है।।

82
चाय की तलब है हमे तो
ओर किसी चीज की फिक्र नहीं
रहते है खुश हमे उससे ही
हमे किसी जन्नत की जरुरत नहीं।।

83
लगा हूं उसे लबो से हर घुट पी जाता हूं
मै तो इश्क़ है चाय से
मै हर सुबह उठकर उसे पी जाता हूं।।

84
आओ कभी मिलने हमसे
मोहब्बत को इजहार करेंगे
चाय पिलाकर तुम्हे हम
प्यार भरी बातें करेंगे।।

85
इश्क़ कैसा होता है पता नहीं हमे
पर हमने चाय को लबों से लगाकर देखा है।।

86
सर्दी मै अलग ही मजा दे जाती है
चाय वो सुकून दे जाती है
उसको पीकर मिलती है हर दर्द से निजात
चाय हमे वो मजा दे जाती है।।

87
चाय की आदत ऐसी लगी है मुझे
की अब छूट नहीं सकती
दोस्तो के साथ यारी है मेरी चाय से
ये अब टूट नहीं सकती।।

88
हम दोस्तो के संग घूमने जाया करते है
फिर बैठकर कहीं एक जगह
चाय का लुफ्त उठाया करते है।।

89
वो ठंड को मौसम ओर साथ मै तुम
दोनों मुझे बहुत भाती हो
चाय की बात कर रहा हूं मै
तुम मुझे बहुत याद आती हो।।

90
आओ कभी मिलने बनारस मै
कहीं गंगा किनारे बैठ जाएंगे
कुछ तुम हमारी सुनना
कुछ हम तुम्हे अपनी सुनाएंगे
फिर दोनों चाय को अपने लबों से लगाएंगे।।

~Matlbi sher o shayari~

91
सबका मतलब देख चुका हूं मै
अब मतलबी लोगो से दूर रहा करता हूं
जो देते है अपने बनकर धोका
मै ऐसे लोगो से अब फासले रखा करता हूं।।

92
हर तरफ से देखा है मैने जाकर उस गली में
जहा मतलबी लोग रहा करते थे
मुझे कहते थे दगाबाज वो
ओर खुद हद से ज्यादा झूठ बोल करते थे।।

93
मैने तो उससे मोहब्बत की थी
मुझे क्या पता था वो मतलबी निकल जाएगा
प्यार के नाम लेकर
मुझसे धोका कर जाएगी।।

94
कोई किसी का नहीं होता है आजकल
सब मतलब से रिश्ता रखा करते है
जैसे ही हो जाती है जरुरते पूरी
वो हमसे रिश्ता तोड़ लिया करते है।।

95
हमने देखा है अच्छाई के लिबाज़ मै
उस शक्श को,,
जो मुझसे मिलने आया था
झूठ ओर फरेब दिखाकर
मेरी मौत साथ लाया था।।

96
उसने मुझे तब तक ही अपने दिल मै रखा
जब तक मै उसकी जरुरत पूरी करता रहा
जैसे ही मिला कोई ओर उस मुझसे अच्छा
वो उसके साथ अपना मतलब सीधा करता रहा।।

97
कितना खाऊंगा मै धोका अपनों से
मुझे कब अक्ल आएगी
सुनो तो मतलबी ही रहना
मुझे अब तुम्हारी याद नहीं आएगी।।

98
मैने आंख से आंख मिलाकर उससे बात की
उसने अपनी नजरे झुका ली
कैसे मिलाता वो मुझसे नजरे मुर्शीद
उस शक्श ने मुझसे नजरे चुरा ली।।

99
मतलबी लोग बहुत है यहां
अब सच की कोई कीमत नहीं रही
मैने देखा था जिसको हमसफर अपना
उसे अब मेरी जरुरत नहीं रही।।

100
हर वो इन्सान आजमाया जाएगा
आज नहीं तो कल वो दौर आएगा
जहां रखते है लोग मतलब से रिश्ता
सबके जीवन मै वो इन्सान आएगा।।

101
कभी नहीं आई वो मेरे पास
मैने भी उससे कोई रिश्ता नहीं रखा
मुझे कहती थी वो मतलबी
मैने भी उस धोखेबाज से कोई मतलब नहीं रखा।।

102
मैने दुनिया को परखा है अच्छे से
सबको जान गया हूं
जो लोग मुंह पर बनते है मीठे
मै अब उनकी फितरत पहचान गया हूं।।

103
करीब से आएंगे वो लोग
ओर कुछ दिनों मै ही दिल मै उतर जाएंगे
फिर साथ देने का बहाना बनाकर
अपनी मतलब वाली दोस्ती निभाएंगे।।

104
दोस्ती मै भी दगाबाजी देखी है
मैने हर शक्श मै नजर अंदाजी देखी है
पीठ मै घोपते है छुरा वो लोग मुर्शीद
मैने उनकी ईमानदारी भी देखी है।।

105
हर लम्हा मैने अच्छे से जिया है
जिन्दगी का मजा भी लिया है
पर कुछ लोगो के किरदार में कमी रही गई
मेरे हिस्से की वो खुशी उनके मतलब से अधूरी रह गई।।

106
जान कहा करता था मै उसे अपनी
मुझे नहीं पता था वो इस कदर चली जाएगी
किसी ओर के लिए मुझसे किया हुआ वादा तोड़ जाएगी।।

107
अभी चुप हूं मै तो क्या हुआ
जनता सबको हूं
ओर जो लोग कहते है बुरा हूं मै
मै भी पहचानता सबको हूं।।

108
क्या कहा तुमने हम मतलबी है
जरा अपनी गिरेबान मै भी झांक कर देखो
ओर हमको कह रहे हो गिरा हुआ
जरा खुद को भी जमीन से उठाकर देखो।।

109
सोच लिया मैने भी अब
दुनिया जैसा ही बन जाऊंगा
जो लोग बुरे ओर मतलबी है
उनसे उसी तरीके से पेश आऊंगा।।

110
कोई कहता है मुझसे की वो अच्छा है
बहुत हसी आ जाती है
मतलब निकाल जाने पर सबको
अपनी अच्छी बाते याद आ जाती है।।

~Break up,, sher o shayari~

111
जब दर्द इस कदर दे चुकी थी वो
फिर मैने भी उसे जाने से नहीं रोका
दिल ही टूटा था ना मेरा
मैने उसे फिर से जोड़ना नहीं सीखा।।

112
जा रही थी वो मुझे छोड़कर
दिल मेरा रो रहा था
पीछे मुड़कर भी नहीं देखा उसने एक बार
मै उसकी याद मै कितना रो रहा था।।

113
इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा
की तू वापस एक दिन लौटकर आएगा
ओर फिर उसी तरह मुझे वापस
अपने सीने से लगाएगा।।

114
मेरी क्या गलती है ये तो बता देता
जो तूने इस कदर रिश्ता तोड़ दिया
ओर मेरे इतना मना करने पर भी
तूने मेरा बीच सफर मै साथ छोड़ दिया।।

115
मैने तो लिखा था हर दफा
तेरा ही नाम अपने दिल पर
फिर ऐसी भी क्या खता हो गई
बिना कुछ सुने मेरी बात को
तू मुझसे इस कदर दूर गई।।

116
वक्त ही नहीं कटता अब मेरा
एक शक्श कितना धीमा कर गया
मेरे हर लम्हे को।।

117
मैने भी तो किया था इंतज़ार तेरा
तू हर बात को जता देता है
मै नहीं कह पाती कुछ
तू सब कहकर बता दिया करता है।।

118
हमे पूछो कैसे काटी है हमने तुम्हारे बिना राते
हर लम्हा तड़पकर जिया हूं मै
तूने सहा है जितना दर्द
उससे दुगना सहकर भी जिंदा रहा हूं मै।।

119
बात ही कहा हो पाती है अब मेरी किसी से तेरे जाने के बाद
हर दूसरी खुशी चली जाती है वापस लौटकर तेरे पास
मै तो रह गया हूं अकेला अब पहले की तरह
पर तू तो खुश है आज किसी ओर के साथ।।

120
तुमने ही तोड़ा था रिश्ता
मैने तो निभाने की हर कोशिश की थी
तुमने ही दिए है ये जख्म अपने आप को
मैने तो इन्हे भरने की हर कोशिश की थी

121
अब नहीं लगती मुझे मेरी नींद अच्छी
रातों मै जागना प्यारा लगता है
जब से तू गई है रिश्ता तोड़कर
मुझे ये अंधेरा प्यारा लगता है।।

122
अब कितना लिख दूंगा मै अपने दर्द को
ये आधा तो नहीं हो जाएगा
जो आया है मेरे हिस्से मै गम
वो तेरे हिस्से कभी ना आएगा।।

123
मैने अपनी खुशी से बढ़कर तेरी खुशी चाही थी
मैने हर दफा तेरी मोहब्बत चाही थी
पर तूने तो मुझे इंतज़ार सदियों दे दिया
ठोकर देकर प्यार को मेरे
किसी ओर को तूने दिल दे दिया।।

124
तूने अगर सहा है दर्द तो मैने भी इंताजर किया है
तेरी तरह ही रातों को आंसू को घुट पिया है
कुछ मजबूरियां थी मेरी जिससे दूर जाना पड़ा मुझे
वरना मैने भी तुझे बेपनाह प्यार किया है।।

125
अब नहीं रहा जब कोई रिश्ता दर्द कैसा
तू जब नहीं रह अब दिल मै
तो फिर हमसफर कैसा।।

126
तेरी वो बाते ओर बेरुखी बड़ी याद आती है
जब तू गया था वो हर लम्हा याद आता है
तेरे साथ बिताया हर पल खूबसूरत था
मुझे उस पल की बहुत याद आती है।।

127
अब तो दूर हो चुके है हम
दुआ करता हूं तू भी मेरे बिना खुश रहे
मै तो जी लूंगा अपनी जिंदगी गम मै
पर तेरी जिंदगी आबाद रहे।।

128
हमसे पूछा जाता है अब की हम क्या किया करते है
कैसे बताएं हम तो हर पल तुझे याद किया करते है।।

129
ये राते अब मुझे अच्छी नहीं लगती
तुम सवेरा बनकर लोट आओ ना
तुम्हारी मुस्कुराहट बहुत अच्छी लगती है
तुम मेरे लिए फिर से मुस्कुराओ ना।।

130
अब तो ये गम सहना ही होगा
तुझे मुझसे दूर रहना ही होगा
गलती किसी की नहीं हम दोनों मै से
हमे इन हालातो से लड़ना ही होगा।।

~Nafrat,, sher o shayari~

131
जितनी शिद्दत से की है मोहब्बत
उतनी शिद्दत से ही नफरत निभाऊंगा
इंतकाम क्या होता है
मै अब तुम्हे दिखाऊंगा।।

132
मेरी मोहब्बत से नफ़रत कर ली तुमने
मेरे प्यार को ठुकरा दिया
मै भी तुझे ओकात दिखा सकता हूं
पर जा मैने तुझे माफ किया।।

133
मै तुझसे उसी लहजे मै बात करूंगा
तूने दिया है जो नफ़रत का पैग़ाम
मै भी अब उसे याद रखूंगा।।

134
प्यार मै हमने उसे जन्नत दिखा दी
उसने बदले मै हमे नफ़रत पकड़ा दी
हम झुकते रहे रिश्ता बचाने के लिए
उसने तो हमारी शख्सियत ही गिरा दी।।

135
बदला हम भी लेंगे अब उसी तरह
जिस तरह तूने दर्द दिया था
नफ़रत का सैलाब आएगा इस कदर
जिस मैने शिद्दत से प्यार किया था।।

136
मै तुझे कभी माफ नहीं कर पाऊंगा
दिया है जो दर्द तूने भूल नहीं पाऊंगा
अब तू भी मेरी नफ़रत का इंतकाम देखगी
दिल मे जो भरा है वो जहर देखेगी।।

137
मुझसे उलझने वालो की हस्ती मै मिटा दिया करता हूं
नफ़रत करने वालो को ओकात दिखा दिया करता हूं
जो गिर जाए मेरी नजर मै एक बार
फिर मै उसे ठोकर मार दिया करता हूं।।

138
तुम गलत बन गई हो मेरी नजरो मे
अब हमेशा ही गलत रहोगी
सोने कि बन जाओ अब तुम
फिर भी मुझे तुमसे नफ़रत ही रहेगी।।

139
तेरे रवैए को ही वापस दोहरा रहा हूं
तूने जो दिया है मुझे नफ़रत का प्यार
वहीं तुझे वापस लौटा रहा हूं।।

140
एक दिन वो भी आएगा
जब सिर्फ मेरा दौर आएगा
मुझसे नफ़रत करने वालो का
बहुत बुरा अंजाम आएगा।।

141
तू तो चली गई मुझे छोड़कर
पर धोका देकर अच्छा नहीं किया
प्यार नहीं था तुझे ना सही
पर मुझसे नफ़रत कर अच्छा नहीं किया।।

142
मिट जाती है हस्ती अब मुझे मिटाने वालो की
अब यहां मेरा राज चलता है
जो करते थे मुझसे नफरत
अब यहां उनके बाप का राज चलता है।।

143
हम भी चले जाएंगे सनम तुमसे दूर
तुम अब नफ़रत करने लगी हो
पर हमारे दिल में मोहब्बत हमेशा रहेगी तुम्हारे लिए
क्युकी उस दिल मै हमेशा तुम रही हो।।

144
नफ़रत तुमने की थी हमसे
हमने तो सिर्फ प्यार किया था
चली गई थी तुम छोड़कर
तब भी तेरा इंतज़ार किया था।।

145
जो लोग करते है मुझसे नफ़रत करने दो
मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता
रहते ही नहीं जो लोग मेरे दिल में अब
मुझे उनके होने ना होने से भी फर्क नहीं पड़ता।।

146
मेरी काबिलियत अलग है सबसे
मै बस वहीं दिखा रहा हूं
आजकल नफरत करने वाले बढ़ गए है मेरे
शायद अब मै तबाही मचा रहा हूं।।

147
मुझे इन तिरछी निगाहों से ना देखो
मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है
और नफरत करते रहो तुम बेशक मुझसे
मुझे तुम्हारी झूठी बेरुखी से फर्क नहीं पड़ता है।।

148
तुम क्या अंदाजा लगा पाओगी मेरी नफरत का
जब तुमने मेरे प्यार को ही नहीं समझा
दिया था जो मैने तुम्हे अपने दिल मै घर
तुमने मेरे उस अहसास को नहीं समझा।।

149
तुमने देखा है मुझे हमेशा प्यार करते हुए
अब मेरा अलग रूप देखोगी
ठुकरा के मेरा प्यार
तुम मेरा इंतकाम देखोगी।।

150
प्यार और नफरत का फर्क तुम्हें बताऊंगा
तुमने दिया है जो दर्द मुझे
उसे दुगना कर वापस लौटाऊंगा।।

Final Words:

So friends these were the best Sher o Shayari in Hindi, we really hope that you loved all these sher o Shayari collections and if you did then please give this post 1 like and also share with your friends on Whatsapp and Facebook.

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