टूटे दिल की शायरी | दिल टूट गया शायरी

हेल्लो दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम आपके साथ टूटे दिल की शायरी शेयर करने वाले है जो आपको जरुर पसंद आएगी. प्यार में अक्सर चाहे वो लड़का हो या लड़की उनका दिल टूटता है और ऐसे में उनका मन पूरी तरह से उदास हो जाता है.

कई बार गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड के बीच में अनबन हो जाने से भी दिल टूट जाता है. यदि आपका भी प्यार में दिल टुटा है तो आप इन शायरी को अपने bf या gf के साथ अवश्य शेयर करे ताकि उनको भी आपके दिल का हाल पता चले.

दोस्तों ये सभी शायरी बहुत ही सैड और इमोशनल है तो आप इन शायरी को अच्छे से पढ़े.

टूटे दिल की शायरी

दिल टूट गया शायरी

tute dil ki shayari

1
उसने मेरा दिल इस कदर तोड़ा है
उसने मेरा साथ हमेशा छोड़ा है
मैं ही करता हूं उसका इंतजार हमेशा
उसने तो मुझे बीच सफर में हमेशा छोड़ा है
2
मैं उसके दिए हुए जख्मों से शहर छोड़ जाऊंगा
मैं उसके बिना अकेला रह तो जाऊंगा
पर यह दिल टूटने वाला दर्द मुझसे अब सहा नहीं जाता
मैं अब इस दुनिया में और ज्यादा जिंदा रह नहीं पाऊंगा
3
मेरी जिंदगी मेरा सब कुछ वही थी
मेरी अधूरी आशा मेरी किरण सब वही थी
मैंने उसे ही माना था अपना
मेरी जिंदगी का सितारा वो ही थी
4
मेने उसे सफर में अपना माना था
मैंने उसे ही दिल दिया था
उसे ही सब कुछ माना था
मैं उसे ही करता था मोहब्बत
मैंने उसे ही अपना माना था
5
मुझे पता नहीं था वह इस तरह एक दिन
अचानक से मुझसे रिश्ता तोड़ देगी
मुझे छोड़ कर चली जाएगी
और किसी और के साथ रिश्ता जोड़ लेगी
मेरा दिल तो अब टूट चुका है बहुत बार
मगर वह कभी वापस मेरे पास लौट कर नहीं आएगी
6
वह मुझसे कभी मोहब्बत कर नहीं सकती
वह तो मेरे बिना भी रह लेती है
वह मुझसे प्यार कर नहीं सकती नहीं
मर रहा हूं मैं यहां उसके बिना
वह तो मोहब्बत किसी और से भी कर लेगी
7
वह यह मोहब्बत किसी और से भी कर सकती है
वह यह प्यार किसी और से भी कर सकती है
हां वफा मिलना इतना आसान नहीं होता
पर वह यह वफा वाली बात अब मुझ से नहीं कर सकती है
8
यह प्यार मोहब्बत में दिल टूट ना तो आसान होता है
हर किसी के लिए हर किसी को मिलना आसान होता है
पर मेरे लिए तो मेरा सब कुछ वो ही थी
मेरे लिए उसे छोड़ना कभी आसान नहीं होता है
9
दिल मेरा हर तरीके से टूट चुका है
अब वह मुझे बीच सफर में अधूरा छोड़ चुका है
हमने उसे ही माना था अपना जिसे हम मोहब्बत करते थे
आज वही हम से रिश्ता तोड़ चुका है
10
हमारी मोहब्बत को तुम इस तरह से बदनाम मत कर देना
तुम हमें इस तरीके से दूर मत कर देना
हम तुम्हें ही चाहते हैं और तुम ही चाहते रहेंगे
तुम हमें कभी भी खुद से जुदा मत कर देना
11
तुम शायद कर नहीं पाओगी तुम मुझसे कैसे मिलोगी
तुम मुझे बता नहीं पाओगे हां मुझे तुमसे मोहब्बत है मगर
तुम अभी यह किसी और से कह नहीं पाओगी
मेरा दिल तुमने तोड़ दिया है
अब उसे तुम वापस जोड़ नहीं पाओगी
12
दिल तोड़कर उसे वापस जोड़ पाना आसान नहीं होता है
हर किसी के दिल में मिलना आसान नहीं होता है
हमने तो चाहा है उन्हें हमेशा
उनका यू मोहब्बत में हम से उलझना मुश्किल होता है
13
दिल मेरा हर दफा हर किसी ने तोड़ा है
मेरा साथ तो हर किसी ने छोड़ा है
मैं नहीं करता रहता हूं मोहब्बत सबसे
मुझे तो सब ने बीच सफर में छोड़ा है
14
मैं तो आज ही उसका इंतजार करता हूं
हां मैं तो आज भी उस से मोहब्बत करता हूं
उसे मेरे से नहीं है चाहत तो क्या हुआ
मैं तो आज भी उसके आने का इंतजार होता है
15
मुझे हमेशा उसका इंतजार होता है
मुझे हमेशा उस से मोहब्बत होती है
मैं उसे ही चाहता हूं तुझे दिलो जान से
मुझे आज भी उससे ही इश्क की मालूमात होती है
16
रात में को अकेला रो लेता हूं मैं
अब अकेला सो जाता हूं मैं
मेरा इस दुनिया में कोई बचा ही नहीं
हर किसी से रिश्ता तोड़ देता हूं मैं
17
मैं अब किसी से रिश्ता निभा नहीं सकता
मैं अब किसी को अपना बना नहीं सकता
हां मैंने उसे ही चाहता पूरे दिलो जान से
मैं उसके अलावा किसी और से मोहब्बत कर नहीं सकता
18
मेरी दुनिया मेरा सब कुछ हो तुम
मेरे लिए तो मेरी चाहत हो तुम
दिल मेरा दिल तोड़ दिया तुमने
तो मुझे कोई शिकायत नहीं की
मेरे लिए तुम मेरी मोहब्बत हो तुम
19
मुझे अगर छोड़कर चली भी जाओगी
फिर भी मैं तुम्हें कभी भूल नहीं पाऊंगा
क्योंकि कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं
जो दिल में रह जाते हैं
मैं कभी तुम्हें आसानी से उनसे जुदा नहीं कर पाऊंगा
20
अगर मोहब्बत करना इतना आसान होता है
अगर किसी से मिलना है इतना हसान होता है
तो फिर रहा है सही गुजर जाती
मगर हमारा तुम्हारा सफर इतना आसान होता है
21
हर कोई मेरा दिल तोड़ जाता है
हर कोई मुझसे वफा ले जाता है
मैं हमेशा चाहता रहता हूं कि कॉल करें मुझे
मोहब्बत पर हर दफा कोई मेरा दिल अपने साथ ले जाता है
22
मुझसे मोहब्बत किसी ने आज तक नहीं की
मुझसे किसी ने दिल लगी कभी नहीं की
मैंने हर किसी को चाहा है पूरे दिल से
पर उसने मेरे साथ कभी भी वफा नहीं की
23
वह मेरे साथ रहे मैं उस से मोहब्बत करूं
मैं हमेशा उस से ही चाहत करूं
मैं हमेशा चाहता हूं उससे
मैं उसे उसीकी इबादत का
24
मैं उससे जैसे मोहब्बत कर सकता हूं
मैं उसे कैसे अपना बना सकता हूं
वह तो किसी और की हो चुकी है मेरा दिल तोड़कर
मैं अब उससे कैसे इश्क का इजहार कर सकता हूं
25
मोहब्बत के बारे में कुछ जानता नहीं था
मैं शायद उसकी शख्सियत पहचानता नहीं था
वह तो मेरा दिल तोड़ कर जाना ही चाहती थी
मैं उसे जबरदस्ती अपना मानता था
26
मुझे नहीं पता था एक दिन ऐसा भी आएगा
हर शक्स मुझे रुलाएगा
मैं जिस से करता हूं मोहब्बत
वह ही मुझे एक दिन बीच रास्ते में छोड़ कर चला जाएगा
27
मैंने उससे मोहब्बत इतनी की थी
जितनी मैंने आज तक किसी से मोहब्बत नहीं की थी
मैंने उससे कभी इश्क में कोई शिकायत नहीं की
मैंने उसे ही माना है अपना
मैंने तब उसके अलावा किसी और से वफा नही कि
पर वह फिर भी मेरा दिल तोड़ कर किसी और को चाहने लगी है हां वह मेरी मोहब्बत से तंग आने लगी है।।
28
मैं सफर में उसे अपना मानता रहा
मैं उसे अपना सब कुछ बताता रहा
उसने सिर्फ फायदा ही देखा अपना
मैं उससे अपना दिल से लगाया नहीं रखा
29
अगर उसके दिल में मेरे लिए थोड़ी सी भी मोहब्बत होती
अगर वह मुझसे थोड़ी सी भी वफा कर रही होती
तो वह इस तरीके से मुझे छोड़कर नहीं जाती
अगर वह थोड़ी सी मेरी बन कर रही होती
30
शायद में ही जबरदस्ती का आस्था निभा रहा था
शायद में ही उसे जबरदस्ती अपना बना रहा था
उसने तो कभी मुझे चाहने की कोशिश ही नहीं की
शायद मैं ही था जो उससे मोहब्बत निभा रहा था
31
तूने उससे मोहब्बत निभाना चाहता
अब तो मुझे अपना बनाना भी नहीं चाहता
मैंने कब कहा है कि वह किसी और के साथ रहे
पर हमने उसे अपने दिल से लड़ाना भी नहीं चाहता
32
अब मुझ में और सहने की शक्ति नहीं बची है
हमने और किसी से मोहब्बत कर नहीं सकता
हां मैंने चाहत की है उससे बेपनाह
पर मैं अब किसी और को
अपने दिल के साथ खेलने नहीं दे सकता
33
मैं तो मेरे दिल को एक खिलौना समझा था
उसने तो मेरे जज्बातों को महज
अपनी जरूरत का सामान समझा था
जब उसने चाहा उसकी मर्जी से खेला
जब उसका जी भर गया उसने उसके लिए तोड़ कर फेंक दिया इसी तरह उसे मुझे बीच सफर में रोता हुआ छोड़ दिया।।
34
अगर किसी से मिलना है इतना आसान होता है
अगर किसी से मोहब्बत करना इतना आसान होता है
तो हम सिर्फ हमें किसी के पास जाना इतना आसान होता है
35
मैं उसे अपनी हर ख्वाब में देखना चाहता हूं
हां मैं सिर्फ उससे मोहब्बत करना चाहता हूं
मैंने हमेशा चाहत की है उससे ही
मैं उसे अब अपना बनाना चाहता हूं
36
वह तो मुझे अपनी बातों से बात होती है
अपने पास किसी बहाने से बुला लेती है
मैं ही नहीं करता हूं उससे मोहब्बत होगी
वह तो हमेशा मुझे अपना बनाने की कोशिश कर लेती है
37
मैं उसे चाहूं और हरदम में उसे ही चाहता रहूंगा
मैं उससे ही अपनी मोहब्बत निभाता रहूंगा
हां मैं नहीं किया है उससे प्यार का इजहार
और मैं हमेशा उसे अपने दिल में बसा के रखूंगा
38
मैं उसे इस तरीके से चाहूंगा यह मैंने सोचा था
वैसे ही मोहब्बत निभाउंगा यह मैंने सोचा था
पर वह दिल तोड़ कर चली जाएगी मेरा इस कदर
कभी मेने ख्वाब भी नहीं देखा था
39
अक्सर हम जो नहीं सोचते वही हो जाता है
जिस इंसान से दिल लगाते हैं वही चला जाता है
हम करते हैं जिससे अपनी मोहब्बत की चाहत
वो हमको सफर में अधूरा छोड़ कर चला जाता है
40
जैसे रोने धोने से कुछ नहीं होता
किसी को अपना बनाने से कुछ नहीं होता
हां हमने तो तुम्हें ही चाहा है हमेशा
पर शायद तुम्हारी मोहब्बत को हम पर यकीन नहीं होता
41
उसे मुझ पर कभी ऐतबार नहीं आया
मेरी मोहब्बत पर कभी प्यार नही आया
तुमसे हमेशा जहां मेरा दिल तोड़ कर जाना
उस पर मुझे फिर विश्वास नहीं आया
42
मेरा दिल तो हजार दफा टूट चुका है
अभी हर जगह से टूट कर बिखर चुका है
अब इसके पास किसी और की मोहब्बत मांगी नहीं रही
यह तो हर रास्ते को बीच सफर में छोड़ चुका है
43
हमें कभी किसी से माफी नहीं मानता हूं
मैं अब किसी से अपनी मोहब्बत की भीख नहीं मांगता हूं
अगर वो जा रही है मेरा दिल तोड़ कर
तो मैं उसे जाने देता हूं
मैं कभी उसके पीछे अब अपनी जिंदगी बर्बाद नहीं करता हूं
44
मैंने उसे अपना बनाने की बहुत कोशिश की है
मैंने हर दफा गलती नहीं की है
मैंने उससे माफी मांग ली है सो दफा
फिर भी उसने मेरा दिल तोड़ा है
उस कभी मेरे प्यार की इज्जत नहीं की है
45
मैं थोड़ी सी मेरे प्यार की इज्जत की होती
अगर उसने थोड़ी सी मुझे चाहा होता
तो मैं उसे बुला कर लेता शायद अपने पास
अगर उसने मुझसे थोड़ा सा भी प्यार निभाया होता
46
वह मुझसे अगर प्यार निभा वेगी तो क्या हो जाएगा
मुझसे मोहब्बत कर ले यह तो क्या हो जाएगा
और वह तो शायद मुझसे मोहब्बत करना ही नहीं चाहती
अगर वह मुझसे प्यार कर लेगी तो क्या हो जाएग
47
चले जाओ यह हो नहीं सकता
हमसे सारी स्थितियों पर चले जाओ यह हो नहीं सकता
अरे हम तो सच्चा प्यार करते हैं उससे
हमसे इस तरीके से बीच सफर में छोड़ कर चले जाएं
यह तो कभी हो नहीं सकता
48
हम चाहत करते हैं उससे हम मोहब्बत करते हैं उससे
हमने उसे ही दिलो जान से चाहा है
हम दिल तोड़ कर भी उसके होते हैं हमेशा
जिसने हर दफा ठुकराया है हमसे मोहब्बत उसने कभी नहीं निभाया है।।
49
जो कभी हमें अपना समझते थे
जो कभी हमसे मोहब्बत करते थे
आज उन्होंने हमें मुड़कर नहीं देखा
वह चले गए हमें छोड़ कर इस तरह
होगी फिर हमारी तरफ दोबारा नहीं देखा
50
अगर वह हमारा ख्याल नहीं करना चाहते हैं
आ जाओ हमारे पास नहीं रहना चाहते तो
हम भी उन्हें आजाद करते हैं अपनी मोहब्बत से
अगर वह हमारा दिल तोड़ कर जाना नही चाहते
51
वह तो हमेशा से ही अपनी औकात दिखाना चाहते थे
वह तो हमारी मोहब्बत को बदनाम करना चाहते थे
हमने तो हमेशा की है उनसे मोहब्बत
पर वह शायद किसी और से रिश्ता नहीं करना चाहते थे
52
उन्हें हमारी मोहब्बत रास नहीं आई है
उन्हें तो कभी भी हमारी जिंदगी रास नहीं आई है
हमने चाहा है उन्हें हमेशा इस तरह
पर उन्हें शायद हमारी चाहत ही समझ नहीं आई है
53
हमें किसी को यहां मोहब्बत समझाने नहीं बैठा हूं
मैं यहां किसी से प्यार करने नहीं बैठा हूं
अगर वह चाहे तू खुश रह सकती है किसी के भी साथ
में यहां पर किसी से दिल लगाने को नहीं बैठा हूं
54
अरे उसने मेरा दिल तोड़ा है
मगर उसने मुझे छोड़कर जाने का निश्चय किया है
तो मैं कभी भी उसे अपना बनाने की कोशिश नहीं करूंगा उसने मोहब्बत में दूर जाने का वादा किया है
55
एक मैं हूं जो उससे हमेशा मोहब्बत करता हूं
एक मैं हूं जो हमेशा उस से हराया वादा निभाया करता हूं
वह तो कभी भी मेरे बारे में एक बार भी नहीं सोच
में ही हूं उससे हमेशा अपना दिमाग मैं रखता हु
56
उसने तो कभी शायद मुझसे मोहब्बत
करने के बारे में सोचा ही नहीं है
उसने तो कभी मुझसे रिश्ता निभाने के बारे में सोचा ही नहीं है वह तो हमेशा से ही चाहती थी मेरा दिल तोड़ना
उसने तो कभी मोहब्बत करना सीखा ही नहीं है
57
मेरी चाहत का अंदाजा तो वह कभी भी नहीं लगा पाई है
वह शायद अब मुझसे कोई भी रिश्ता नहीं निभाई नहीं पाई है जब उसने तय किया है मेरा दिल तोड़ कर जाना
तो फिर वह अब कभी भी मुझसे वापस मिल नहीं पाएगी
58
वह मेरी चाहत को नहीं समझती है
वह तो मुझे भी नहीं समझती है
मैंने माना है उसे हर दफा अपना
वह तो मुझे आज कुछ भी नहीं समझती है
59
मैं उससे चाहता हूं मैं उससे प्यार करता हूं
हां मैं तो सिर्फ उससे ही मोहब्बत करता हूं
मै हमेशा से उसे ही माना है दिलों जान से अपना
मैं तो हमेशा उसकी ही चाहत करता हूं
60
अगर वह मेरा दिल तोड़ कर चली भी जाएगी
तो फिर भी मुझे भुला नहीं पाएगी
मैं तो उससे ही करता रहूंगा हमेशा मोहब्बत
वह मुझे कभी भी अपने दिल से निकाल नहीं पाएगी
62
वह मुझे चाहे मैं तो यही चाहता हूं
वह मुझसे मोहब्बत तो मैंने भी उससे प्यार करना चाहता हूं
पर उसे मेरी मोहब्बत पर कभी कभी यकीन नही आएगा
मैं यह नहीं जानता उसे कब वापस खुदा
मेरे पास लाएगा मैं नहीं जानता
63
एक बार अगर वह मेरी मोहब्बत के बारे में सोच लेना
एक बार जरूर मुझसे मोहब्बत कर लेगी
जान मैं भी उसे अपना दिल दे पाऊंगा
अगर वो एक बार मुझ पर एतबार कर लेगी
64
वह मेरा दिल तोड़कर हमेशा जाना चाहती थी
वह मुझसे हमेशा रिश्ता तोड़ना चाहती थी
मैंने ही कोशिश की थी कि मैं बनाए रखो इस रिश्ते को
वह तो हमेशा से ही किसी और से मोहब्बत करना चाहती थी
65
मैंने इस रिश्ते को बचाने की हर मुमकिन कोशिश की है
मैंने उससे मोहब्बत निभाने की हर मुमकिन कोशिश की है
पर उसे मेरी मोहब्बत पर कभी भी यकीन नहीं आया
मैंने उसे अपनी मोहब्बत पर यकीन दिलाने की कोशिश की है
66
जिंदगी में हम कुछ इस तरह से बदल जाएंगे
हम सब से दूर चले जाएंगे
हम ने किया सबसे मोहब्बत पर हम किसी को पसंद नहीं आएंगे हमने तो सोचा भी नहीं था 1 दिन ऐसा आएगा
जब हम उसे याद कर पाएंगे और वह हमें भूल जाएंगे
67
वह तो अब मुझे भूल चुकी है
वह तो मुझसे रिश्ता तोड़ चुकी है
वह नहीं करती है अब मुझसे मोहब्बत
वो तो अपने सारे वादे तोड़ चुकी है
68
मैं आपसे कोई बात करना नहीं चाहता
मैं अब उसे अपने पास बुलाना नहीं चाहता
मुझे नहीं रखना है या मुझसे कोई भी मतलब
मैं अब उसे कुछ समझाना नहीं चाहता
69
उसकी चाहत उसकी मोहब्बत को ही मैंने अपना माना है
मैंने उसे ही दिलो जान से चाहा है
मैं करता हूं मुझसे मोहब्बत और सही करता रहूंगा
मैंने उसे ही अपना खुदा माना है
70
याद भी आती है मुझे रुलाती भी है
मुझे फिर भी मोहब्बत उसी से है
मुझे जिसने कभी चाहा था मुझे
71
मेरी चाहत तो शायद उससे अंदाजा नहीं है
मेरी मोहब्बत का शहर से अंदाजा नहीं है
वह मुझे कितना भी छोड़ कर चली जाएगी
मैं कभी उसे भूल नहीं पाऊंगा
मैं कभी उसे अपने दिल से निकाल नहीं पाऊंगा
72
मोहब्बत की थी मैंने उससे मैं उससे करता रहूंगा
मैं उसे ही अपने पास ऐसे ही रखूंगा
मैंने चाहा है उसे हमेशा उसे
मैं उसे ऐसे ही चाहता रहूंगा
73
उसकी मोहब्बत को ही मैंने अपना बना रखा है
मैंने उसे ही अपने दिल से लगा रखा है
मैं चाहता हूं क्यों मुझसे मोहब्बत करें
मैंने उसे अपना दीवाना बना रखा है
74
तुम मुझे याद कर ले तो फिर मेरी भी कुछ जरूरत हो जाए उससे बात करने की थोड़ी सी हिम्मत हो जाए
वह मुझे बहुत याद आता है शख्स हर पल
वह मुझे मिल जाए तो फिर से मुझे उससे मोहब्बत हो जाएगी
75
वह तो मुझे छोड़कर जाना चाहता है
वह मुझसे मोहब्बत नहीं करना चाहता है
मैं ही बैठा रहता हूं उसके इंतजार में
वह तो कभी फिर मेरे पास नहीं आना चाहता है
76
उसमें तो मेरा दिल हमेशा ही तोड़ दिया है
उसने तो मुझे हमेशा अकेला छोड़ दिया है
एक मैं ही रहा करता हूं उसके इंतजार में
उसने तो हर दफा मुझ से मुंह मोड़ लिया है
77
मैं हमेशा ही उससे मोहब्बत करता हूं
मैं हमेशा ही उसे चाहत करता हूं
वह मेरे साथ थोड़ा सा बिताए मैं तो यही चाहता हूं
मैं हमेशा उससे ही मोहब्बत करना चाहता हूं
78
मुझे छोड़कर चला भी जाएगा तो क्या होगा
वह मेरे पास आएगा नहीं भी तो क्या हुआ
अब तो मेरा दिल टूट ही चुका है
अगर वह मुझे यूं हर दफा जिंदगी भर
रोने मजबूर कर देगा तो भी क्या होगा
79
मै अब किसी से कुछ नहीं कहता हूं
मैं अकेला बैठ कर रो लिया करता हूं
क्योंकि इस दुनिया में कोई किसी का नहीं होता
यहां पर हर कोई एक दूसरे का सगा नहीं होता
80
यह सफर मोहब्बत ऐसे ही चलता जाएगा
यहां पर कोई अपने पास कभी नहीं आएगा
हम आप से करते रहेंगे मोहब्बत ही सही
पर कोई भी आपको इसे संभाल नहीं पाएगा
दिल तुम्हें दिया है हमने हमारा तो कोई अब आपके पास
नहीं आएगा।।
81
उसने मेरा दिल तोड़ दिया
उसने मुझे अन्दर से तोड़ा
और फिर अकेला छोड़ दिया
मैं रोता रहा उसके इंतजार में
उसे मुड़ कर नहीं देखा उसने मुझे अकेला कर दिया
82
वह तो मुझे अकेला ही करना चाहती थी
वह तो मुझसे मोहब्बत कहां करना चाहती थी
मैं ही बैठा रहता था हमेशा उसके इंतजार में
वह तो हमेशा ही मुझसे प्यार करना चाहती थी
83
मैं हमेशा उससे दूर नहीं जाना चाहता था
मैं तो हमेशा उसके पास रहना चाहता था
और उसने इतना रुलाया है मुझे
में पत्थर दिल बन गया हूं
मैं उसके पास कभी रहना नहीं चाहता
मैं अब उससे मोहब्बत करना नहीं चाहता
84
मेरा दिल तो अब टूट चुका है
मैं उसे कभी छोड़ना नहीं चाहता
वह चाहे किसी के भी साथ रहे
मैं उसके पास आना नहीं चाहता
मेरी मोहब्बत को जब उसने ठुकरा दिया है
तो फिर मैं भी उससे मिलना नहीं चाहता
85
मैंने उसे हमेशा गले से लगाया है
मैंने उसे हमेशा अपनी मोहब्बत बताया है
पर उसने मेरी एक बार भी कदर नहीं की
उसने तो हमेशा किसी और को अपना हमसफर बनाया है
86
वो किसी और के साथ खुश रहो करती है
वह किसी और से चाहत भी करती है
तो मैं उससे मोहब्बत नहीं करूंगा
जब वह किसी और के साथ अपना बसेरा करती है
87
अभी मेरे पास नहीं आती
वह कभी मुझसे नजरें नहीं मिलाती
उससे करता हूं मोहब्बत लेकिन
कभी मुझसे मोहब्बत नहीं जताती
88
मेरी मोहब्बत को उसने कभी नहीं समझा
मुझे हमेशा रुलाया उसने मुझे कभी अपना नहीं समझा
मैं तो हमेशा रहती हूं उसके इंतजार में
पर उसने में हमेशा दिल तोड़ा है
उसने कभी भी मुझसे प्यार नहीं किया
उसने कभी मुझे अपने काबिल नही समझा
89
उसने कभी मुझसे प्यार नहीं किया
उसने तुम्हारा इंतजार किया
वह मुझसे बात करना चाहती थी
पर उसने कभी भी मुझसे बात करने के
बाद कभी मेरा नाम भी नहीं लिया
90
अब हम इस तरह ना भुला नहीं सकते
अब हम उन्हें इस तरह दिल से निकाल नहीं सकते
हम नहीं चाहते उन्हें हम उन्हें ऐसे ही चाहते रहेंगे
हम उन्हें अब इस कदर बीच सफर में छोड़ नहीं सकते
91
उनकी मोहब्बतें हम उन्हें से जाने नहीं देंगे
हम उनसे दूर होने नहीं देंगे
हमने चाहा की है उन्हें
हम उनकी ही बने रहना चाहते हैं
हम कभी उनको हमरा दिल हमारा तोड़ने नहीं देना
92
अगर तुम्हरा हम से मन भर गया है तो कह सकते हो
तुम हमें छोड़कर जा सकते हो
हम भी नहीं करना चाहते हैं मोहब्बत तुमसे
तुम किसी और को गले लगा सकते हो
93
ए चाहती है मोहब्बत होना इतना आसान नहीं होता है
हर किसी को मिल जाए हमसफर यह जरूरी नहीं होता है
पर हमने तो तुम्हें ही चाहा है हमेशा
क्या फिर भी तुम्हारे लिए हमसे बढ़कर और कोई होता है
94
मुझे तुम्हारी चाहत इस कदर हो गई है
मुझे तुमसे मोहब्बत है इस कदर हो गई है
मैंने तो तुम्हे ही समझा है अपना
तो तुमने जब से मेरा दिल तोड़ा है
तो फिर मुझे तुमसे शिकायत हो गई
95
मेरी चाहत मेरी मोहब्बत हो तुम
मेरे लिए तो मेरा सब कुछ हो तुम
मैंने तुम्हें ही माना है अपना दिल और जान से
मेरे लिए तो मेरी प्रेमिका महबूबा हो तुम
96
आखिर मेरा दिल तोड़कर तुम्हें क्या मिला
यू मुझे अकेला छोड़कर तुम्हें क्या मिला
तुम भी तो अब दर्द के आलम में जी रही हो
तो फिर मेरे मुझे इस तरीके से
अंदर से तोड़कर तुम्हें क्या मिला
97
बस तुम मुझसे थोड़ी सी मोहब्बत किया करो
बस तुम थोड़ा सा मेरा साथ दिया रहो
मैं कभी नहीं जाऊंगा तुम्हें छोड़कर
बस तुम्हें थोड़ा तो सफर में इंतजार किया करो
तुमने तो दिल से इस कदर चली गई
तुम मेरा साथ छोड़कर हमेशा चलेगी
98
तुम मेरा साथ कभी भी छोड़कर मत जाना
तुम मुझे इस तरह बीच रास्ते में अधूरा छोड़कर मत जाना
मैं तुमसे करता हूं प्यार तुम मेरा दिल तोड़ कर मत जाना
हमने तुमसे की है मोहब्बत
तुम हमेशा मेरे साथ किया हुआ वादा निभाना
99
मैं तुम्हारे साथ हर वादा निभाना चाहता हूं
मुझे तुमसे मोहब्बत करना चाहता हूं
हां मैंने तुमसे ही की है चाहत हमेशा
हमें तो नहीं अपना बनाना चाहता हूं
100
अगर तुम्हें कभी मेरी याद आए
तो तुम कभी वापस लौट कर मत आना
तुम कभी भी मुझे अपनी शक्ल मत दिखाना
क्योंकि तुम अब मेरा दिल तोड़ चुकी हो हर तरीके से
तो अब इस दिल में तुम कभी भी अपनी जगह मत बनाना

Final Words:

तो दोस्तों ये था टूटे दिल की शायरी, हम उम्मीद करते है की आपको ये टूट टूट गया वाली शायरी जरुर अच्छी लगी होगी. यदि आपको हमारी ये शायरी कलेक्शन पसंद आई है तो इस पोस्ट को १ लाइक जरुर करे और अपने बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड के साथ भी शेयर करे धन्येवाद.

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